डाटा लीक की संख्या हर साल बढ़ती है, क्योंकि हैकर्स व्यवसायों में घुसने के नए तरीके खोजते हैं, कीमती जानकारी चुराते हैं, फंड साइफन करते हैं, या डाटा को फिरौती के लिए बंधक बना लेते हैं।

सिर्फ सबसे बड़े लीक ही खबरों में आते हैं। ज़्यादातर पर किसी का ध्यान ही नहीं जाता, जिससे चल रहे साइबरअटैक का असली पैमाना छिपा रहता है। ये साइलेंट संकट हमें ये समझने से रोकता है कि कौन या क्या निशाना बन रहा है। सबसे अहम बात, इसकी वजह से व्यवसाय उन जोखिमों को बहुत ज़्यादा कम आंकते हैं जिनका उन्हें सामना करना पड़ता है।

बिज़नेस लीडर्स को रियल-टाइम जानकारी देने के लिए, हम दुनिया का पहला Data Breach Observatory लॉन्च कर रहे हैं। ये फ्री, सार्वजनिक हब आपको दिखाएगा कि डाटा डार्क वेब पे कहां लीक हो रहा है, ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी की स्थिति पे रोशनी डालेगा और संगठनों को उभरते जोखिमों को समझने में मदद करेगा।

Observatory पे जाएं

Data Breach Observatory को Proton की एब्यूज़ टीम बनाती और संभालती है, और ये हमारी डार्क वेब मॉनिटरिंग सर्विस को सक्षम करने वाले कुछ इन्टेलिजेंस सोर्स(नई विंडो) से वेरिफाइड डाटा लेता है। सेल्फ-रिपोर्टिंग पे भरोसा करने की बजाय, जो डाटा लीक की सच्चाई को सही तरीके से दर्शाती नहीं, हम खुद सोर्स तक गए, यानी डार्क वेब तक, जहां साइबर क्रिमिनल जानकारी और रिसोर्स का सौदा करने जाते हैं।

अब तक हमने क्या सीखा है

2025 में हुए डाटा लीक की जांच करते हुए, हम ये पता लगा पाए हैं कि हैकर्स किसे निशाना बनाते हैं और क्या ढूंढ रहे होते हैं।

रिटेल सबसे ज़्यादा निशाना बनने वाला सेक्टर है

Data Breach Observatory पहचाने जा सकने वाले सोर्स से 794 लीक वेरिफाई कर पाया, जिनमें 30 करोड़ से ज़्यादा रिकॉर्ड एक्सपोज़्ड हुए। सबसे ज़्यादा निशाना बनने वाले सेक्टर रिटेल (25.3%), टेक्नोलॉजी (15%), और मीडिया/एंटरटेनमेंट (10.7%) थे। जब हमें पता चलता है कि कौन सी इंडस्ट्री हैकर्स को सबसे ज़्यादा आकर्षित करती है, तो हम उनके मकसद को ज़्यादा साफ तौर पे समझना शुरू कर सकते हैं, और ये अंदाज़ा लगा सकते हैं कि वे क्या ढूंढ रहे हैं और व्यवसाय में क्या सुरक्षित रखना ज़रूरी है।

SMB हैकर्स का टॉप निशाना हैं

छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय (1–249 कर्मचारियों वाली कंपनियां) रिपोर्ट किए गए लीक का 70.5% हिस्सा थे। बड़ी कंपनियां (250–999 कर्मचारी) डाटा लीक का 13.5% हिस्सा थीं, और 1,000+ से ज़्यादा कर्मचारियों वाले एंटरप्राइज़ संगठन बाकी बचे 15.9% हिस्से के थे। SMB हैकर्स के लिए परफेक्ट निशाना हैं, क्योंकि हालांकि ये एंटरप्राइज़ संगठन की तुलना में छोटा पैसा दे सकते हैं, इन्हें ब्रीच करना काफी आसान है, क्योंकि इनके पास कम सिक्योरिटी प्रोटेक्शन होते हैं।

नाम और कॉन्टैक्ट जानकारी सबसे ज़्यादा लीक होती है

क्रिमिनल्स के लिए कोई भी जानकारी कीमती होती है, खासकर वो जानकारी जो उन्हें फिशिंग घोटाले बनाने या व्यवसाय के नेटवर्क में बिना अनुमति घुसने में मदद करती है। नाम और ईमेल 10 में से 9 लीक में दिखते हैं, जिससे ये हैकर्स के लिए सबसे आसानी से मिलने वाली जानकारी बन जाती है। 72% डाटा लीक में कॉन्टैक्ट डाटा था, जैसे फोन नंबर या पता, और 49% में पासवर्ड भी शामिल थे। सेंसिटिव डाटा, जैसे सरकारी ID, हेल्थ रिकॉर्ड, और अन्य पर्सनली आइडेंटिफायबल जानकारी, कुल मिलाकर 34% डाटा लीक में पाया गया।

जानकारी ही ताकत है

कई लीक रिपोर्ट नहीं होते या पकड़े ही नहीं जाते — डार्क वेब मॉनिटरिंग के बिना, हो सकता है आपको पता ही न चले कि आप हैक हो चुके हैं। कुछ मामलों में, कानून के हिसाब से व्यवसायों को घटनाओं का खुलासा करना ज़रूरी नहीं हो सकता, और बदनाम होने के डर से वे ऐसा करने से बचते हैं।

व्यवसाय के डाटा लीक को ट्रैक करना आने वाले लीक को समझने और रोकने के सबसे असरदार तरीकों में से एक है। Data Breach Observatory जागरूकता बढ़ाता है कि डाटा लीक असल में कितने आम हैं, बड़े डार्क वेब लीक को ट्रैक करता है और इंडस्ट्री और कंपनी साइज़ के हिसाब से एक्सपोज़र पैटर्न पहचानता है। सेल्फ-रिपोर्टेड लीक के पक्षपाती सैंपल पे भरोसा करने की बजाय, हम डाटा लीक की सच्चाई को वास्तविक रूप से देख सकते हैं और असली खतरों का आकलन कर सकते हैं।

Data Breach Observatory से आप लीक को इनके आधार पे खोज सकते हैं:

  • लीक की तारीख
  • लीक का साइज़ (रिकॉर्ड की संख्या)
  • छेड़छाड़ हुए डाटा का टाइप और सेंसिटिविटी
  • देश
  • कंपनी का नाम
  • इंडस्ट्री
  • कंपनी का साइज़

आप इस टूल का इस्तेमाल करके जांच कर सकते हैं कि आपके जैसे व्यवसायों पर असर कैसे पड़ रहा है, और उसके हिसाब से अपनी साइबर सिक्योरिटी मज़बूत करने का प्लैन बना सकते हैं।

अपने व्यवसाय को डाटा लीक से बचाएं

औसत डाटा लीक से व्यवसायों को वित्तीय नुकसान और रेगुलेटरी जुर्माने में $4.88 मिलियन का खर्च आता है। छोटे व्यवसायों के लिए, एक लीक से होने वाला नुकसान लाखों तक पहुंच सकता है। ये कई छोटे व्यवसायों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

डाटा लीक रोकने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? हैकर की तरह सोचना शुरू करें।

साइबर क्रिमिनल्स जानते हैं कि व्यवसाय की सिक्योरिटी में इंसान अक्सर सबसे कमज़ोर लिंक होता है। फिशिंग, प्रीटेक्स्टिंग, और स्पीयर फिशिंग जैसे अटैक में कर्मचारियों को सहकर्मी, C-level एग्जीक्यूटिव, या सर्विस प्रोवाइडर बनकर निशाना बनाया जाता है, ताकि वे अपने लॉगइन प्रमाण बता दें, सेंसिटिव जानकारी शेयर करें, या पेमेंट कर दें।

पक्का करें कि दो-फैक्टर सत्यापन पूरे व्यवसाय में सक्षम हो, और आपकी टीम के पास स्ट्रॉन्ग पासवर्ड नीति हो, साथ ही अपने खाते सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी टूल्स भी हों। बिना डाटा लीक वाले भविष्य की शुरुआत अपने संगठन को सही जानकारी से लैस करने से होती है: आप हमारी फ्री छोटे व्यवसायों के लिए सिक्योरिटी गाइड देखकर साइबर सिक्योरिटी के बारे में और जानें, या हमारी टीम से संपर्क करके पता कर सकते हैं कि कौन से टूल्स आपके व्यवसाय के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।