ऑनलाइन साइनइन करते समय आपको किसी ऑथेंटिकेटर ऐप से छह अंकों का कोड दर्ज करना पड़ा होगा। इसे समय-आधारित वन-टाइम पासवर्ड, यानी TOTP के नाम से जाना जाता है, और ये आपके ऑनलाइन खातों की सुरक्षा बढ़ाने का एक बेहद आसान तरीका है।
इन कोड का समय सिर्फ 30 से 60 सेकेंड में खत्म हो जाने की वजह से, साइबर अपराधी चाहे आपके पासवर्ड चुरा लें, फिर भी आपके खाते को एक्सेस करना उनके लिए लगभग असंभव हो जाता है। हम जानेंगे कि TOTP क्या हैं, ये कैसे काम करते हैं, और अन्य सत्यापन तरीकों के मुकाबले ये कैसे हैं।
TOTP क्या है?
TOTP, वन-टाइम पासवर्ड (OTP) का एक प्रकार है, जो समय को मुख्य तत्व मानकर अस्थायी कोड बनाता है। ये कोड हर 30 से 60 सेकेंड में बदलते रहते हैं, जिससे साइबर अपराधियों के लिए इनमें छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल हो जाता है। और अगर किसी तरह वे आपका कोड खोज भी लें, तो उसकी कम उम्र हमलावर के लिए उसे जल्दी ही लगभग बेकार कर देती है।
TOTP एक दो-फैक्टर सत्यापन (2-एफए) तरीका है, जो आपके यूज़रनेम और पासवर्ड में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है। इसका इस्तेमाल आसान है — बस ऑथेंटिकेटर ऐप से कोड बनाएं — और इसका समय-आधारित होना इसे बेहद सुरक्षित बनाता है।
TOTP कैसे काम करता है?
आसान भाषा में कहें तो, TOTP आपके द्वारा सुरक्षित की जा रही सर्विस और आपके TOTP ऐप के बीच एक सीक्रेट की शेयर करने के ज़रिए काम करता है।
2-एफए सक्षम करते समय, आप एक QR कोड स्कैन करके सीक्रेट की अपने TOTP ऑथेंटिकेटर के साथ शेयर करते हैं। TOTP ऐप्स मुफ्त होते हैं, और इनमें Google Authenticator और Microsoft Authenticator जैसे आम ऐप शामिल हैं। अगर आप किसी सुरक्षित पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करते हैं, तो उसमें TOTP कोड बनाने वाला इंटीग्रेटेड 2-एफए ऑथेंटिकेटर खासियत हो सकती है। Proton Pass ऐसा ही एक पासवर्ड मैनेजर है, जो आपके पासवर्ड सुरक्षित रखता है और आपके 2-एफए कोड एक ही ऐप में बनाता है।
शुरुआती सेटअप पूरा होने के बाद, जिस सर्विस में आप लॉगइन कर रहे हैं वो और ऑथेंटिकेटर ऐप सीक्रेट की का इस्तेमाल करके एक ही समय पे एक जैसा कोड अलग-अलग गणना करते हैं। जब आप लॉगइन करते हैं, तो आपसे एक 2-एफए कोड दर्ज करने के लिए कहा जाएगा। अगर सर्विस का कोड आपके द्वारा दर्ज किए गए कोड से मैच करता है, तो आप लॉगइन हो जाएंगे।
TOTP और अन्य वन-टाइम पासवर्ड के बीच के अंतर
TOTP कई वन-टाइम पासवर्ड (OTP) तरीकों में से सिर्फ एक है। यहां एक त्वरित जानकारी दी गई है कि TOTP उनकी तुलना में कैसा है। TOTP, OTP और HOTP के बीच के अंतर पे एक विस्तृत गाइड भी आपको मिल सकती है।
TOTP बनाम OTP
OTP सिंगल-यूज़ पासवर्ड के लिए एक सामान्य शब्द है। TOTP एक ऐसा OTP है जो OTP कोड बनाने के लिए समय-आधारित मॉडल का इस्तेमाल करता है। सभी TOTP, OTP हैं, लेकिन OTP के अन्य तरीके भी हैं। इनमें एसएमएस और ईमेल कोड, और HOTP शामिल हैं। हर तरीका आपका OTP कोड बनाने और पहुंचाने का अलग तरीका रखता है।
TOTP बनाम HOTP
HMAC-आधारित वन-टाइम पासवर्ड (HOTP) सिर्फ अनुरोध करने पे ही नया OTP कोड बनाते हैं। इसका मतलब है कि हर कोड तब तक वैध रहता है जब तक कोई नया कोड नहीं बनता, जिससे इनमें छेड़छाड़ का खतरा ज़्यादा रहता है। TOTP कोड 30 से 60 सेकेंड बाद अपने आप रीफ्रेश हो जाते हैं, इसलिए हमलावरों के पास चुराए गए कोड इस्तेमाल करने का समय कम मिलता है।
TOTP बनाम एसएमएस और ईमेल कोड
एसएमएस और ईमेल कोड सेल्युलर और इंटरनेट नेटवर्क के ज़रिए पहुंचाए जाते हैं, जिससे इन्हें रोककर पढ़ने का खतरा रहता है। अगर आप कमज़ोर सुरक्षा वाले या छेड़छाड़ किए गए नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हमलावर आपकी गतिविधि पे नज़र रखकर आपके OTP कोड हासिल कर सकते हैं। इसके मुकाबले, TOTP कोड डिवाइस पर ही बनते हैं और किसी भी नेटवर्क पे भेजे नहीं जाते, जिससे ये ज़्यादा सुरक्षित होते हैं।
TOTP के सुरक्षा फायदे
अपने पसंदीदा OTP तरीके के रूप में TOTP का इस्तेमाल करने से कई सुरक्षा फायदे मिलते हैं।
- समय-सीमित कोड: TOTP कोड का समय 30 से 60 सेकेंड में खत्म हो जाता है, और फिर एक नया कोड बनता है। चूंकि समय खत्म हुए कोड दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जा सकते, हमलावरों के पास चुराए गए TOTP कोड इस्तेमाल करने का कोई समय नहीं बचता।
- रोककर पढ़ने से सुरक्षित: TOTP कोड डिवाइस पर ही बनते हैं। ये ऐसे नेटवर्क पे नहीं भेजे जाते जहां कमज़ोर नेटवर्क सुरक्षा की वजह से इन्हें रोककर पढ़ा जा सके।
- लीक से सुरक्षा: अगर डेटा लीक में आपका पासवर्ड उजागर हो जाए, तो TOTP कोड अनधिकृत लॉगइन के लिए एक अतिरिक्त रुकावट बनते हैं। आपकी ऑथेंटिकेटर ऐप के बिना हमलावर आपके खाते को एक्सेस नहीं कर सकते।
- किसी भी स्मार्टफोन पे काम करता है: TOTP सीधे आपके स्मार्टफोन से काम करता है — हार्डवेयर टोकन खरीदने की ज़रूरत नहीं। बस अपने डिवाइस पे कोई ऑथेंटिकेटर ऐप डाउनलोड करें, और आप तैयार हैं।
TOTP बेहतरीन सुरक्षा देता है, लेकिन ये बिल्कुल सही नहीं है। आपका डिवाइस खो जाने से आप अपने खातों से बाहर हो सकते हैं, इसलिए हमेशा बैकअप कोड सेव करें। साथ ही, ये सुनिश्चित करें कि आपके डिवाइस की घड़ियां इंटरनेट के साथ अपने आप सिंक होती रहें, क्योंकि गलत समय सेटिंग TOTP असफल होने का एक आम कारण है।
TOTP से अपने खाते सुरक्षित करें
TOTP आपके खाते की सुरक्षा समय-आधारित कोड के साथ बढ़ाता है, जो अन्य OTP तरीकों से बेहतर हैं। कई पासवर्ड और 2-एफए कोड संभालना मुश्किल नहीं होना चाहिए — बस Proton Pass का इस्तेमाल करें, एक पासवर्ड मैनेजर जिसमें इंटीग्रेटेड TOTP ऑथेंटिकेटर है।
Proton Pass पासवर्ड स्टोरेज और बनाने की सुविधा को 2-एफए ऑथेंटिकेटर के साथ जोड़ता है, जिससे साइनइन करते समय ऐप बदलने और अतिरिक्त ऐप डाउनलोड करने की ज़रूरत खत्म हो जाती है। इससे आपकी कीमती स्टोरेज स्पेस बचती है और 2-एफए के साथ साइनइन करना आसान हो जाता है। Proton Pass में आप जो कुछ भी सेव करते हैं, जिसमें आपके बनाए गए कोड भी शामिल हैं, उसे शक्तिशाली शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रखा जाता है।
लॉगइन सुरक्षा को अगले स्तर तक ले जाएं — आज ही अपने खातों के लिए TOTP सक्षम करें और अपने सभी पासवर्ड Proton Pass के साथ सेव करें।






