आपकी निजी वीडियो फ़ाइलें सिर्फ़ आपकी आंखों के लिए होती हैं — लेकिन सभी क्लाउड स्टोरेज सेवाएं आपके वीडियो को सुरक्षित रूप से स्टोर नहीं करती हैं, निजी रूप से तो बिल्कुल नहीं।

इस लेख में हम कुछ सबसे लोकप्रिय वीडियो शेयरिंग प्लैटफॉर्म की दी जाने वाली निजता के स्तर की जांच करते हैं और यह बताते हैं कि फाइल शेयर करने वाली कंपनियों को आपके द्वारा ऑनलाइन अपलोड और शेयर किए गए कंटेंट तक एक्सेस करने से रोकते हुए अपने निजी वीडियो को सुरक्षित रखने के लिए आप क्या कर सकते हैं।

ज़्यादातर सेवाएं आपके निजी वीडियो देख सकती हैं

भले ही आप अपनी निजी फ़ाइलें स्टोर और शेयर करने के लिए किसी प्रतिष्ठित प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हों, इसकी पूरी संभावना है कि आपके निजी वीडियो असल में निजी नहीं हैं।

कई लोकप्रिय शेयरिंग सेवाएं — जैसे नीचे बताई गई सेवाएं — इन-ट्रांज़िट और एट-रेस्ट एन्क्रिप्शन तरीकों पे निर्भर हैं, जैसे अपने सर्वर से डाटा के ट्रांसफर के दौरान उसे सुरक्षित रखने के लिए TLS एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करना, और साथ ही अपनी सेवाओं पे स्टोर रही फ़ाइलों को सुरक्षित रखने के लिए AES एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करना।

इसकी वजहें किसी और चीज़ से ज़्यादा ऐतिहासिक हैं। हाई-स्पीड इंटरनेट से पहले दो तरह के एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करना समझदारी थी। इन-ट्रांज़िट एन्क्रिप्शन ज़्यादा सुरक्षित होता था ताकि ये पक्का हो सके कि आपका डाटा रोका जाए तो भी वो अपठनीय रहे, जबकि सर्वर पे रखी फ़ाइलें तेज़ साइफर का इस्तेमाल करती थीं ताकि आप उन तक जल्दी एक्सेस कर सकें।

इस सिस्टम की खामी है कि (1) आपके इस्तेमाल की गई सेवा के पास हमेशा आपके डाटा की चाबी रहती है, इसलिए वे देख सकती हैं कि आप क्या स्टोर कर रहे हैं और आपकी फ़ाइलों पे कोई असली कंट्रोल नहीं है। और (2), एन्क्रिप्शन का यह रूप अपलोड, स्टोर और शेयर करने की पूरी प्रक्रिया के दौरान बार-बार कंटेंट को एन्क्रिप्ट और डीक्रिप्ट करके उसे डाटा लीक के लिए कमज़ोर बना देता है।

आइए जानते हैं कि कुछ सबसे लोकप्रिय निजी वीडियो शेयरिंग प्लैटफॉर्म एन्क्रिप्शन को कैसे हैंडल करते हैं और इसका आपके वीडियो की निजता के लिए क्या मतलब है।

Google Drive

Google Drive अब तक की सबसे लोकप्रिय क्लाउड स्टोरेज सेवाओं में से एक है। फ़ाइलें ट्रांज़िट के दौरान TLS का इस्तेमाल करके सुरक्षित रखी जाती हैं और एट-रेस्ट में AES-128 से एन्क्रिप्ट की जाती हैं। हालांकि, Google Drive का इस्तेमाल करके आप Google को अपनी निजी फ़ाइलों को कभी भी स्कैन करने और संभावित रूप से हटाने का अधिकार दे देते हैं। अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए Google के द्वारा आपका डाटा इस्तेमाल करने से ऑप्ट आउट करने का कोई तरीका नहीं है। हालांकि बिग टेक दिग्गज बताता है कि वह Google Drive में स्टोर किए गए कंटेंट के आधार पे पर्सनलाइज़्ड विज्ञापन नहीं दिखाता, फिर भी उसका बिज़नेस मॉडल अन्य Google टूल्स से एकत्र किए गए उपयोगकर्ता डाटा पे बहुत ज़्यादा निर्भर करता है। और अगर कोई हैकर कभी Google के सर्वर में सेंध लगाए, तो आपकी फ़ाइलें और उनकी एन्क्रिप्शन चाबी, दोनों से छेड़छाड़ हो सकती है, जिससे आपके निजी वीडियो खतरे में आ जाते हैं।

WeTransfer

WeTransfer आपकी फ़ाइलों को TLS से एन्क्रिप्ट करता है अपलोड के दौरान, और एक बार उसके सर्वर पे पहुंचने के बाद उन्हें AES-256 का इस्तेमाल करके दोबारा एन्क्रिप्ट करता है। जब कोई आपकी फ़ाइल डाउनलोड करता है, तो WeTransfer उसे फिर से डीक्रिप्ट करता है और ट्रांसफर के लिए TLS से दोबारा एन्क्रिप्ट करता है। हालांकि ये परतें मज़बूत लगती हैं, ऐसे कुछ क्षण भी होते हैं जब आपकी फ़ाइलें WeTransfer के सर्वर पे अस्थायी रूप से एन्क्रिप्शन नहीं रहती हैं। इन अंतरालों के दौरान, WeTransfer के इंफ्रास्ट्रक्चर तक बिना अनुमति एक्सेस हासिल करने वाला कोई भी आपके भेजे जा रहे कंटेंट को देख सकता है, जिससे आपके निजी वीडियो की सुरक्षा कमज़ोर होती है।

Vimeo

मूल रूप से एक वीडियो-शेयरिंग प्लैटफॉर्म रहा Vimeo अब आपको अपने वीडियो तक एक्सेस कंट्रोल करने की सुविधा देता है — बिना लिस्ट किए गए लिंक शेयर करके, पासवर्ड सेट करके या उन लोगों की अनुमतियां संभालकर, जिन्हें आप अपने वीडियो शेयर करना चुनते हैं। Vimeo का इंफ्रास्ट्रक्चर AWS Simple Storage और Google Cloud पे निर्भर है — बाद वाले की निजता के लिए काफी संदिग्ध प्रतिष्ठा है। इस लिस्ट की बाकी सेवाओं की तरह, Vimeo भी ट्रांज़िट में डाटा के लिए सुरक्षित एन्क्रिप्शन और मज़बूत TLS प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है, और एट-रेस्ट डाटा को भी जहां तक मुमकिन हो एन्क्रिप्शन दिया जाता है। हालांकि Vimeo मज़बूत सुरक्षा उपाय रखता है, इसका मुख्य फोकस शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन या ज़ीरो-नॉलेज निजता नहीं है, जिसका मतलब है कि आपके निजी वीडियो पे पूरा कंट्रोल अब भी सीमित है

Dropbox

Dropbox इन-ट्रांज़िट सुरक्षा के लिए TLS और एट-रेस्ट में AES-256 एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल करता है। इन उपायों के बावजूद, Dropbox की सुरक्षा समस्याओं का एक उल्लेखनीय इतिहास रहा है, और चूंकि यह डिफॉल्ट रूप से असली क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन ऑफर नहीं करता, यह आपकी फ़ाइलों तक एक्सेस कर सकता है। अपनी निजता नीति के मुताबिक, Dropbox किसी अनुरोध पर डाटा — आपकी फ़ाइलें भी — दूसरी कंपनियों या अधिकारियों के साथ शेयर कर सकता है। ये तरीके डाटा सुरक्षा के बारे में सवाल खड़े करते हैं, जिससे निजी तौर पे शेयर करने के लिए वीडियो अपलोड करने की जगह सोचते समय यह आदर्श से कम है।

निजी वीडियो फ़ाइलें सुरक्षित रूप से कहां अपलोड, शेयर और स्टोर करें

अपनी फ़ाइलों को लीक के लिए या अपनी शेयरिंग सेवा प्रोवाइडर के इस्तेमाल के लिए असुरक्षित छोड़ने से बचने का इकलौता तरीका है एक अलग तरह का एन्क्रिप्शन इस्तेमाल करना, जिसे शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन कहा जाता है। इस स्थिति में, डाटा आपके अपलोड करने के पल से लेकर दोबारा डाउनलोड करने तक एन्क्रिप्ट किया रहता है। इसके बीच किसी भी पल यह डीक्रिप्ट नहीं होता, यानी कोई भी इस पे चोरी की नज़र नहीं डाल सकता। इससे भी बेहतर बात यह है कि चाबियां आपके छोर पे बनती हैं, इसलिए उन पे कंट्रोल आपका है, यानी अपनी फ़ाइलों पे कंट्रोल भी आपके हाथ में है।

अभी, किसी क्लाउड स्टोरेज सेवा के लिए शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन इस्तेमाल न करने की वजह तब तक नहीं है, जब तक उसका बिज़नेस मॉडल निगरानी पे आधारित न हो। सर्वर और कनेक्शन एन्क्रिप्शन को हैंडल करने लायक काफी तेज़ हैं, और एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल खुद भी काफी बेहतर हो गए हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि ये एडवांस्ड प्रोटोकॉल आपको एन्क्रिप्ट किए रहने के दौरान भी दूसरों के साथ निजी वीडियो शेयर करने देते हैं।

अगर आप ऐसी क्लाउड स्टोरेज सेवा इस्तेमाल करना चाहते हैं जहां आपके निजी वीडियो निजी रहें, तो शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन ही चाबी है। हालांकि, इसका मतलब है कि आपको ऐसी सेवा ढूंढनी होगी जो यह ऑफर करती हो।

Proton Drive के साथ अपने निजी वीडियो को निजी रखें

अगर आप निजी तौर पे शेयर करने के लिए वीडियो अपलोड करने की जगह ढूंढ रहे हैं, तो Proton Drive ही जवाब है — एक अत्याधुनिक क्लाउड स्टोरेज सेवा जिसमें डिफॉल्ट रूप से शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन मौजूद है। यह कोई पेड खासियत नहीं है, और न ही कोई छिपा हुआ टॉगल है जिस पे क्लिक करना ज़रूरी है: हमारे साथ स्टोर की गई हर चीज़ को पूरी निजता हासिल है। आपके अलावा, और जिन लोगों के साथ आप शेयर करते हैं उनके अलावा, कोई भी कभी आपके स्टोर किए गए वीडियो नहीं देख सकता।

इसका नतीजा ये है कि जब आप कोई भी वीडियो Proton Drive पे अपलोड करते हैं, तो वो निजी वीडियो बन जाता है। आप तय कर सकते हैं कि कौन किस फ़ाइल को देख सकता है और कौन नहीं, और आप कभी भी चाहें तो किसी भी फ़ाइल का शेयर करना रोक सकते हैं। वीडियो फ़ाइल की एक्सेस पे एक्सपायरी तारीख सेट करना भी मुमकिन है, या ज़्यादा कंट्रोल के लिए अपने निजी वीडियो को पासवर्ड से सुरक्षित रखें।

निजी वीडियो शेयर करने का सटीक तरीका जानने के लिए शेयर करने लायक लिंक बनाने के बारे में हमारा लेख देखें।

हमने ऐसा क्लाउड स्टोरेज समाधान बनाया है जहां आप निजी तौर पे शेयर करने के लिए वीडियो अपलोड कर सकते हैं, क्योंकि कंट्रोल आपके हाथ में देना Proton में हमारे दर्शन का एक बुनियादी हिस्सा है। हमने आपके सुझावों के आधार पे एक इंटरफेस बनाया है, और हमारी सभी खासियतें हमारी कम्युनिटी से प्रेरित हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हम हमेशा अपने उपयोगकर्ताओं को सबसे पहले रखते हैं। हम ये इसलिए कर पाते हैं क्योंकि, ज़्यादातर दूसरी टेक कंपनियों के उलट, हमें पूरी तरह से आप ही फंड देते हैं, हमारे उपयोगकर्ता। ना कोई शेयरहोल्डर, ना वेंचर कैपिटल; हमें फंड करने वाले सिर्फ़ आप ही हैं।

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