अपडेट, 21 अक्टूबर 2025: AWS ने पुष्टि की है कि 20 अक्टूबर का आउटेज US-EAST-1 रीजन में DNS रिज़ॉल्यूशन की समस्याओं की वजह से हुआ था, और अब ये पूरी तरह से हल हो चुका है।
20 अक्टूबर 2025 को AWS के एक बड़े आउटेज ने इंटरनेट के बड़े हिस्से को बंद कर दिया — जिनमें Amazon, Alexa, Snapchat, Fortnite, Roblox, Signal, Slack, Reddit, Canva, Airtable, ChatGPT, Perplexity, और Epic Games Store शामिल हैं।
AWS Health Dashboard(नई विंडो) के मुताबिक, US-EAST-1 रीजन (नॉर्थ वर्जीनिया) में कई Amazon सेवाओं में ऑपरेशनल समस्याएं आ रही हैं, और वजह की जांच अभी जारी है। ये पहली बार नहीं है, क्योंकि इसी रीजन में इसी तरह के AWS आउटेज पहले 2023, 2021, और 2020 में भी आए थे, और हर बार सेवाओं में बड़े पैमाने पे रुकावटें आईं।
ये एक बार फिर याद दिलाता है कि इंटरनेट — जिसे कभी एक विकेंद्रीकृत नेटवर्क के रूप में सोचा गया था जहां कोई भी आज़ादी से पब्लिश कर सके, कनेक्ट करें या कुछ बना सके — कुछ ही कंपनियों पे निर्भर होकर रह गया है। जब Amazon, Google, Microsoft, या Meta में गड़बड़ी आती है, तो दुनिया ऑफलाइन हो जाती है।
ये क्यों ज़रूरी है और हम इसके बारे में क्या कर सकते हैं।
AWS क्या है?
Amazon Web Services (AWS), Amazon का क्लाउड प्लेटफॉर्म है और दुनिया का सबसे बड़ा क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर(नई विंडो) है — वो रीढ़ है जो इंटरनेट के बड़े हिस्से को चालू रखती है। अपने सर्वर खरीदने और संभालने की बजाय, कंपनियां AWS से कंप्यूटिंग पावर, स्टोरेज, और डेटाबेस किराए पे लेती हैं।
मसलन, जब आप Netflix पे मूवी स्ट्रीम करें, Snapchat पे संदेश भेजें, या किसी ऐप में अपने सरकारी दस्तावेज़ चेक करें, तो डाटा शायद Amazon के सर्वर से गुज़रता है।
AWS के स्केल और भरोसेमंद होने ने इसे लाखों संगठनों के लिए आसान पसंद बना दिया, लेकिन इससे बहुत सारा कंट्रोल Amazon के हाथ में चला जाता है।
AWS आउटेज किस तरह Big Tech के जोखिमों को उजागर करता है
AWS के साथ समस्या — और बड़े पैमाने पे पूरे Big Tech के साथ भी — सेंट्रलाइज़ेशन की है। आज इंटरनेट का इतना बड़ा हिस्सा सिर्फ कुछ कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर, नियमों, और मज़बूती पे निर्भर है। और ये निर्भरता सिस्टम को नाज़ुक और हमारी निजता को खतरे में डालती है। ये कैसे:
सिंगल पॉइंट ऑफ फेल्योर: जब कोई बड़ा प्लैटफॉर्म डाउन होता है, तो इसका असर अलग-अलग सेवाओं के लाखों उपयोगकर्ताओं पे पड़ सकता है। मसलन, अक्टूबर 2025 में Microsoft 365 और Azure का आउटेज(नई विंडो) ने Teams, Outlook, और दूसरे बिज़नेस टूल्स का एक्सेस बाधित कर दिया था। इसी तरह, जून 2025 में Google Cloud का आउटेज(नई विंडो) ने Spotify और Discord जैसी सेवाओं को बंद कर दिया था।
डाटा का केंद्रीकरण: जब आप कोई ऐप इस्तेमाल करते हैं जो Big Tech के क्लाउड पे चलता है, तो आपका पर्सनल या बिज़नेस डाटा शायद उनके इंफ्रास्ट्रक्चर पे रहता है। क्लाउड प्रोवाइडर और उसके पार्टनर स्टोरेज, प्रोसेसिंग, या एनालिटिक्स के लिए आपके डाटा का एक्सेस कर सकते हैं। जितना ज़्यादा डाटा कुछ ही प्रोवाइडर्स से गुज़रता है, मिसयूज़, लीक, या निजता के नुकसान का जोखिम उतना बड़ा होता है।
आर्थिक और राजनीतिक दबाव: जब इतनी सारी कंपनियां और सरकारी एजेंसियां कुछ ही प्रोवाइडर्स पे निर्भर होती हैं, तो उन प्रोवाइडर्स के पास बहुत बड़ा असर आ जाता है। वो कीमतें बढ़ा सकते हैं, शर्तें तय कर सकते हैं, सरकारी डाटा रिक्वेस्ट (मानने या न मानने) का फैसला कर सकते हैं, और तय कर सकते हैं कि ऑनलाइन कौन चल सकता है, जैसा हमने बार-बार देखा है जब Big Tech ऐप्स या सेवाओं को रातोंरात डीप्लेटफॉर्म कर देता है। ये निर्भरता यूरोप की डिजिटल संप्रभुता को भी खतरे में डालती है, क्योंकि उसका बहुत सारा इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसी कंपनियों पे टिका है जो विदेशी कानूनी अधिकार-क्षेत्रों में हैं, जिनके कानून और हित अलग हैं।
AWS आउटेज का असर कैसे कम करें
आने वाली AWS गड़बड़ियों के दौरान इंडिविजुअल लोग कनेक्टेड और प्रोडक्टिव कैसे रह सकते हैं:
इंडिपेंडेंट क्लाउड स्टोरेज पर विचार करें: Proton Drive जैसे प्राइवेसी-फोकस्ड प्रोवाइडर्स Big Tech इंफ्रास्ट्रक्चर से बाहर काम करते हैं, और सेंसिटिव फ़ाइलों के लिए शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन और बेहतर मज़बूती देते हैं।
ऑफलाइन बैकअप रखें: AWS आउटेज डाटा लॉस की वजह नहीं बनते, लेकिन क्लाउड पे सेव फ़ाइलों का एक्सेस कुछ समय के लिए ब्लॉक कर सकते हैं। ज़रूरी दस्तावेज़ों की लोकल कॉपियां रखने का मतलब है कि गड़बड़ी के दौरान भी आप काम कर सकते हैं।
ऑफलाइन चलने वाले टूल्स इस्तेमाल करें: ऐसे ऐप्स चुनें जो इंटरनेट कनेक्शन के बिना काम कर सकें और कनेक्शन वापस आने पे अपने आप सिंक हो जाएं। मसलन, Proton Drive के डेस्कटॉप ऐप्स से आप फ़ाइलें ऑफलाइन बदलते रह सकते हैं, और इंटरनेट रीस्टोर होने पे वो आपके अपडेट सिंक कर देते हैं।
अगर आप कोई बिज़नेस चलाते हैं, तो बड़े आउटेज के दौरान डाउनटाइम छोटा करने और ऑपरेशंस को बचाने के कुछ प्रैक्टिकल तरीके ये हैं:
निगरानी और अलर्ट सेटअप करें: AWS CloudWatch(नई विंडो) जैसे टूल्स या Datadog(नई विंडो) जैसे तीसरें-पार्टी प्लेटफॉर्म अपने आप परफॉरमेंस की समस्याएं पकड़ सकते हैं और बैकअप सिस्टम जल्दी ट्रिगर कर सकते हैं।
मल्टी-रीजन डिप्लॉयमेंट इस्तेमाल करें: बिज़नेस अपनी एप्लीकेशन या वेबसाइटें कई AWS रीजन में होस्ट कर सकते हैं (मसलन, सिर्फ us-east-1 में नहीं), ताकि एक डाउन होने पे बाकी ऑनलाइन रहें।
फेलओवर और बैकअप सिस्टम लगाएं: ऐसे ऑटोमेटेड सिस्टम सेटअप करें जो आउटेज के दौरान ट्रैफिक या वर्कलोड को बैकअप सर्वर पे भेज दें। मसलन, Cloudflare जैसे कंटेंट डिलिवरी नेटवर्क (CDN) का इस्तेमाल इसलिए मदद करता है कि वो कंटेंट को उपयोगकर्ताओं के करीब कैश कर देते हैं।
डिज़ास्टर रिकवरी प्लैन बनाएं और टेस्ट करें: नियमित तौर पे रिहर्सल करें कि क्लाउड सेवाएं फेल होने पे आपकी टीम ज़रूरी ऑपरेशंस कैसे रीस्टोर करेगी।
ज़्यादा मज़बूत इंटरनेट बनाना
अगर वेब को एक पब्लिक गुड बने रहना है, तो हमें इसकी इंफ्रास्ट्रक्चर और ओनरशिप की डाइवर्सिटी(नई विंडो) रीस्टोर करनी होगी। हम इंटरनेट को रातोंरात दोबारा नहीं बना सकते, लेकिन जो टूल्स हम इस्तेमाल करते हैं, उनके बारे में सोच-समझकर चुनाव कर सकते हैं।
Proton में हम प्राइवेसी-फर्स्ट सेवाएं बनाते हैं जो Big Tech के इंफ्रास्ट्रक्चर से इंडिपेंडेंट तौर पे काम करती हैं। हमारे ऐप्स ओपन सोर्स हैं और इंडिपेंडेंट ऑडिट से गुज़रे हैं, यानी कोई भी देख सकता है कि वो कैसे काम करते हैं और डाटा निजी रहता है। स्विट्ज़रलैंड में बना और मज़बूत प्राइवेसी कानूनों से सुरक्षित, Proton ऐसी डिजिटल दुनिया के लिए बनाया गया है जो डिफॉल्ट तौर पे निजी, सुरक्षित, और आज़ाद हो। हम बढ़ते यूरोस्टैक आंदोलन को भी सहायता देते हैं, जो यूरोप में बने इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड इकोसिस्टम में ज़्यादा डाइवर्सिटी को बढ़ावा देता है।
जब डाटा बंटा होता है — इंडिपेंडेंट प्रोवाइडर्स के पास होस्टेड या सीधे उपयोगकर्ताओं के कंट्रोल में — तो कोई एक कंपनी उसे पूरी तरह कंट्रोल या बाधित नहीं कर सकती। इंटरनेट ऐसे ही काम करने के लिए बना था।






