साल का ये वो वक्त है जब हम सब ऑनलाइन डील की तलाश में होते हैं।

ब्लैक फ्राइडे की प्रमोशन हर जगह हैं और क्रिसमस भी जल्दी आ रहा है, इसलिए छुट्टियों का पूरा मज़ा लेने का सबसे आसान तरीका अक्सर ऑनलाइन शॉपिंग होता है। हालांकि, ऑनलाइन शॉपिंग कुछ गंभीर निजता जोखिम भी पेश कर सकती है: ऑनलाइन घोटाले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और आपका personal डाटा मार्केटर्स और साइबर अपराधियों के लिए पहले से कहीं ज़्यादा कीमती है।

इस तरह आप सेल्स का पूरा फायदा उठा सकते हैं, बिना अपनी सुरक्षा और निजता के साथ छेड़छाड़ किए।

छूट देने वाली सर्विसेज़ से सावधान रहें

रिटेल ब्रांड अक्सर पहली बार शॉपिंग करने वालों, सीज़नल कार्यक्रमों और एक से ज़्यादा खरीदारी के ऑर्डर के लिए छूट कोड देते हैं। छूट कोड ढूंढने के लिए अलग-अलग जगह देखना एक आम बात है और कभी-कभी इससे पैसे बच भी जाते हैं। लेकिन इन सर्विसेज़ का मकसद ज़रूरी नहीं कि आपकी बचत हो। वे कुछ ज़्यादा कीमती चीज़ के पीछे हैं।

उदाहरण के लिए, Honey, PayPal की एक ब्राउज़र एक्सटेंशन है, जो दावा करता है कि ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ये सभी उपलब्ध ऑफ़र और छूट ढूंढकर आपकी बास्केट पे लागू कर देता है। इस एक्सटेंशन को Mr Beast जैसे एफिलिएट्स ने खूब प्रमोट किया है, और दावा है कि ये 30,000 से ज़्यादा स्टोर के लिए छूट देता है।

हालांकि, YouTuber MegaLag(नई विंडो) की एक जांच से पता चला कि एक्सटेंशन असल में शॉपर्स से छूट छिपा(नई विंडो) रहा था और खरीदारी की प्रक्रिया में ट्रैकर कुकी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था ताकि इन्फ्लुएंसर से एफिलिएट पैसा हासिल किया जा सके। सिर्फ ये नहीं कि Honey से छूट ढूंढने पे आपके पैसे नहीं बचते, आपके खरीदे गए प्रोडक्ट की सिफारिश करने वाला शख्स या प्लैटफॉर्म भी अपनी रेफरल फीस खो सकता है।

वाउचर साइट्स के मामले में जोखिम और भी बड़े हैं। वाउचर साइट्स(नई विंडो) अच्छी डील पाने का बेकसूर तरीका लग सकती हैं, लेकिन ये साइबर अपराधियों के लिए आपको आपकी personal जानकारी और बैंक की जानकारी के लिए फिश करना आसान बना सकती हैं। एक ऐसी नकली साइट बनाकर, जिस पे खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया जा सकने वाला छूट कोड हो, अपराधियों के लिए डाटा इकट्ठा करना आसान हो जाता है ताकि वे आपका डाटा बेच सकें और संभवतः पहचान की चोरी कर सकें।

छूट ढूंढते वक्त ज़रूरी टिप्स

  • ब्रांड या सेलर के वेरिफाइड सोशल मीडिया खाते पे असली ऑफ़र ढूंढें।
  • पहली बार शॉपिंग करने वालों का छूट कोड पाने के लिए नकली-नाम के इस्तेमाल से ब्रांड की मेल सूची पे साइनअप करें।
  • अगर आप अभी भी वाउचर साइट इस्तेमाल करते हैं, तो यूआरएल को ध्यान से देखें ताकि पक्का हो सके कि कुछ भी गलत स्पेल ना हो और ब्राउज़र बार में लॉक का निशान (HTTPS) हो, जो साबित करता है कि वेबसाइट सुरक्षित है।

ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त नकली-नाम के इस्तेमाल से अपना ईमेल पता छिपा दें

जब आप अपने ईमेल पते से शॉपिंग खाते के लिए साइनअप करते हैं, तो रिटेलर आपकी और आपकी ऑनलाइन आदतों की सटीक प्रोफाइल बना सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका ईमेल पता ऑनलाइन बैंकिंग से लेकर सरकारी सर्विसेज़ को एक्सेस करने और फोरम पे बातचीत से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, लगभग हर उस चीज़ से जुड़ा है जो आप ऑनलाइन करते हैं।

आपकी डिजिटल पहचान के लिहाज़ से आपका ईमेल पता आपके पासपोर्ट के बराबर है, और इसका इस्तेमाल आपको ठगने और यहां तक कि धोखाधड़ी करने के लिए भी किया जा सकता है।

नकली-नाम आपके ईमेल पते के लिए ढाल की तरह काम करता है, जिससे वो उस वेबसाइट या सर्विस से छिपा रहता है जिसके लिए आप साइनअप कर रहे हैं, साथ ही आप अपने personal इंबॉक्स में ईमेल पा सकते हैं, जैसे आपकी खरीदारी के शिपिंग अपडेट। लेकिन रिटेलर के पास आपका personal ईमेल पता नहीं होगा, इसलिए वो इसे शेयर या तीसरे पार्टी को बेच नहीं सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि ईमेल नकली-नाम गुमनाम होते हैं।

ऑनलाइन सुरक्षित शॉपिंग के लिए हमारा सुझाव है कि ऑनलाइन खाते बनाते वक्त hide-my-email नकली-नाम का इस्तेमाल करें। ईमेल नकली-नाम स्पैम और dynamic pricing(नई विंडो) से बचने में भी मदद करते हैं, जो ऑनलाइन शॉपिंग के ज़्यादा हानिकारक पहलुओं में से एक है। Dynamic pricing एक तरीका है जिसका इस्तेमाल कारोबानी मांग और उपलब्धता के आधार पे प्रोडक्ट की कीमत बदलने के लिए करते हैं, और साथ ही आप ऑनलाइन क्या कर रहे हैं और आपके ब्राउज़र हिस्ट्री के आधार पे भी।

अगर कोई कंपनी देख सकती है कि आप कई साइटों पे प्रोडक्ट की तुलना कर रहे हैं, तो उसका dynamic pricing एल्गोरिदम अपने प्रतिस्पर्धियों से मेल खाने के लिए कीमत बढ़ा सकता है। कीमतें दिन के अलग-अलग समय या अलग-अलग स्थानों पे भी बदल सकती हैं, जिससे ये जानना मुश्किल हो जाता है कि किसी आइटम की असली कीमत क्या है। ईमेल नकली-नाम आपका ईमेल पता रिटेलर्स से छिपा देकर dynamic pricing से बचने में मदद कर सकता है, जिससे वे आपकी प्रोफाइल नहीं बना पाते और आपके व्यवहार को ट्रैक नहीं कर पाते।

जब आपके हर ऑनलाइन खाते का अपना खास ईमेल नकली-नाम होता है, तो आप बता सकते हैं कि किसी रिटेलर ने आपकी जानकारी बेची है या नहीं। उदाहरण के लिए, अगर आपके ईमेल खाते पे स्पैम आना शुरू हो जाए, जो आपके youracme.shopping123@passmail.net नकली-नाम से फॉरवर्ड किया गया है, और वो नकली-नाम सिर्फ AcmeWebsite को दिया गया था, तो आप पूरे यकीन से पहचान सकते हैं कि डाटा लीक का स्रोत वो (या उनके पार्टनर) हैं। फिर आप उस नकली-नाम को मिटा दें ताकि स्पैम बंद हो जाए, बिना अपना असली ईमेल और उससे जुड़ी जानकारी जोखिम में डाले।

ईमेल नकली-नाम जटिल लग सकते हैं, लेकिन सही टूल्स से इन्हें बनाना आसान है। आपको किसी तकनीकी जानकारी की ज़रूरत नहीं है, और आप ईमेल नकली-नाम को उतनी ही आसानी से संभाले और मिटा दें भी।

निजी तौर पे शॉपिंग के लिए नकली-नाम इस्तेमाल करने के ज़रूरी टिप्स

  • नया ऑनलाइन खाता बनाते वक्त, खास तौर पे उसी खाते के लिए एक नया नकली-नाम बनाएं।
  • अगर आपके खास ईमेल नकली-नाम के ज़रिए स्पैम आने लगे, तो बस उसे मिटा दें और नया बना लें।
  • Proton Pass, यानी हमारा एन्क्रिप्ट किया पासवर्ड मैनेजर, का इस्तेमाल आप सभी डिवाइस पे नकली-नाम सुरक्षित तरीके से बनाने, संभालने और मिटाने के लिए कर सकते हैं।
  • जब भी मौका मिले, सीधे सेलर से खरीदें, क्योंकि तीसरें-पार्टी रीसेलर कम भरोसेमंद होते हैं और घोटालों का ज़्यादा खतरा रहता है।

VPN के साथ अपना personal डाटा सुरक्षित रखें

ऑनलाइन शॉपिंग के लिहाज़ से (नई विंडो)र्चुअल (नई विंडो)प्राइ(नई विंडो)वेट (नई विंडो)नेटवर्क ((नई विंडो)VPN)(नई विंडो) आपके सबसे उपयोगी टूल्स में से एक है। ये इस्तेमाल में आसान टूल है जो आपके इंटरनेट कनेक्शन को एन्क्रिप्ट करके और ये सीमित करके कि आपकी ऑनलाइन गतिविधि और personal डाटा कौन देख सकता है, आपकी निजता की सुरक्षा करता है।

VPN ये काम करता है:

  • दुनिया भर के अलग-अलग स्थानों के सर्वर से कनेक्ट करने देकर, उन वेबसाइटों को एक्सेस करने में मदद करता है जो आपके स्थान पे जियोब्लॉक हो सकती हैं।
  • अगर आप किसी असुरक्षित वाई-फाई कनेक्शन पे इंटरनेट ब्राउज़ कर रहे हैं, जैसे कॉफी शॉप में या एयरपोर्ट पे, तो आपकी सुरक्षा करता है। आपकी ऑनलाइन गतिविधि को एन्क्रिप्ट करके, हैकर आपके लॉगइन प्रमाण या क्रेडिट कार्ड का डाटा जैसी संवेदनशील जानकारी को आपकी शॉपिंग के दौरान बीच में नहीं पा सकते।
  • आपका IP पता(नई विंडो) छिपाकर कीमत भेदभाव और ट्रैकिंग को कम करता है। इससे रिटेलर, विज्ञापनदाता और डाटा ब्रोकर के लिए आपकी ब्राउज़िंग आदतों या स्थान के आधार पे आपकी प्रोफाइल बनाना मुश्किल हो जाता है।

अपना IP पता छिपा देने से ईकॉमर्स प्लैटफॉर्म आपका डाटा इकट्ठ करके तीसरें पार्टी डाटा ब्रोकर को बेचने से रुक जाते हैं। डाटा ब्रोकर आपका नाम, ईमेल पता, ब्राउज़िंग आदतें, और यहां तक कि संवेदनशील हेल्थ डाटा भी इकट्ठ करते हैं ताकि उसे मार्केटर्स और कभी-कभी अपराधियों को बेच सकें। VPN से अपनी निजता की सुरक्षा करके, आप ये सुनिश्चित करते हैं कि आप इंटरनेट इस्तेमाल कर सकते हैं और निजी तौर पे शॉपिंग कर सकते हैं।

VPN आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री, आपका स्थान, और जिस डिवाइस पे आप ब्राउज़ कर रहे हैं उसे छिपा देकर dynamic pricing से बचने में भी मदद करता है। ये देख नहीं पाने के कारण कि आप और कहां शॉपिंग कर रहे हैं, रिटेल प्लैटफॉर्म अपनी कीमतें आपके व्यवहार के मुताबिक बदल नहीं पाते।

ऑनलाइन शॉपिंग के लिए VPN इस्तेमाल करते वक्त ज़रूरी टिप्स

  • अलग-अलग VPN सर्वर से कनेक्ट करें ताकि ब्राउज़िंग के दौरान शॉपिंग साइट्स आपको ट्रैक ना कर पाएं, और कई रिटेलर की कीमतों की तुलना करें।
  • अपनी कुकी और इंटरनेट हिस्ट्री नियमित तौर पे हटाएं ताकि रिटेलर आपके व्यवहार के बारे में ज़्यादा डाटा स्टोर ना कर पाएं।
  • सेशन-आधारित ट्रैकिंग को कम करने के लिए Incognito या Private Browsing मोड इस्तेमाल करें।
  • आराम से ब्राउज़िंग करते वक्त अपने खातों से लॉग आउट कर दें ताकि पिछली गतिविधि के आधार पे पर्सनलाइज़ेशन से बचा जा सके।
  • विज्ञापन या पॉप-अप पे क्लिक करते वक्त सावधान रहें, क्योंकि वे फिशिंग या असुरक्षित साइटों पे ले जा सकते हैं। Proton VPN एक ऐड ब्लॉकर(नई विंडो) के इस्तेमाल से सभी VPN सर्वर पे आपको विज्ञापन और मालवेयर से बचाता है।