अगर आप Google के in-browser पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करते हैं, तो बहुत संभव है कि आप उसे Google Chrome पे इस्तेमाल कर रहे हों। हमने लिखा है कि Google Password Manager इस्तेमाल करना कितना सुरक्षित है, और हमने Proton Pass को Google Chrome और Android दोनों पर उपलब्ध कराया है, ताकि आप चाहें तो इसे इस्तेमाल कर सकें। लेकिन ये जानना ज़रूरी है कि आपका डाटा कैसे कलेक्ट किया जा रहा है और उसका इस्तेमाल किस लिए हो रहा है, ताकि आप ये तय कर सकें कि अपने पासवर्ड और दूसरे पर्सनल डाटा को कहां स्टोर करना है।
जब ऑटोफिल चालू होता है, तो Google आपकी दर्ज की गई जानकारी को Google Password Manager में स्टोर करता है और अगली बार उसी वेबपेज पे जाने पे उसे आपके लिए ऑटोफिल कर देता है। ऑटोफिल सुविधाजनक हो सकता है, क्योंकि आपको अपने कई खातों के अलग-अलग पासवर्ड याद रखने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
ऑटोफिल इस्तेमाल करने में सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन ये हमेशा सुरक्षित नहीं होता। उदाहरण के लिए, अगर आप अपना पर्सनल डिवाइस इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं या पब्लिक वाई-फाई पे इंटरनेट ब्राउज़ कर रहे हैं, तो आप ऑटोफिल बंद करना चाह सकते हैं। आपका पासवर्ड मैनेजर आपके पासवर्ड ऑटोफिल करे या नहीं, ये आप पे निर्भर करता है। लेकिन अगर आप ऑनलाइन सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो Google ecosystem पे कितना निर्भर होते हैं, इस बात से सावधान रहें। यहां एक बड़ा पहला कदम देखें जो आप उठा सकते हैं।
Chrome में अपनी Google ऑटोफिल सेटिंग कैसे बदलें
अगर आप Google Chrome इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी Google Chrome ऑटोफिल सेटिंग को कस्टमाइज़ कर सकते हैं। पासवर्ड ऑटोफिल को सक्षम या अक्षम करने के लिए, नीचे दिए गए कदम उठाएं:
- तीन डॉट्स ⋮ आइकन चुनें।

- सेटिंग चुनें।

- ऑटोफिल और पासवर्ड चुनें।

- Google पासवर्ड मैनेजर चुनें।

- सेटिंग चुनें

- ऑटोफिल चालू या बंद करने के लिए, पासवर्ड और पासकी सेव करने का ऑफ़र करें चुनें।

भुगतान तरीका ऑटोफिल (जैसे आपका क्रेडिट कार्ड) और पता ऑटोफिल को सक्षम या अक्षम करने के कदम इसी तरह हैं:
- ऊपर दिखाए गए चरण 1 से 3 तक फॉलो करें।
- भुगतान तरीके या पते और अन्य चुनें।

- भुगतान तरीकों के लिए ऑटोफिल चालू या बंद करने के लिए, भुगतान तरीके सेव करें और भरें चुनें।

- भुगतान तरीकों या पतों के लिए ऑटोफिल चालू या बंद करने के लिए, भुगतान तरीके सेव करें और भरें या पते सेव करें और भरें चुनें।

क्या Google Chrome एक अच्छा ब्राउज़र है?
Google Chrome दुनिया के सबसे लोकप्रिय ब्राउज़रों में से एक है। अनुमान है कि तीन अरब से ज़्यादा लोग इसे इस्तेमाल करते हैं। ये इस्तेमाल करने में आसान है और किसी वजह से लोकप्रिय है, लेकिन ये एक ऐसा बिज़नेस मॉडल भी है जो आपको Google ecosystem में रखे रहने पे निर्भर करता है।
Google Chrome को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि उपयोगकर्ता Google ecosystem में फंसे रहें, क्योंकि एक ही ब्राउज़र से अपना ईमेल, ड्राइव, पासवर्ड, कैलेंडर और बहुत कुछ देखना बहुत आसान होता है। लेकिन Google ऐसा अपने उपयोगकर्ताओं के हित में नहीं करता। वो आपको अपने ecosystem में बांधे रखता है क्योंकि उसे लगता है कि आपमें खुद को निकालने की ताकत नहीं होगी, और साथ ही ताकि वो आपके डाटा से मुनाफ़ा कमा सके।
आपके Google Password Manager में स्टोर किया गया डाटा विज्ञापन के उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं होता दिखता। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि Google उसे प्रोटेक्ट कर रहा है। आपका डाटा डिवाइस लेवल पे एन्क्रिप्ट नहीं होता, जिससे Google Password Manager बाज़ार में मौजूद दूसरे विकल्पों की तुलना में कम सुरक्षित विकल्प बन जाता है।
लेकिन Google Chrome के बारे में ये नहीं कहा जा सकता। ये ब्राउज़र Google के डाटा कलेक्शन ताज का रत्न है। आइए गहराई में देखें कि Google आपके डाटा से कैसे पैसे कमाता है।
Google आपके डाटा से कैसे पैसे कमाता है?
कंपनी का दावा है कि वो डाटा नहीं बेचती, लेकिन सच्चाई ज़्यादा जटिल है(नई विंडो)। Google अपने उपयोगकर्ताओं की गतिविधि के आधार पे उनकी प्रोफ़ाइल बनाकर पैसे कमाता है, और फिर थर्ड पार्टी को मार्केटप्लेस में उन उपयोगकर्ताओं को मार्केटिंग करने की अनुमति देता है। ये विज्ञापनदाताओं के साथ भी डाटा शेयर करता है, जिन्हें फिर अलग-अलग विज्ञापनों पे बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
Google और उसकी मुख्य कंपनी Alphabet ने ऐसा मॉडल बनाया है जिसमें Google आपका डाटा कलेक्ट करता है और उसी डाटा के आधार पे आपको विज्ञापन दिखाता है। ऑनलाइन विज्ञापन सेवाएं, जिन्हें ऐड टेक के नाम से जाना जाता है, को Google ने निगल लिया है। कंपनी पर कई तरह की एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिस का आरोप लगाया गया है, जैसे Apple को हर साल $18 अरब(नई विंडो) देना ताकि Google, Apple के अपने ब्राउज़र Safari पे डिफॉल्ट सर्च इंजन बना रहे। चूंकि दुनिया की 91.54% ग्लोबल खोजें(नई विंडो) Google से गुज़रती हैं, कंपनी सभी कंपनियों को अपने बोली प्लेटफॉर्म पे विज्ञापनों के लिए बोली लगाने के लिए मजबूर करती है।
हालांकि, इस तरीके को चुनौती मिल रही है। DOJ अभी Google की सर्च इंजन मार्केट पे पकड़ को दूर करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि 2023 में एक फेडरल एंटी-ट्रस्ट केस शुरू हुआ था। सर्च में अपने मोनोपॉली की वजह से Google को Chrome बेचने के लिए मजबूर(नई विंडो) किया जा सकता है, और संभव है कि उसका ऑपरेटिंग सिस्टम Android भी।
Google पासवर्ड मैनेजर से Proton Pass पे कैसे स्विच करें
अगर आप अपने पर्सनल डाटा को प्रोटेक्ट करने की दिशा में कदम उठाने के लिए तैयार हैं, तो Proton Pass, Google Password Manager का बेहतरीन विकल्प है। स्विच करने का तरीका ये है:
बस इतना करना है, और आप Google को अपनी ऑनलाइन गतिविधि से फायदा उठाने और आपकी सहमति के बिना आपका डाटा विज्ञापनदाताओं को बेचने से रोक सकते हैं।
Proton Pass, Google Password Manager से आगे की खासियतें भी देता है। Proton Pass खाते के साथ, आप अपना ईमेल पता प्रोटेक्ट करने के लिए hide-my-email नकली-नाम बना सकते हैं। आपका ईमेल पता असरदार तौर पे आपका डिजिटल पासपोर्ट है, इसलिए ये स्पैम और घोटालेबाज़ों से आसानी से खुद को बचाने का शानदार तरीका है।
Proton Pass में स्टोर किया गया कोई भी डाटा विज्ञापन के उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं होता, और शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन की वजह से कोई और उसे एक्सेस नहीं कर सकता। चाहे आप Proton Pass फ्री में इस्तेमाल करें या किसी प्लैन के लिए पेमेंट करें, हमारी प्राथमिकता है कि आपको अपनी डिजिटल निजता पे कंट्रोल पाने के लिए एक दमदार टूल मिले। अपना पूरा सेंसिटिव डाटा एक सुरक्षित स्थान में रखकर आप अपनी ज़िंदगी को और आसानी से संभाल सकते हैं: पासवर्ड, नोट्स, पासकी और बहुत कुछ, जैसे चाहें स्टोर करें।






