Proton Meet - निजता नीति
आखिरी बार संशोधन: 17 सितंबर 2026
ये सब-नीति Proton निजता नीति का अभिन्न हिस्सा है। ये डेटा प्रोसेसिंग गतिविधियों की जानकारी देता है, जो खास तौर पर Proton Meet इस्तेमाल करते वक़्त आपके Proton खाते के बनाए जाने और उसकी गतिविधि से जुड़ी होती हैं।
खाते की गतिविधि: Proton Meet में शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन इस्तेमाल होता है, जो Internet Engineering Task Force के मानक Messaging Layer Security (MLS) पे आधारित है, इसका मतलब है कि Proton को आपकी मीटिंग्स की सामग्री, जिनमें ऑडियो, वीडियो, स्क्रीन शेयरिंग या चैट संदेश शामिल हैं, तक एक्सेस नहीं होता। इस तरह का सारा डेटा आपके डिवाइस पे एन्क्रिप्ट किया जाता है और इसे सिर्फ मीटिंग के हिस्सेदार ही डीक्रिप्ट कर सकते हैं। मीटिंग की सत्यापन प्रक्रिया Secure Remote Password (SRP) प्रोटोकॉल के ज़रिए सुरक्षित की जाती है, जिससे ये पक्का होता है कि Proton के सर्वर मीटिंग के पासवर्ड तक एक्सेस किए बिना हिस्सेदारों की पुष्टि कर सकें। मीटिंग के पासवर्ड होस्ट के डिवाइस पे बनाए जाते हैं और Proton के सर्वर पे कभी नहीं भेजे या स्टोर किए जाते, मीटिंग लिंक के ज़रिए शेयर करने पे भी नहीं। Proton Meet के सर्वर सेवा देने के लिए ज़रूरी कम से कम तकनीकी डेटा ही प्रोसेस करते हैं, जैसे क्षणिक मीटिंग आइडेंटिफ़ायर और रीयल-टाइम डेटा रूटिंग, लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद मीटिंग की सामग्री या मेटाडाटा, जैसे हिस्सेदारों की सूची या सोशल ग्राफ़, स्टोर नहीं करते। Proton को एन्क्रिप्शन चाबियों या मीटिंग के पासवर्ड तक एक्सेस नहीं होता, इसलिए वो मीटिंग्स को डीक्रिप्ट या रिकॉर्ड नहीं कर सकता। हिस्सेदार गुमनाम तौर पे शामिल हो सकते हैं और सिर्फ उनके चुने हुए नामों से पहचाने जाते हैं, जो शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्ट होते हैं। मीटिंग बनाने और कनेक्शन जैसे कार्यक्रमों से जुड़ा सीमित ऑपरेशनल डेटा सेवा की कार्यक्षमता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रोसेस किया जा सकता है, लेकिन उपयोगकर्ता के डेटा का इस्तेमाल कभी विज्ञापन के लिए नहीं किया जाता। पुरानी कॉल्स के सीमित तकनीकी लॉग डीबग करने के मकसद से कुछ वक़्त के लिए रखे जाते हैं, लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद उनमें मीटिंग की सामग्री या मेटाडाटा, जैसे हिस्सेदारों की सूची या सोशल ग्राफ़, स्टोर नहीं रहता।
डेटा सुरक्षा: Proton Meet रीयल-टाइम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग देने के लिए अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स पे निर्भर करता है। ये प्रोवाइडर्स डेटा के ट्रांसमिशन और रूटिंग को हैंडल करते हैं, लेकिन सारी मीटिंग सामग्री, जिनमें ऑडियो, वीडियो, स्क्रीन शेयरिंग और चैट संदेश शामिल हैं, आपके डिवाइस से निकलने से पहले क्लाइंट साइड पे Messaging Layer Security (MLS) के ज़रिए शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्ट की जाती है। इसका मतलब है कि इंफ्रास्ट्रक्चर सिर्फ एन्क्रिप्ट किए हुए डेटा को प्रोसेस करता है और उपयोगकर्ता की कोई असली जानकारी तक एक्सेस नहीं कर सकता।