जब आप अपने Android डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, तो वो आपके पासवर्ड स्टोर करने का ऑफर देता है ताकि आपको खुद उन्हें याद रखना ना पड़े। लेकिन वो कहां स्टोर होते हैं और आप उन्हें कैसे ढूंढ सकते हैं? इस आर्टिकल में हम:
- आपको दिखाएंगे कि अपने सेव किए गए पासवर्ड कैसे ढूंढें
- Android और Google को करीब से देखेंगे
- आपको पासवर्ड मैनेजमेंट का एक विकल्प देंगे
इस डिवाइस पे मेरे सेव किए गए पासवर्ड कैसे ढूंढें
सोच रहे हैं कि “मेरे सेव किए गए पासवर्ड इस डिवाइस पे कहां हैं?” फिक्र ना करें। अपने Android डिवाइस पे सेव की गई हर चीज़ देखना बहुत आसान है।
अपने सेव किए गए पासवर्ड ढूंढने के लिए, आपको बस इतना करना है:
- सेटिंग चुनें
- पासवर्ड और खाते चुनें
या फिर अगर आप Google का ब्राउज़र Chrome इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप अपने पासवर्ड यहां से भी एक्सेस कर सकते हैं। इसके लिए:
- तीन डॉट्स ⋮ आइकन चुनें
- सेटिंग चुनें
- पासवर्ड चुनें
आपके डिवाइस पे यूज़रनेम या पासवर्ड के तौर पे सेव की गई हर चीज़ एक्सेस की जा सकती है।
Android के बिल्ट-इन पासवर्ड मैनेजर से क्या किया जा सकता है?
आपके Android डिवाइस पे मौजूद बिल्ट-इन पासवर्ड मैनेजर, जिसे Android Keystore कहा जाता है, आपके पासवर्ड स्टोर करने के लिए बनाया गया है और इससे ज़्यादा कुछ नहीं। ये आपके पासवर्ड फील्ड ऑटोफिल कर सकता है और साथ ही पासकी बना और संभाल भी सकता है। ये एक बेसिक यूटिलिटी है जो बताती है कि पासवर्ड मैनेजर से क्या उम्मीद कर सकते हैं।
लेकिन एक चेतावनी: अपने फोन में बिल्ट-इन पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करना, ऐसा ही है जैसे स्क्रीन प्रोटेक्टर या कवर के बिना फोन इस्तेमाल करना। आप ये कर सकते हैं, लेकिन इससे बेवजह का रिस्क बनता है।
क्या Android Keystore सुरक्षित है?
ये समझने के लिए कि क्या Android Keystore सुरक्षित है, हमें उस कंपनी को देखना होगा जिसने इसे बनाया है: Google। Android डिवाइस डेटा कलेक्शन के मार्केट पे इस कंपनी के दबदबे का बस एक तरीका है।
Apple का लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी होने के नाते, Google इस वक्त निजता की दौड़ में बराबरी करने की कोशिश कर रहा है (या यूं कहें privacy washing)। Android Keystore में स्टोर किया गया डेटा AES,(नई विंडो) का इस्तेमाल करके एन्क्रिप्ट किया जाता है, जो एक एन्क्रिप्शन स्पेसिफिकेशन है जिसे आमतौर पे सुरक्षित माना जाता है। ऐप खुद तो सुरक्षित है, हालांकि फंक्शनैलिटी सीमित है: जैसा कि हमने बताया, आप पासवर्ड और पासकी स्टोर कर सकते हैं और इससे ज़्यादा कुछ नहीं। लेकिन जब आप कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं, तो ये जानना ज़रूरी है कि उसे बनाने वाली कंपनी कौन है और उसके इरादे क्या हैं। हो सकता है कि Google का आपके हितों की चिंता ना हो।
क्या Google पर भरोसा किया जा सकता है?
हालांकि Google अपने विज्ञापनों में उपयोगकर्ता की निजता को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताने की कोशिश करता रहा है, हकीकत कुछ और ही कहती है। ये कंपनी अपने उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के बजाय अपनी विज्ञापन देने की क्षमताओं को बढ़ाने को तरजीह देती है: Android डिवाइसों पे अभी-अभी ज़ीरो-डे कर्नेल खामी समेत अड़तालीस कमज़ोरियों(नई विंडो) को पैच किया गया है।
Google Chrome में ट्रैकिंग कुकी खत्म करने(नई विंडो) के अपने फैसले से मुकर जाने ने भी उपयोगकर्ता की निजता के प्रति इसकी वचनबद्धता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। 16 फरवरी से ना सिर्फ कुकी अपनी जगह बनी रहेंगी, बल्कि Google डिजिटल फिंगरप्रिंटिंग का इस्तेमाल शुरू करेगा। Google ने दिसंबर 2024 में ऐलान किया था कि वो अपने विज्ञापन इकोसिस्टम में बदलाव(नई विंडो) कर रहा है, जो “टेक्नोलॉजी में आए ताज़ा बदलावों को दर्शाएंगे और हमारे पार्टनर्स की ज़रूरतों और उपयोगकर्ताओं की उम्मीदों को पूरा करेंगे।” इसका मतलब है कि ये कंपनी सिर्फ आपके कंप्यूटर और फोन से ही नहीं, बल्कि आपके स्मार्ट टीवी, गेम कंसोल और अन्य स्मार्ट डिवाइसों से भी कई तरह का डेटा जमा करना चाहती है।
Google का कहना है कि वो ये जानकारी इसलिए जमा करेगा ताकि मार्केटर्स लोगों तक पहुंच सकें, और इसके लिए पर्सनलाइज़्ड विज्ञापनों से ऑप्ट आउट का विकल्प हटाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन आप डिजिटल फिंगरप्रिंटिंग से ऑप्ट आउट नहीं कर सकते। आपके डिवाइसों की जानकारी आपकी जानकारी के बिना जमा की जा सकती है और अपनी सहमति हटाने का कोई तरीका नहीं है। निगरानी और ट्रैकिंग से ऑप्ट आउट करने की अपने उपयोगकर्ताओं की क्षमता के प्रति इस तरह की लापरवाही बिग टेक की खासियत है। हो सकता है कि आपके पासवर्ड Android Keystore में सुरक्षित हों, लेकिन Google आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित नहीं रख रहा।
और फिर है Google का अपने उपयोगकर्ताओं पे जासूसी करने का चलन। 2018 में, The Wall Street Journal ने इस दावे की जांच प्रकाशित की थी कि Google पर्सनलाइज़्ड विज्ञापन बनाने के लिए Gmail इनबॉक्स स्कैन करना(नई विंडो) बंद कर देगा, और पाया कि बाहरी सॉफ्टवेयर डेवलपर अब भी लाखों उपयोगकर्ताओं के इनबॉक्स स्कैन कर सकते थे। मेटाडाटा
आपको अपने गैर-प्राइवेट इकोसिस्टम से जोड़कर, Google का ये मानना है कि आप उसके सारे प्रोडक्ट्स पे निर्भर रहेंगे। जब आप पासवर्ड स्टोर करने, ईमेल भेजने, ऑनलाइन खोजने और भी बहुत कुछ के लिए Google पे निर्भर हो जाते हैं, तो उसे छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है। हो सकता है कि आप पहले से Android डिवाइस इस्तेमाल कर रहे हों, लेकिन आप ऐसे ऐप इंस्टॉल करने और ऐसी सर्विसेज़ इस्तेमाल करने का विकल्प चुन सकते हैं जो आपकी निजता की सुरक्षा करते हैं। पासवर्ड की सुरक्षा की बात आए तो आपको Google पे निर्भर रहने की ज़रूरत बिल्कुल नहीं है।
एक वैकल्पिक पासवर्ड मैनेजर: Proton Pass
Proton Pass एक शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्टेड पासवर्ड मैनेजर है जो Android के साथ-साथ सभी प्रमुख प्लैटफॉर्म पे उपलब्ध है। ये एक यूज़र-फर्स्ट पासवर्ड मैनेजर है जिससे आपके पासवर्ड जनरेट, स्टोर और ऑटोफिल करना आसान हो जाता है, जिससे आपका कीमती समय बचता है और आपकी निजता से छेड़छाड़ नहीं होती। Proton Pass वो सब करता है जो Android Keystore करता है, और उससे भी बहुत ज़्यादा।
Proton Pass से आप hide-my-email नकली-नाम भी बना सकते हैं। ईमेल नकली-नाम से आप अपना पर्सनल ईमेल पता छिपा सकते हैं ताकि कोई उसे ऑनलाइन ना देख सके। ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिहाज़ से आपका ईमेल पता आपके पासवर्ड जितना ही ज़रूरी है, इसलिए नया खाता बनाते या पब्लिक वाई-फाई पे साइनअप करते वक्त ईमेल नकली-नाम सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत हैं।
फ्री Proton Pass प्लैन के साथ, आप:
- अपने सभी डिवाइसों पे अनलिमिटेड पासवर्ड आसानी से सिंक करें
- सिर्फ कुछ क्लिक में सुरक्षित पासवर्ड जनरेट करें
- पासकी स्टोर और बनाएं
- 10 hide-my-email नकली-नाम बनाएं
- कमज़ोर और दोबारा इस्तेमाल किए गए पासवर्ड के लिए अलर्ट पाएं
Proton का मिशन है एक निजता-पहले इंटरनेट बनाना। एक ऐसा इंटरनेट जहां आपका डेटा ना बेचा जाए और ना ही आपको ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किया जाए, और जहां आप इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल कर सकें। हमने हर Proton प्रोडक्ट इसलिए बनाया है ताकि आप जो भी कर रहे हों, आपका ऑनलाइन शोषण ना हो सके। Proton Pass हमारा समाधान है जो आपको हैकर्स, फिशिंग, और किसी खाते से बाहर लॉक हो जाने की आम परेशानी से बचने में मदद करता है।
अगर आप ऐसा दूसरा पासवर्ड मैनेजर आज़माना चाहते हैं जो आपकी निजता को तरजीह देता है और आपका डेटा नहीं बेचता, तो आज ही Proton Pass आज़माएं।






