डाटा ब्रोकर ऐप, वेबसाइट, सार्वजनिक रिकॉर्ड, क्रेडिट रिपोर्ट, वगैरह से आपकी पर्सनल जानकारी इकट्ठा और समेट लेते हैं। इसके बाद ये ये डाटा लगभग किसी भी व्यक्ति को अपनी मर्ज़ी से शेयर करते हैं और बेचते हैं, अक्सर बहुत कम निगरानी के साथ, और हर साल अरबों डॉलर कमाते हैं।

इससे आपकी पर्सनल जानकारी के दुरुपयोग का खतरा हो सकता है। उदाहरण के लिए, सरकारें ऐसा डाटा खरीद सकती हैं जिसे वरना वारंट से ही हासिल किया जा सकता है।

अगर आप अमेरिका में रहते हैं और नहीं चाहते कि आपका डाटा इस तरह इकट्ठा और स्टोर किया जाए, तो ये पता लगाना आप पे छोड़ा जाता है कि उसके पास कौन है और ऑप्ट आउट कैसे करें (जब ऑप्ट आउट करना मुमकिन ही हो)।

इसके उलट, डाटा ब्रोकरों के रास्ते में बहुत कम रुकावटें हैं। कई क्षेत्राधिकारों में, ये कम नियमों और आपको सूचित करने की किसी ज़िम्मेदारी के बिना, आपकी जानकारी कंपनियों, विज्ञापनदाताओं, और यहां तक कि सरकारों को विश्लेषण करके, शेयर करते हैं और दोबारा बेचते हैं। जैसे-जैसे AI-संचालित विज्ञापन पर्सनलाइज़ेशन विकसित हो रहा है, आपके पर्सनल डाटा की कीमत पहले से कहीं ज़्यादा है — और आपके सामने का खतरा भी।

2024 में, डाटा ब्रोकर मार्केट लगभग $270 अरब का था(नई विंडो), और उम्मीद है कि 2032 तक ये $470 अरब से ज़्यादा हो जाएगा। Acxiom, Equifax, और Experian जैसे सबसे बड़े खिलाड़ियों के पास करोड़ों लोगों का डाटा है, और वे अपने डेटाबेस का एक्सेस बेचकर हर साल अरबों डॉलर कमाते हैं(नई विंडो)

ये एक बहुत बड़ा और बिखरा हुआ उद्योग है, जिसमें दुनिया भर में 5,000 तक कंपनियां डाटा इकट्ठा और बेच रही हैं। उदाहरण के लिए, गलती से Google प्ले स्टोर पे कानूनी तौर पे होस्ट किया गया Android मालवेयर भी आपका डाटा इकट्ठा कर सकता है। हालांकि यूरोप में GDPR(नई विंडो) और California Consumer Privacy Act जैसे कानूनों के लागू होने से कुछ विरोध हुआ है, लेकिन इनका प्रवर्तन अभी भी असमान है।

इतनी बड़ी रकम और इतने खिलाड़ियों के साथ, ये लगभग तय है कि आपका पर्सनल डाटा पहले ही इकट्ठा हो चुका है, जिससे पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी, या आपको क्रेडिट, घर, या बीमा से अस्वीकार किए जाने का खतरा हो सकता है।

डाटा ब्रोकर क्या होते हैं?

डाटा ब्रोकर (या इंफॉर्मेशन ब्रोकर) वो कंपनियां या व्यक्ति होते हैं जो लोगों की पर्सनल जानकारी इकट्ठा, प्रोसेस, और बेचते या शेयर करते हैं — अक्सर बिना उनकी सीधी जानकारी, सहमति, या मुआवज़े के।

ये डाटा कई स्रोतों से इकट्ठा करते हैं, जैसे सार्वजनिक रिकॉर्ड (जैसे संपत्ति का मालिकाना हक और अदालती दस्तावेज़), ऑनलाइन गतिविधि (वेब ट्रैकिंग, कुकी, सोशल मीडिया स्क्रैपिंग), रिटेल और लॉयल्टी प्रोग्राम, मोबाइल ऐप और स्थान डाटा, क्रेडिट रिपोर्टिंग, और वित्तीय संस्थान।

इकट्ठा होने के बाद, ये डाटा विस्तृत प्रोफाइल में समेटा जाता है और तीसरे पक्षों को बेचा जाता है, जैसे विज्ञापनदाता (टार्गेटेड विज्ञापनों के लिए), बीमा कंपनियां (जोखिम आकलन के लिए), नियोक्ता (बैकग्राउंड जांच के लिए), कानून प्रवर्तन एजेंसियां (कुछ क्षेत्राधिकारों में आपराधिक जांच के लिए), और यहां तक कि राजनीतिक अभियान (मतदाता टार्गेटिंग के लिए)।

डाटा ब्रोकर क्या इकट्ठा करते हैं?

एक इन्फोग्राफिक जो दिखाए कि डाटा ब्रोकर आपके बारे में क्या इकट्ठा करते हैं

अगर कोई व्यवहार या पसंद मापी जा सकती है, तो बहुत संभव है कि कोई डाटा ब्रोकर उस डाटा की निगरानी करके उसे बेच रहा हो। हालांकि, सबसे आम तौर पे इकट्ठा किया जाने वाला डाटा इसमें शामिल है:

  • पहचान और संपर्क की जानकारी, जैसे आपका पूरा नाम, नकली-नाम, जन्मतिथि, फोन नंबर, ईमेल पते, पुराने पते, और Social Security नंबर।
  • डेमोग्राफिक्स, जैसे आपका लिंग, उम्र, जातीयता, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, व्यवसाय, और आय।
  • ऑनलाइन व्यवहार, जैसे देखी गई वेबसाइट, खोज इतिहास, क्लिक किए गए विज्ञापन, सोशल मीडिया गतिविधि, ऑनलाइन खरीदारी, और न्यूज़लेटर साइनअप।
  • स्थान डाटा, जो आपके GPS, वाई-फाई, Bluetooth, ऐप डाटा, और जियोटैग की गई तस्वीरों पे आधारित है।
  • खरीद की आदतें, जैसे आपकी शॉपिंग का तरीका, ब्रांड पसंद, लॉयल्टी कार्ड, सदस्यताएं, और गुमनाम क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल।
  • वित्तीय प्रोफाइल, जो आपके क्रेडिट स्कोर, लोन, मॉर्गेज, संपत्ति के मालिकाना हक, और दिवालियेपन या लीन जैसे सार्वजनिक वित्तीय रिकॉर्ड पे आधारित हैं।
  • सेहत से जुड़े संकेत, जो फिटनेस ट्रैकर डाटा, सेहत से जुड़ी खोजों, फार्मेसी खरीदारी, और संभावित मेडिकल स्थितियों पे आधारित हैं।
  • लाइफस्टाइल और मान्यताएं, जैसे शौक, राजनीतिक झुकाव, धार्मिक संबंध, व्यक्तित्व की खूबियां, और मीडिया की आदतें।
  • सामाजिक और पेशेवर कनेक्शन, जैसे घर के सदस्य, रिश्तेदार, दोस्त, सहकर्मी, और नौकरी का इतिहास।

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डाटा ब्रोकर अपना डाटा कहां से हासिल करते हैं?

निगरानी पूंजीवाद के दौर में, डाटा ट्रैकर का एक परिष्कृत इकोसिस्टम विकसित हो चुका है, और लगभग सब आखिर में डाटा ब्रोकरों के डेटाबेस तक पहुंचते हैं। इस सूची में शामिल हैं:

  • सार्वजनिक रिकॉर्ड और सरकारी स्रोत, जैसे अदालती दाखिले, संपत्ति के दस्तावेज़, मतदाता पंजीकरण, और शादी के लाइसेंस।
  • रिटेल और व्यावसायिक डाटा, जैसे खरीद का इतिहास, लॉयल्टी प्रोग्राम, वारंटी कार्ड, और कैटलॉग साइनअप।
  • ऑनलाइन ट्रैकिंग, क्योंकि वेबसाइट और ऐप आपकी ब्राउज़िंग, क्लिक, और गतिविधि दर्ज करने के लिए कुकी, पिक्सेल, और ट्रैकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सोशल मीडिया, जैसे सार्वजनिक पोस्ट, लाइक, फॉलोअर, और चेक-इन।
  • ऐप और सेवाएं जो उपयोगकर्ता का डाटा ब्रोकरों को बेचती या शेयर करती हैं — अक्सर चुपचाप और सेवा की शर्तों में दबा हुआ।
  • क्रेडिट ब्यूरो के पास मौजूद डाटा, जैसे क्रेडिट रिपोर्ट और वित्तीय गतिविधि, कुछ शर्तों के साथ ब्रोकरों के साथ शेयर किया जा सकता है, खासकर अमेरिका में।
  • सर्वे और स्वीपस्टेक, जहां लोग अपनी पर्सनल जानकारी अपनी मर्ज़ी से साझा करते हैं।
  • ऐप द्वारा इकट्ठा किया गया स्थान डाटा, जो GPS एक्सेस मांगते हैं (जैसे मौसम या फिटनेस ऐप), फिर गुमनाम आवाजाही पैटर्न के तौर पे बेचा जाता है।

डाटा ब्रोकर आपकी ज़िंदगी को डाटा पॉइंट में बदल देते हैं — जानें कैसे

एक इन्फोग्राफिक जो दिखाए कि डाटा ब्रोकर आपकी जानकारी का कैसे फायदा उठाते हैं

डाटा ब्रोकर इसलिए फलते-फूलते हैं क्योंकि बेशुमार संगठन आपके डाटा के लिए खुलकर पैसे देने को तैयार रहते हैं। इस जानकारी का इस्तेमाल लगभग कुछ भी करने के लिए हो सकता है, विज्ञापन टार्गेट करने से लेकर संदिग्धों को ढूंढने तक। कुछ सबसे आम ग्राहक और इस्तेमाल के मामले इसमें शामिल हैं:

  • कंपनियां विस्तृत उपभोक्ता प्रोफाइल खरीदती हैं — जैसे “शहरी इलाकों में नए माता-पिता” या “टेक-समझदार घर मालिक” — टार्गेटेड विज्ञापनों, नए ग्राहक हासिल करने, और रिटेंशन के लिए।
  • बीमा कंपनियां ब्रोकर किए गए डाटा से आपका जोखिम आंकती हैं और प्रीमियम तय करती हैं, अक्सर सेहत के जोखिम या ड्राइविंग की आदतों जैसे अनुमानित व्यवहारों पे आधारित।
  • लेंडर वैकल्पिक क्रेडिट स्कोरिंग के लिए ब्रोकर किए गए डाटा का इस्तेमाल कर सकते हैं, जब पारंपरिक क्रेडिट रिपोर्ट कम पड़ती हैं तब शॉपिंग की आदतों या बिल भुगतान के इतिहास जैसी जानकारी पे भरोसा करके।
  • राजनीतिक अभियान मतदाता डाटा खरीद सकते हैं ताकि आपके विचारों, पिछले दान, या उन समस्याओं के हिसाब से संदेश तैयार किए जा सकें जो आपको ज़्यादा चिंतित कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, शिक्षा फंडिंग को लेकर चिंतित उपनगरीय मतदाताओं को स्कूल पे केंद्रित विज्ञापनों से टार्गेट किया जा सकता है।
  • कुछ ब्रोकर ऐसी वेबसाइट चलाते हैं या उनमें डाटा डालते हैं जिनसे कोई भी लोगों के नाम, पते, रिश्तेदार, और फोन नंबर ढूंढ सकता है।
  • सरकारें या कानून प्रवर्तन एजेंसियां डाटा खरीद सकती हैं, जैसे स्थान या वित्तीय डाटा, बजाय इसके कि वारंट से मांगा जाए।
  • डाटा ब्रोकर आपस में डाटा का व्यापार कर सकते हैं ताकि अपने डेटाबेस को बेहतर बनाएं और नए उद्योगों और इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ाएं।

आपके ब्रोकर किए गए डाटा से आपके बारे में फैसले कैसे बनते हैं?

इस डाटा व्यापार का असर बहुत गहरा, अक्सर जनता की नज़रों से छिपा हुआ, और बेहद निजी हो सकता है। ये ऐसी जानकारी इकट्ठा करके उससे कमाई करते हैं जो अपने आप में महत्वपूर्ण नहीं लग सकती — जैसे आप जो ऐप इस्तेमाल करते हैं या जिन दुकानों पे अक्सर जाते हैं।

लेकिन इन टुकड़ों को जोड़कर आपकी ज़िंदगी का हैरान करने वाले तौर पे विस्तृत चित्र बनाया जा सकता है, जिसमें दिनचर्या, पसंद, वित्तीय हालत, और कमज़ोरियां शामिल हैं। हालांकि इस डाटा में से कुछ सीधे तौर पे आपके नाम से नहीं जुड़ा होता, ये अक्सर स्थायी पहचानकर्ताओं (जैसे आपका IP पता(नई विंडो) या ब्राउज़र फिंगरप्रिंट) से लिंक होता है, जिससे बिना चेहरा दिखाए भी आपको दोबारा पहचानना आसान(नई विंडो) हो जाता है।

एक बार आपका पर्सनल डाटा उजागर और केंद्रीकृत हो जाए, तो उसका अंतहीन व्यापार हो सकता है — और आपके लिए नियंत्रण वापस पाने की गुंजाइश बहुत कम रहती है। और भले ही आपने कभी जानबूझकर सहमति नहीं दी हो, अगर आपका डाटा रखने वाली कंपनी के सिस्टम में सेंध लग जाए, तो आप साइबर हमलों का निशाना बन सकते हैं, जिससे पहचान की चोरी, धोखाधड़ी, या यहां तक कि स्टॉकिंग हो सकती है।

निजता और सुरक्षा के जोखिमों से अलग, पारदर्शिता की कमी भी उतनी ही चिंताजनक है। लोगों को शायद ही कभी पता होता है कि उनके बारे में क्या इकट्ठा किया जाता है या उसका कैसे इस्तेमाल होता है, और डाटा मिटाने की कोशिशें अक्सर जानबूझकर जटिल बनाई जाती हैं।

और भी बुरा ये कि इन विस्तृत प्रोफाइल का इस्तेमाल आपकी ज़िंदगी बनाने वाले फैसलों पे असर डालने के लिए हो सकता है, पर्सनलाइज़्ड विज्ञापनों या टार्गेटेड राजनीतिक संदेशों से भी आगे। इनसे व्यवहार में हेरफेर, गलत जानकारी को बढ़ावा, और चुपचाप पूर्वाग्रह, बहिष्करण, या भेदभाव को मज़बूती दी जा सकती है।

लोगों की पर्सनल जानकारी इकट्ठा, पैकेज, और बेचने का धंदा आम तौर पे कानूनी है, देश के हिसाब से। उदाहरण के लिए, अमेरिका में डाटा ब्रोकरेज को नियंत्रित करने वाला कोई संघीय कानून नहीं है, लेकिन California, Vermont, Oregon, और Texas डाटा ब्रोकरों को पंजीकरण करने के लिए कहते हैं(नई विंडो) और लोगों को ऑप्ट आउट के रास्ते देते हैं। EU नागरिकों को GDPR के तहत सुरक्षा मिलती है, जिसके तहत कंपनियों के पास पर्सनल डाटा इकट्ठा और शेयर करने का कानूनी आधार होना ज़रूरी है।

इन कानूनी सुरक्षाओं के बावजूद, राज्य डाटा ब्रोकरों पे हाल की जांचों ने सिस्टम में बड़े दोष उजागर किए हैं। बहुत सी कंपनियां जहां चाहिए वहां पंजीकरण नहीं करतीं, काफी बड़ा हिस्सा या तो कानूनी डिलीशन अनुरोधों का कभी जवाब नहीं देता या पहले और भी संवेदनशील पर्सनल जानकारी मांगता है, और कुछ अपने “मेरा डाटा मिटाएं” पेज Google से जानबूझकर छिपा देती हैं।

उदाहरण के लिए, California Data Broker Registry में 499 पंजीकृत कंपनियों में से 35 ने अपने ऑप्ट-आउट या डाटा डिलीशन पेजों में noindex कोड जोड़ दिया था, जिससे वे Google या Bing जैसे सर्च इंजन पे नहीं मिलते थे, और पांच के पास तो ऑप्ट-आउट पेज ही नहीं था।

प्रमुख डाटा ब्रोकर कंपनियां कौन सी हैं?

$270 अरब के डाटा ब्रोकर उद्योग पे कई विशाल कंपनियों का दबदबा है, जिनमें Acxiom, Experian, और Equifax सबसे बड़े खिलाड़ियों में हैं। उनके बारे में ये जान लें:

Acxiom

Acxiom दुनिया के सबसे बड़े डाटा ब्रोकरों में से एक है, जो 36 देशों में काम करता है और हर महीने 1.2 ट्रिलियन रिकॉर्ड प्रोसेस करता है — जिसमें से बहुत कुछ सीधे लोगों से इकट्ठा किया गया है। ये दावा करता है कि उसके पास 2.6 अरब लोगों का डाटा है, और हर एक की प्रोफाइल 10,000 से ज़्यादा विशेषताओं के साथ बनाई गई है।

Experian

Experian एक वैश्विक डाटा ब्रोकर और क्रेडिट रिपोर्टिंग दिग्गज है, जो 32 देशों में सक्रिय है और जिसके 200 मिलियन से ज़्यादा उपयोगकर्ता और 1,50,000 व्यावसायिक ग्राहक हैं। इसके पास 5,000 डाटा पॉइंट और 2,400 ऑडियंस सेगमेंट हैं।

Equifax

Equifax एक वैश्विक क्रेडिट रिपोर्टिंग दिग्गज और प्रमुख डाटा ब्रोकर है, जो 24 देशों में काम करता है। लगभग $5 अरब की सालाना आमदनी के साथ, कंपनी दुनिया भर में 800 मिलियन से ज़्यादा लोगों और 88 मिलियन व्यवसायों का डाटा समेटती है।

आप डाटा ब्रोकरों को अपनी जानकारी इकट्ठा करने से कैसे रोक सकते हैं?

एक इन्फोग्राफिक जो दिखाए कि डाटा ब्रोकरों से खुद को कैसे बचाएं

आप ब्रोकरों द्वारा डाटा इकट्ठा करना पूरी तरह रोक नहीं सकते, लेकिन इसे कम कर सकते हैं। इस तरह:

  • जो शेयर करें उसे सीमित रखें, सेवाओं के लिए साइनअप करते वक़्त अपना पूरा नाम या असली जन्मतिथि जैसी असली जानकारी देने से बचें, और क्विज़, सर्वे, या स्वीपस्टेक फॉर्म भरने से पहले दो बार सोचें।
  • ऑनलाइन सेवाओं को सब्सक्राइब करते वक़्त ऐसे ईमेल नकली-नाम इस्तेमाल करें जो संदेश आपके मुख्य इंबॉक्स तक फॉरवर्ड करते हैं। इससे आपका असली ईमेल पता सुरक्षित रहता है, आप पहचान सकते हैं कि नकली-नाम किसने शेयर या लीक किया, और अगर स्पैम आना शुरू हो जाए तो नकली-नाम को आसानी से अक्षम करें या मिटा दें।
  • उन न्यूज़लेटर, कैटलॉग, और प्रोमोशनल ईमेल की सदस्यता रद्द करें जिनका इस्तेमाल नहीं करते, और मार्केटिंग लिस्ट से खुद को हटाएं। Proton Mail में, आप ये आसानी से Newsletters व्यू में कर सकते हैं।
  • अपने मोबाइल ऐप जांचें, जो इस्तेमाल नहीं करते उन्हें हटाएं, और जिन ऐप को ज़रूरत नहीं उनके लिए स्थान एक्सेस और ट्रैकिंग की अनुमतियां अस्वीकार करें।
  • जब भी ऑनलाइन जाएं, निजता-पहले वाले टूल इस्तेमाल करें, जिनमें ट्रैकर ब्लॉकर के साथ ब्राउज़र और खोज इंजन, आपका IP छिपाने और ट्रैफिक एन्क्रिप्ट करने के लिए एक VPN(नई विंडो), आपका डाटा स्कैन न करने वाला सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज, और सुरक्षित संवाद के लिए एन्क्रिप्टेड ईमेल शामिल हैं।
  • Acxiom(नई विंडो) और Experian(नई विंडो) जैसी डाटा ब्रोकर साइटों से ऑप्ट आउट करें और खुद को खोजकर लोगों की खोज करने वाली वेबसाइटों से हटाने का अनुरोध करें। DeleteMe या Privacy Bee जैसी सेवाओं का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो आपकी ओर से कई वेबसाइटों पे ऑप्ट-आउट अनुरोध भेजती हैं, हालांकि ये हमेशा असरदार नहीं होतीं(नई विंडो)

आप अपने एक्सपोज़र को कम करने के कदम उठा सकते हैं — थोड़ा भी फायदा करता है। लेकिन आखिरकार, डाटा ब्रोकरों को डाटा इकट्ठा करने, उसका फायदा उठाने, और बेचने से रोकने का असली तरीका सिर्फ मज़बूत, लागू किए जा सकने वाले नियम हैं।

जब तक वो नहीं होता, ऐसे टूल जो आपका डाटा आपके नियंत्रण में डालते हैं, वही आपका सबसे बड़ा बचाव हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कोई इंफॉर्मेशन ब्रोकर शैडो प्रोफाइल बना सकता है, भले ही मैं सोशल मीडिया इस्तेमाल न करूं?

भले ही आप अपनी ऑनलाइन गतिविधि सीमित करने की कोशिश करें, कोई इंफॉर्मेशन ब्रोकर अब भी आपके बारे में प्रोफाइल बना सकता है। ये कंपनियां संपत्ति के दस्तावेज़, DMV रिकॉर्ड, जनगणना डाटा, और यहां तक कि आपके घर या कार्यस्थल पे दूसरों द्वारा शेयर की गई जानकारी जैसे ऑफलाइन स्रोतों से डाटा लेती हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई दोस्त आपको इमरजेंसी संपर्क के तौर पे लिखता है या तस्वीर में टैग करता है, तो वो डाटा आपसे कनेक्ट किया जा सकता है।

क्या डाटा ब्रोकर अपने डेटासेट का विश्लेषण और विस्तार करने के लिए AI इस्तेमाल करते हैं?

बहुत से ब्रोकर जानकारी इकट्ठा करने और आपकी लाइफस्टाइल के बारे में ऐसे अनुमान लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग इस्तेमाल करते हैं जो आप कभी नहीं देख सकते या जिन्हें इकट्ठा करने का मौका नहीं मिल सकता। उदाहरण के लिए, Publicis — दुनिया की सबसे बड़ी विज्ञापन कंपनी, जो डाटा ब्रोकर का काम भी करती है — ने CoreAI बनाया है, एक ऐसा प्लैटफॉर्म जिसके बारे में वो कहती है कि वो 2.3 अरब से ज़्यादा लोगों की प्रोफाइल बना सकता है। घर के खर्च की आदतें और परिवार की पसंद जैसी जानकारी से तय करने के लिए इस्तेमाल होती है कि किसी को बजट प्रोडक्ट दिखाए जाएं या हाई-एंड ऑफर।

क्या अपना डाटा ब्रोकरों से बेचने देने की बजाय उससे खुद कमाई कर सकते हैं?

हालांकि पर्सनल डाटा मौनेटाइज़ेशन का विचार अभी शुरुआती दौर में है और विशाल डाटा ब्रोकिंग उद्योग से मुकाबला करने से बहुत दूर है, ये दिलचस्पी पैदा करना शुरू कर चुका है। कुछ प्लैटफॉर्म पहले से ही लोगों को ऑप्ट इन करके इनाम पाने देते हैं, जैसे ऐप जो ब्राउज़िंग गतिविधि या शॉपिंग रसीदें शेयर करने के बदले उपयोगकर्ताओं को सीधे पैसे देते हैं।

दूसरे, जैसे Datapods, उपयोगकर्ताओं को अपना डाटा पैकेजों में लाइसेंस देने देते हैं, ये तय करने देते हैं कि क्या शेयर करें, कभी भी सहमति वापस लें, और आमदनी का हिस्सा कमाएं। राष्ट्रीय स्तर पे, ब्राज़ील की dWallet पहल नागरिकों को एक “डाटा बचत खाता” देती है, जिसमें पर्सनल जानकारी सुरक्षित स्टोर करें और उसका एक्सेस हर ऑफर के हिसाब से बेचें।