आपकी रिमोट वर्कफोर्स डिजिटल तौर पे ऑफिस में काम करने वाली किसी भी वर्कफोर्स जितनी सुरक्षित होनी चाहिए। सौभाग्य से, वही टूल जो आपको बिखरे हुए वर्कप्लेस चलाने में सक्षम करें, जैसे VPN और collaboration सॉफ्टवेयर, आपका डाटा सुरक्षित रखने में भी मदद कर सकते हैं।
इस लेख में हम आठ आसान कदम बताएंगे, जिन्हें अपना कर आप अपना नेटवर्क सुरक्षित कर सकते हैं, चाहे आपके कर्मचारी कहीं भी काम कर रहे हों।
- भरोसेमंद, सुरक्षित हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दें
- दो-फैक्टर सत्यापन अनिवार्य करें
- कर्मचारियों को अपना होम राऊटर पासवर्ड बदलने के लिए कहें
- सही VPN चुनें
- VPN के इस्तेमाल को सुनिश्चित करें
- इंटरनल सर्वर तक एक्सेस सीमित करें
- ग्रुप कॉल एन्क्रिप्ट करें
- कर्मचारियों की टेक्स्ट मैसेजिंग सुरक्षित रखें
आपके रिमोट कर्मचारियों को अपना काम सुरक्षित रखने में मदद करने के लिए, इस लेख के आखिर में हमने कर्मचारियों के लिए एक चेकलिस्ट भी शामिल की है।
खतरे क्या हैं?
सबसे पहले, ये समझना ज़रूरी है कि आप अपने वर्कप्लेस को किन चीज़ों से सुरक्षित कर रहे हैं।
ज़्यादातर मामलों में, आप बस अपनी कंपनी को उन आम साइबर अपराधियों से बचाने की कोशिश कर रहे होते हैं, जो पैसे कमाने के लिए पर्सनल डाटा चुराने के लिए ऑनलाइन सबको निशाना बनाते हैं। हो सकता है वो आपके बिज़नेस को खास तौर पे निशाना न बना रहे हों, लेकिन उनका असर बहुत बड़ा हो सकता है। अमेरिका में 2022 में इंटरनेट स्कैम से बिज़नेस और व्यक्तियों को मिलाकर $10.3 बिलियन(नई विंडो) का नुकसान हुआ, और ये और भी ज़्यादा हो सकता है, क्योंकि साइबर क्राइम कम रिपोर्ट होता है।
इनमें फिशिंग से लेकर रैंसमवेयर तक, हर तरह के हमले शामिल हैं। अगर कोई हैकर आपका डाटा चुरा के पैसे की मांग करता है, तो हो सकता है आपको पाने के अलावा कोई चारा न दिखे। या अगर आपके ग्राहकों का पर्सनल डाटा डार्क वेब पे लीक हो जाता है, तो आप डाटा सुरक्षा कानूनों(नई विंडो) का उल्लंघन करने की वजह से भारी जुर्माने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
अपनी रिमोट वर्कफोर्स को सुरक्षित करें
इन जोखिमों को कम करने के कई तरीके हैं। इनमें से कई की शुरुआत सुरक्षा को प्राथमिकता देने से होती है, चाहे मैनेजमेंट लेवल पे हो या आपके कर्मचारियों की आदतों में। हम इसे नीचे दी गई चेकलिस्ट में कवर करते हैं। लेकिन ट्रेनिंग और जागरूकता के अलावा, कुछ तकनीकी सुरक्षा उपाय भी हैं जिन्हें आप लागू कर सकते हैं। यहां आठ उपाय हैं, जिन पे आप अभी काम कर सकते हैं।
1. भरोसेमंद, सुरक्षित हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दें
कर्मचारियों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की ज़िम्मेदारी बिज़नेस की होती है, चाहे डिवाइस ऑफिस के बाहर ही क्यों न हों। अगर कर्मचारियों को खुद छोड़ दिया जाए, तो हो सकता है वो ऐसे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर चुनें जो उनके काम के लिए सही न हों या सुरक्षित न हों। सुरक्षा की बेहतरीन प्रथाओं का पालन करने की ज़िम्मेदारी कर्मचारियों की है, लेकिन उनसे सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर की सुरक्षा का आकलन करने की उम्मीद करना अनुचित है और इससे अच्छे नतीजे मिलने की संभावना नहीं है।
किसी सुरक्षा एक्सपर्ट से, आदर्श रूप से अपनी IT सहायता टीम से, कर्मचारियों को सलाह देने के लिए कहें कि उन्हें कौन सा हार्डवेयर चुनना चाहिए, जिसमें लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन, रिमोट मीटिंग के लिए एक्सटर्नल माइक्रोफोन वगैरह शामिल हैं।
उन्हें ये भी सलाह दें कि उन्हें कौन सा बेसिक सॉफ्टवेयर चाहिए। इसमें ऑफिस सुइट सॉफ्टवेयर, इंटरनेट ब्राउज़र और ईमेल क्लाइंट शामिल हैं।
2. दो-फैक्टर सत्यापन अनिवार्य करें
चाहे आपके कर्मचारी घर से काम करें या ऑफिस से, आपको सभी वर्कप्लेस खातों पे दो-फैक्टर सत्यापन (2FA) अनिवार्य करना चाहिए और पर्सनल खातों पे इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे लॉगइन करते वक्त सत्यापन की एक अतिरिक्त परत जुड़ती है, जिससे अगर कोई हमलावर किसी का यूज़रनेम और पासवर्ड चुरा भी ले, तो भी वो खाते तक एक्सेस नहीं कर पाएगा।
ईमेल, VPN, चैट ऐप, क्लाउड स्टोरेज, CRM और हर दूसरी जगह 2-एफए सक्षम किया जाना चाहिए, जहां से आपके कर्मचारी आपके नेटवर्क को एक्सेस करते हैं। आम तौर पे आप अपनी एडमिन सेटिंग से 2FA अनिवार्य कर सकते हैं।
3. कर्मचारियों को अपना होम राऊटर पासवर्ड बदलने के लिए कहें
पर्सनल होम राऊटर में आम तौर पे एक डिफॉल्ट पासवर्ड होता है, जो नीचे छपा होता है। बहुत से लोग इन पासवर्ड को बदलने में समय नहीं लगाते, जिससे उनके राऊटर हैकिंग के खतरे में रहते हैं। सुनिश्चित करें कि आपके कर्मचारी अपना राऊटर पासवर्ड बदलें और सेव करें, ठीक वैसे ही जैसे वो ऑफिस में किसी भी पासवर्ड को संभालते हैं (उस पासवर्ड मैनेजर(नई विंडो) का इस्तेमाल करते हुए जो आपने उन्हें दिया है)।
4. सही VPN चुनें
रिमोट वर्कफोर्स वाली कंपनी के तौर पे आपको एक हाई-क्वालिटी VPN, यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क, की ज़रूरत है। VPN आपके कर्मचारियों की निजता और सुरक्षा की रक्षा करेगा, चाहे वो इंटरनेट से कहीं से भी कनेक्ट करें। हमने Proton VPN for Business(नई विंडो) खास तौर पे छोटे और मध्यम आकार के बिज़नेस की सबसे अहम सुरक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया है।
VPN चुनते वक्त इन बातों का ध्यान रखें:
- हाई स्पीड — ऐसे VPN से संतुष्ट न हों जो आपकी रिमोट वर्कफोर्स को धीमा कर देता है। Proton VPN for Business की VPN Accelerator(नई विंडो) टेक्नोलॉजी एडवांस नेटवर्किंग तकनीकों का इस्तेमाल करती है, जिससे लेटेंसी कम होती है, प्रोटोकॉल की अक्षमता घटती है और CPU की सीमाओं पे काबू पाया जाता है। इसके अलावा, सभी Proton VPN सर्वर में कम से कम 1 जीबिटपीएस बैंडविड्थ है, और ज़रूरत पड़ने पे 10 जीबिटपीएस सर्वर भी उपलब्ध हैं।
- सुरक्षित VPN प्रोटोकॉल — बिज़नेस VPN सर्वर को PPTP और L2TP/IPSec VPN प्रोटोकॉल को सपोर्ट नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे सुरक्षित नहीं हैं। Proton VPN for Business में हम सिर्फ वही VPN प्रोटोकॉल इस्तेमाल करते हैं जो सुरक्षित माने जाते हैं(नई विंडो)। ये प्रोटोकॉल WireGuard®, OpenVPN और IKEv2 हैं।
- सबसे मजबूत एन्क्रिप्शन — आपके रिमोट वर्कर की सुरक्षा उतनी ही मजबूत है जितना उनके VPN का एन्क्रिप्शन। Proton VPN सबसे मजबूत एन्क्रिप्शन(नई विंडो) इस्तेमाल करता है: नेटवर्क ट्रैफिक के लिए AES-256 या ChaCha20, एक्सचेंज चाबियों के लिए 4096-बिट RSA, और संदेश सत्यापन के लिए SHA384 के साथ HMAC। इसके अलावा, हमारे सभी सिफर सुइट परफेक्ट फॉरवर्ड सीक्रेसी(नई विंडो) इस्तेमाल करते हैं, यानी हर बार जब आपका कर्मचारी VPN से कनेक्ट करता है, तो हम एक नई एन्क्रिप्शन चाबी बनाते हैं।
- नेटवर्क सुरक्षा — Proton VPN for Business के Secure Core(नई विंडो) सर्वर स्विट्ज़रलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के हार्डन डाटा सेंटर में हैं, जो फुल डिस्क एन्क्रिप्शन से सुरक्षित हैं। Proton दुनिया के कुछ सबसे मजबूत निजता कानूनों से भी सुरक्षित है, क्योंकि ये एक स्विट्ज़रलैंड स्थित कंपनी(नई विंडो) है। इसी वजह से हम अपनी सख्त लॉग-नहीं नीति)(नई विंडो) बनाए रख सकते हैं।
- ओपन सोर्स और ऑडिटेड — सिर्फ ऐसे VPN पे भरोसा करें जो पारदर्शी हो और स्वतंत्र तौर पे ऑडिट किया गया हो(नई विंडो)। हमारे Proton VPN ऐप 100% ओपन सोर्स हैं। इसके अलावा, हम नियमित तौर पे स्वतंत्र, प्रोफेशनल ऑडिट करवाते हैं और पूरे नतीजे सार्वजनिक करते हैं।
5. VPN के इस्तेमाल को सुनिश्चित करें
आपका VPN चाहे कितना भी एडवांस क्यों न हो, अगर आपके कर्मचारियों को उसे इस्तेमाल करने में दिक्कत होती है या वो उसे इस्तेमाल करने से बचते हैं, तो वो VPN फायदेमंद नहीं है।
VPN का इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए, वे Always-on और किल स्विच(नई विंडो) खासियतें सक्षम करें, जो आपके VPN प्रोवाइडर को देनी चाहिए। Always-on खासियत ये सुनिश्चित करती है कि आपके कर्मचारी का डिवाइस हमेशा VPN सर्वर के ज़रिए इंटरनेट से कनेक्ट हो। अगर वह सुरक्षित कनेक्शन किसी भी वजह से टूट जाए, तो किल स्विच खासियत काम करने लगती है और ट्रैफिक रोक देती है, जिससे आपका कर्मचारी सुरक्षित रहे।
रिमोट वर्कर VPN के ज़रिए काम करने से बचने की एक और आम वजह ये है कि उन्हें ऐसी वेबसाइट से ब्लॉक कर दिया जाता है, जो उन्हें खतरा मानती हैं। Proton VPN की दूसरा रूट(नई विंडो) टेक्नोलॉजी आपके कर्मचारियों को ज़्यादातर फायरवॉल और VPN ब्लॉकिंग तरीकों से बचने देती है, ताकि वे बिना रुकावट अपना काम कर सकें।
6. इंटरनल सर्वर तक एक्सेस सीमित करें
चाहे आप छोटा बिज़नेस ही क्यों न चलाते हों, सभी कर्मचारियों को सभी इंटरनल रिसोर्स और डेटाबेस तक एक्सेस की ज़रूरत नहीं होती। अगर कर्मचारी रिमोट हों, तो इस तरह का एक्सेस खास तौर पे खतरनाक हो सकता है। एक्सेस परमिशन कंट्रोल करने के लिए अपना VPN सेटअप करें।
VPN के एडमिन के तौर पे, आप किसी कर्मचारी या कर्मचारियों के ग्रुप को एक या एक से ज़्यादा डेडिकेटेड VPN सर्वर IP पतों (जिन्हें ‘गेटवे’ भी कहा जाता है) को असाइन कर सकते हैं, इस आधार पे कि आप उन्हें किस चीज़ तक एक्सेस देना चाहते हैं। इस सेगमेंटेशन सिस्टम के ज़रिए, आपकी कंपनी के इंटरनल सर्वर उन VPN सर्वर से आने वाली एक्सेस रिक्वेस्ट को पहचानेंगे और अनुमति देंगे, जिन्हें आपने उस अनुमति के लिए कॉन्फ़िगर किया है, और किसी भी दूसरे VPN या साधारण इंटरनेट सर्वर से आने वाली सभी रिक्वेस्ट को अस्वीकार कर देंगे।
एक्सेस पे लचीला और बारीक कंट्रोल देने के अलावा, ये सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत भी जोड़ता है: अगर कोई बुरे इरादे वाला व्यक्ति किसी इंटरनल सर्वर रिसोर्स का यूज़रनेम और पासवर्ड हासिल भी कर ले, तो भी वो उसे एक्सेस नहीं कर पाएगा, क्योंकि उसका डिवाइस असाइन किए गए VPN सर्वर का इस्तेमाल नहीं कर रहा होगा।
7. ग्रुप कॉल एन्क्रिप्ट करें
रिमोट काम के साथ रिमोट मीटिंग भी आती हैं। सुनिश्चित करें कि आप उन मीटिंग की सुरक्षा कर रहे हैं।
Wire(नई विंडो) एक ग्रुप ऑडियो और वीडियो कॉन्फ्रेंस प्लैटफॉर्म है, जो ज़ीरो-नॉलेज एन्क्रिप्शन इस्तेमाल करता है, जो उस मॉडल जैसा है जो हम Proton सर्विस में इस्तेमाल करते हैं। ये एक मीटिंग में एक साथ 100 उपयोगकर्ताओं तक होस्ट कर सकता है। ये स्वतंत्र तौर पे ऑडिट किया गया है और ओपन सोर्स है।
8. कर्मचारियों के टेक्स्ट संदेश और ईमेल सुरक्षित रखें
ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की तुलना में रिमोट कर्मचारियों के आपस में टेक्स्ट और ईमेल करने की संभावना ज़्यादा होती है। बिज़नेस के तौर पे, आपको उस रिमोट वर्क प्रोडक्ट की भी सुरक्षा करनी चाहिए।
Signal(नई विंडो) को सबसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप माना जाता है। ये एक-से-एक संदेशों और ग्रुप संदेशों, दोनों को शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्ट करता है। ये Android और Apple फोन, साथ ही Linux और Windows सेटअप पे भी काम करता है।
Proton Mail(नई विंडो) हमारी ईमेल सर्विस है और दुनिया का सबसे बड़ा शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्टेड ईमेल प्रदाता है। ये एडवांस सुविधाऐं देता है, जैसे समय खत्म होने वाले और पासवर्ड से सुरक्षित ईमेल, एन्क्रिप्टेड खोजें, और प्रोडक्टिविटी खासियतें जैसे सूचना बंद।
रिमोट कर्मचारी सुरक्षा चेकलिस्ट
लोग आम तौर पे किसी भी सिस्टम की सुरक्षा की सबसे कमज़ोर कड़ी होते हैं, जिसमें आपके संगठन का नेटवर्क भी शामिल है। फिशिंग हमले इसी बात का फायदा उठाने के लिए बनाए जाते हैं। इसे कम करने के लिए, हम नियमित सुरक्षा ट्रेनिंग और रिमाइंडर की सलाह देते हैं।
नीचे एक सुरक्षा चेकलिस्ट दी गई है, जिसे आप अपने कर्मचारियों के साथ शेयर कर सकते हैं और ज़रूरत के हिसाब से अपने वर्कप्लेस के अनुसार बदल सकते हैं।
अपने वर्क डिवाइस का सुरक्षित इस्तेमाल करें
- ज़रूरी न होने वाली एप्लीकेशन अपने वर्क डिवाइस पे न रखें और इस्तेमाल में न होने पे इसे सुरक्षित रखें, चाहे घर पे ही क्यों न हों।
- जब भी अपने डिवाइस का इस्तेमाल न कर रहे हों, उनकी स्क्रीन को मजबूत पासवर्ड से लॉक करें।
- खोए हुए या छेड़छाड़ किए गए डिवाइस की तुरंत रिपोर्ट करें, ताकि सेंसिटिव डाटा सुरक्षित रहे।
- अगर ब्लूटूथ का सक्रिय रूप से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो उसे बंद कर दें।
डाटा एन्क्रिप्शन
- सेंसिटिव डाटा की सुरक्षा के लिए अपने वर्क डिवाइस की हार्ड ड्राइव एन्क्रिप्ट करें।
- Android, iOS, macOS और Windows डिवाइस पे एन्क्रिप्शन सिस्टम सक्रिय करें और रिकवर कोड को सुरक्षित रखें।
एन्क्रिप्टेड संचार
- निजी और सुरक्षित बातचीत के लिए Proton Mail इस्तेमाल करें।
- निजता बढ़ाने के लिए सेंसिटिव संदेशों के लिए समय खत्म होने की तारीख सेट करें।
अपना सॉफ्टवेयर अपडेट करें
- सभी ऑपरेटिंग सिस्टम, प्रोग्राम और एप्लीकेशन को अपडेट रखें। नए सॉफ्टवेयर वर्ज़न में अक्सर सुरक्षा कमज़ोरियों के लिए पैच होते हैं।
मजबूत पासवर्ड
- हर खाते के लिए मजबूत, यूनीक पासवर्ड (कम से कम 16 कैरेक्टर) इस्तेमाल करें।
- पासवर्ड मैनेज करने के लिए किसी भरोसेमंद पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें।
दो-फैक्टर सत्यापन
- सभी खातों पे सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ने के लिए 2FA सक्षम करें।
- SMS या दूसरे कम सुरक्षित तरीकों की जगह कोई ऑथेंटिकेटर ऐप इस्तेमाल करें, जैसे Proton Pass में बना हुआ ऑथेंटिकेटर।
सुरक्षित नेटवर्क एक्सेस
- सेंसिटिव जानकारी असुरक्षित एक्सटर्नल एप्लीकेशन से भेजने से बचें।
- अतिरिक्त सुरक्षा के लिए सुरक्षित प्रोटोकॉल वाले VPN के ज़रिए अपने वर्क कंप्यूटर से कनेक्ट करें।
सुरक्षित होम वाई-फाई नेटवर्क
- अपने होम वाई-फाई राऊटर का डिफॉल्ट पासवर्ड बदल के मजबूत, यूनीक पासवर्ड रखें।
- अनधिकृत एक्सेस से बचने के लिए अपने होम वाई-फाई पे एन्क्रिप्शन सक्षम करें, बेहतर हो कि WPA2 हो।
VPN का इस्तेमाल
- कंपनी के रिसोर्स एक्सेस करते वक्त कंपनी के VPN से कनेक्ट करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंस सुरक्षा
- सुनिश्चित करें कि वीडियो कॉन्फ्रेंस या स्क्रीन शेयरिंग के दौरान कोई सेंसिटिव जानकारी न दिखे।
- अनधिकृत एक्सेस से बचने के लिए सभी कॉन्फ्रेंस कॉल पे पासवर्ड की सुरक्षा रखें।
सोशल इंजीनियरिंग और फिशिंग हमलों से सतर्क रहें
- अनजान या अप्रत्याशित भेजने वालों के लिंक पे कभी क्लिक न करें, अटैचमेंट डाउनलोड न करें, या QR कोड स्कैन न करें।
- वीडियो कॉन्फ्रेंस के स्क्रीनशॉट या सेंसिटिव जानकारी सोशल मीडिया पे शेयर करने से बचें।






