Dropbox क्लाउड स्टोरेज के सबसे बड़े नामों में से एक है, इसलिए हो सकता है कि आपको ये जानकर हैरानी हो कि ये सबसे सुरक्षित एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम का इस्तेमाल नहीं करता और आपकी निजता की रक्षा नहीं करता।
Dropbox बाहरी हमलों से सुरक्षित होने के बावजूद, इसे पहले भी डाटा लीक का सामना करना पड़ा है। ये शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन भी इस्तेमाल नहीं करता, और कंपनी किसी भी समय आपकी फ़ाइलों को एक्सेस कर सकती है। इस लेख में हम बताएंगे कि इसका मतलब क्या है और आप अपनी निजता खोए बिना, मुफ्त में क्लाउड में अपनी फ़ाइलों की सुरक्षा कैसे कर सकते हैं।
- क्या Dropbox एन्क्रिप्ट किया गया है?
- Dropbox असल में कितना सुरक्षित है?
- Dropbox की जगह क्या इस्तेमाल करें
क्या Dropbox एन्क्रिप्ट किया गया है?
पहली नज़र में, Dropbox मज़बूत सुरक्षा देता है, चाहे आपके डिवाइस से और आपके डिवाइस तक डाटा के ट्रांसफर के दौरान हो या उसके सर्वर पे स्टोर रहने के दौरान। ट्रांसिट के दौरान सुरक्षा को TLS से हैंडल किया जाता है, जो एक स्टैंडर्ड लेकिन शक्तिशाली एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल है और लगभग सभी ऑनलाइन सेवाएं इसका इस्तेमाल करती हैं। उदाहरण के लिए, जब आप ये लेख पढ़ें, तब भी हम इसी से आपके इंटरनेट कनेक्शन को एन्क्रिप्ट करते हैं।
जब फ़ाइलें Dropbox के सर्वर पे पहुंचती हैं, तो उन्हें मिलते ही डीक्रिप्ट किया जाता है और फिर दोबारा एन्क्रिप्ट किया जाता है, इस बार AES-256 का इस्तेमाल करके। ये एक सुरक्षित एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम है जिसका इस्तेमाल दुनिया भर की सरकारें, फ़ौजें और कंपनियां करती हैं। हम Proton में खुद भी इसे अपनी सभी सेवाओं में इस्तेमाल करते हैं।
ये तरीका, जिसमें फ़ाइलें ट्रांसिट के दौरान एन्क्रिप्ट की जाती हैं, फिर स्टोर होने से पहले डीक्रिप्ट करके दोबारा एन्क्रिप्ट की जाती हैं, कई क्लाउड स्टोरेज सेवाएं साइबर अपराधियों से बचने के लिए इस्तेमाल करती हैं। समस्या ये है कि Dropbox आपकी सुरक्षा और निजता के लिए एक बड़े खतरे को नज़रअंदाज़ कर देता है: खुद को।
Dropbox असल में कितना सुरक्षित है?
जब आप सुरक्षा की बात करते हैं, तो आमतौर पे आपका मतलब बाहर से आने वाले खतरों से होता है। जब आप कोई स्टोरेज यूनिट किराए पे लेते हैं, तो उस पे ताला लगाते हैं ताकि कोई उसके अंदर ना घुस पाए और आपका सामान ना चुरा ले। आपको इस बात की चिंता नहीं होती कि आपका पुराना फ़र्नीचर अपने आप भाग ना जाए।
हालांकि, जब डाटा की बात हो, तो आपको इस बात की थोड़ी चिंता ज़रूर करनी चाहिए कि जिन लोगों के पास आप अपना डाटा रखते हैं, वे उस जानकारी का क्या करते हैं। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि सेवा आपको बाहरी हमलों से कितनी अच्छी तरह बचाती है, अगर कंपनी के कर्मचारी आपकी फ़ाइलों को एक्सेस कर सकते हैं, तो वो असल में सुरक्षित नहीं है।
स्टोरेज यूनिट के मामले में, आप अपने ताले इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि चाबियां सिर्फ आपके पास हों। डिजिटल स्टोरेज के साथ, आप शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन (जिसे क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन भी कहा जाता है) नाम की चीज़ इस्तेमाल कर सकते हैं। ये एक ऐसा सुरक्षा तरीका है जिसमें फ़ाइलें सर्वर पे अपलोड करने से पहले आपके डिवाइस पे अपने-आप एन्क्रिप्ट कर दी जाती हैं। आपके स्टोरेज प्रोवाइडर के पास आपके डाटा की चाबी नहीं होती, और सेवा चलाने वाले लोगों के लिए वो फ़ाइलें पहुंच से बाहर होती हैं।
Dropbox किसी भी तरह से शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन नहीं देता। जैसा कंपनी ने अपनी वेबसाइट(नई विंडो) पे साफ बताया है, अगर आप शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आपको किसी तीसरें-पार्टी एन्क्रिप्शन टूल का इस्तेमाल करना पड़ेगा और एन्क्रिप्ट की गई फ़ाइलों को Dropbox पे अपलोड करना पड़ेगा। ये असुविधाजनक है और फ़ाइल सिंकिंग जैसे कई ज़रूरी फ़ंक्शन को असंभव बना देता है।

Dropbox में निश्चित रूप से आंतरिक सुरक्षा उपाय मौजूद हैं जो अपने कर्मचारियों को उपयोगकर्ता डाटा को एक्सेस करने से रोकते हैं, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को काफी भरोसा करना पड़ता है। भले ही Dropbox भीतरी खतरों से सफलतापूर्वक बचा रहे, इंसानी एरर की भी संभावना रहती है। क्लाउड स्टोरेज के इतिहास के सबसे बड़े लीक में से एक था 2012 का Dropbox हैक(नई विंडो), जिसमें एक कर्मचारी अपना पासवर्ड बार-बार दोहराता रहा, हैक हो गया, और 68 मिलियन उपयोगकर्ताओं के पासवर्ड खतरे में डाल दिए।
आपको लगता है कि टेक कंपनी का कर्मचारी जानता होगा कि पासवर्ड दोबारा इस्तेमाल कभी नहीं करने चाहिए, लेकिन इससे पता चलता है कि इंसानी एरर हाई-टेक परिस्थितियों में भी बड़ी भूमिका निभा सकती है।
Dropbox की निजता संबंधी समस्याएं
सुरक्षा जोखिमों के अलावा, क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन के ना होने का मतलब है कि Dropbox निजी नहीं है। जैसा Dropbox अपनी निजता नीति(नई विंडो) में बताता है, वो आपकी फ़ाइलें, खाते की जानकारी, संपर्क और अन्य निजी डाटा दूसरी कंपनियों, जैसे Google, Amazon और OpenAI, के साथ शेयर करता है। भले ही आपको Dropbox के पास आपका डाटा होने से कोई परेशानी ना हो, हो सकता है कि आप ना चाहें कि Dropbox उसे पूरे इंटरनेट पे फैलाए।
इसके ऊपर, Dropbox एक अमेरिकी कंपनी है जिसे सरकारी डाटा अनुरोधों का पालन करना ज़रूरी है। क्योंकि Dropbox आपकी फ़ाइलों को एक्सेस कर सकता है, कंपनी वो फ़ाइलें अधिकारियों के साथ भी शेयर कर सकती है(नई विंडो)।
Dropbox की जगह क्या इस्तेमाल करें
हो सकता है कि Dropbox पहली क्लाउड स्टोरेज सेवा रही हो, लेकिन ग्राहकों का डाटा हैंडल करने का उसका तरीका पुराना हो चुका है: क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन को छोड़ने की कोई ज़रूरत नहीं है।
Proton में हम अपनी सभी सेवाओं के लिए शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन इस्तेमाल करते हैं, जिसमें Proton Drive भी शामिल है। Drive के साथ आपको एक Dropbox विकल्प मिलता है, जिसका इस्तेमाल आप फ़ाइलों को अपलोड, सिंक, शेयर और यहां तक कि प्रीव्यू करने के लिए कर सकते हैं, और इस भरोसे के साथ कि उन्हें आपके और जिन लोगों के साथ आप शेयर करना चुनते हैं, उनके अलावा कोई नहीं पढ़ सकता — इसीलिए हम इसे ज़ीरो-एक्सेस एन्क्रिप्शन भी कहते हैं।
Proton Drive में Docs के साथ, आप दूसरों के साथ मिलकर डॉक्यूमेंट बनाने और उन्हें बदलने की आज़ादी भी पा सकते हैं, और ये जानकर कि डिफॉल्ट रूप से आपका कंटेंट शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन से सुरक्षित है।
हमारा कोड ओपन सोर्स है और उसकी जांच स्वतंत्र सुरक्षा विशेषज्ञ करते हैं। इससे हमारे कम्युनिटी को भरोसा मिलता है कि हमारा एन्क्रिप्शन वैसे ही काम करता है जैसा हम दावा करते हैं, और सिर्फ हमारी बात पर भरोसा करने की कोई ज़रूरत नहीं है।
इसके अलावा, हम आपका डाटा किसी के साथ शेयर नहीं करते। हमारा बिज़नेस मॉडल ज़्यादा स्टोरेज और अतिरिक्त खासियतों की सदस्यता पे आधारित है, विज्ञापन पे नहीं। भले ही हम आपका डाटा शेयर करना चाहें, नहीं कर सकते, क्योंकि हमारे पास उस तक एक्सेस ही नहीं है। हमारा शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन ज़रूरी मेटाडाटा पे भी लागू होता है।
Dropbox के उलट, हम स्विट्ज़रलैंड में हैं, जहां आपका डाटा दुनिया के सबसे मज़बूत निजता कानूनों में से कुछ द्वारा सुरक्षित है। हम सिर्फ तभी अपने पास मौजूद थोड़े से डाटा को सौंपेंगे, अगर स्विस अदालत का आदेश हो।
हम ये सब इसलिए करते हैं क्योंकि हम मानते हैं कि सिर्फ एक अच्छी, इस्तेमाल में आसान स्टोरेज सेवा देना काफी नहीं है — हमें एक बेहतर और ज़्यादा निजी इंटरनेट बनाने में भी हिस्सा बनना होगा। साल 2014 में लॉन्च होने के बाद से, कम्युनिटी की सहायता की बदौलत, ये हमारा मिशन रहा है, और आज भी यही है। अगर ये सुनने में ऐसा लगता है कि आप इसका हिस्सा बनना चाहेंगे, तो हमसे जुड़ें और आज ही एक मुफ्त Proton Drive खाता बनाएं।






