आपको शायद पता है कि आपका कंप्यूटर हैक हो सकता है, लेकिन क्या आपको पता है कि आपका फोन भी हो सकता है?

आपका फोन ही शायद वो ज़रिया है जिससे आप दोस्तों और परिवार को मैसेज करते हैं, हेल्थकेयर अपॉइंटमेंट लेते हैं, ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, और अपने बैंक खाते संभालते हैं। इसी वजह से ये हैकर्स के लिए एक आदर्श निशाना है, जिससे वे आपका पर्सनल डाटा बहुत जल्दी एक्सेस कर सकते हैं।

अगर आपका फोन हैक हो जाता है, तो आप पहचान धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं और संभव है कि आपको गंभीर वित्तीय नुकसान भी हो। हम आपको समझने में मदद करेंगे कि आपका फोन असल में कैसे हैक हो सकता है और उसे रोकने के लिए आप क्या कर सकते हैं।

कोई आपका फोन कैसे हैक कर सकता है?

कई ऐसे रास्ते हैं जिनसे हैकर्स आपके मोबाइल डिवाइस को निशाना बनाकर उसमें घुस सकते हैं।

पब्लिक वाई-फाई

पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करने में काफी जोखिम होते हैं। हैकर्स ऐसे पब्लिक हॉटस्पॉट बना सकते हैं जिनके नाम असली जैसे दिखते हैं, ताकि आप धोखे से उनसे कनेक्ट हो जाएं। जब आप नकली हॉटस्पॉट से कनेक्ट होते हैं, तो हो सकता है कि आपको एक लैंडिंग पेज पे भेजा जाए और इंटरनेट से कनेक्ट होने के लिए खाता बनाने को कहा जाए। एक बार कनेक्ट होने के बाद हैकर्स आपकी की हर चीज़ देख सकेंगे और वो डाटा इकट्ठा कर सकेंगे जिसमें आपका ईमेल पता और पासवर्ड शामिल हो सकते हैं, ताकि वे आपके ऑनलाइन खातों को एक्सेस कर सकें। अगर आप ऐसे पब्लिक वाई-फाई से कनेक्ट होते हैं जो पासवर्ड से सुरक्षित नहीं है, तो हैकर्स मैन-इन-द-मिडल अटैक का इस्तेमाल करके आपके डिवाइस और आपके इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट या ऐप के बीच में खुद को सम्मिलित कर सकते हैं, जिससे वे आपका डाटा रोक सकते हैं या उसमें बदलाव भी कर सकते हैं।

पब्लिक वाई-फाई अटैक से खुद को बचाने का तरीका:

  • अपनी ऑनलाइन गतिविधि छिपा देने के लिए सिक्योर VPN(नई विंडो) का इस्तेमाल करें
  • पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करते वक़्त सावधानी रखें (और ऐसा न करने के बारे में सोचें)

घातक ऐप

हैकर्स मालवेयर को उन ऐप में छिपा सकते हैं जिन्हें नकली ऐप स्टोर पे अपलोड किया जाता है या जो आपको फिशिंग ईमेल के ज़रिए भेजे जाते हैं। अगर आपने गलती से कोई घातक ऐप डाउनलोड कर लिया है, तो हैकर आपके फोन और आपके ऑनलाइन खातों तक एक्सेस हासिल कर सकता है। वे आपके बारे में संवेदनशील डाटा भी खोज सकते हैं और संभव है कि उसका इस्तेमाल पहचान धोखाधड़ी के लिए करें।

घातक फोन ऐप से खुद को बचाने का तरीका:

  • कभी भी ऐसा लिंक क्लिक न करें या कोई ऐप डाउनलोड न करें जो किसी अनजान शख्स ने ईमेल या टेक्स्ट के ज़रिए आपको भेजा हो
  • ऐप सिर्फ ऑफिशियल ऐप स्टोर से डाउनलोड करें। हालांकि सावधान रहें: ऑफिशियल ऐप स्टोर में भी मालवेयर हो सकता है। उदाहरण के लिए, Android मालवेयर अब भी Google प्ले स्टोर पे मिल सकता है। डाउनलोड करने से पहले समीक्षाएं ज़रूर पढ़ें और ऐप का आकलन करें, चाहे वे ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही क्यों न हों।

फिशिंग घोटाले और मालवेयर

फिशिंग एक तरीका है जिसका इस्तेमाल हैकर्स आपको धोखे से पर्सनल डाटा देने या कोई घातक ऐप डाउनलोड करने के लिए करते हैं (जिसे मालवेयर(नई विंडो) भी कहा जाता है)। हैकर कस्टमर सर्विस एजेंट या किसी अधिकारी की तरह दिखकर आपको समझा सकता है कि आप अपने खातों के लॉगइन प्रमाण उसे दे दें, जिससे वो आपके फोन तक एक्सेस पा सकता है। अगर आप नकली ऐप स्टोर से या हैकर की भेजी गई ईमेल से मालवेयर डाउनलोड करते हैं, तो उस ऐप का इस्तेमाल आपके फोन की दूसरी ऐप तक एक्सेस पाने के लिए किया जा सकता है।

फिशिंग घोटालों और मालवेयर से खुद को बचाने का तरीका:

  • नए ऑनलाइन खाते बनाते वक़्त अपना पर्सनल ईमेल पता छिपा दें, इसके लिए ईमेल नकली-नाम का इस्तेमाल करें
  • अगर आपको स्पैम ईमेल आने शुरू हो जाएं, तो ईमेल नकली-नाम बंद कर दें और नए बना लें
  • ईमेल, फोन कॉल, या टेक्स्ट के ज़रिए अपनी पर्सनल जानकारी तब तक किसी को न दें जब तक आपको पक्का पता न हो जाए कि आप किसी असली सरकारी या कंपनी प्रतिनिधि से बात कर रहे हैं। वे कभी भी आपसे आपका पासवर्ड नहीं मांगते, इसलिए उसे कभी न दें।

सिम-स्वैपिंग

SIM-स्वैप अटैक पहचान चोरी की एक किस्म है, जिसका इस्तेमाल हैकर्स आपके मोबाइल ऑपरेटर को समझा सकते हैं कि वो आपकी फोन सर्विस उनके पास मौजूद नई SIM कार्ड पे शिफ्ट कर दें। इसके बाद वे खाता हाईजैक कर सकते हैं, जिससे उन्हें आपके फोन नंबर और आपके फोन पे इस्तेमाल होने वाली सभी ऐप तक एक्सेस मिल जाती है।

SIM-स्वैपिंग अटैक से खुद को बचाने का तरीका:

निगरानी

अधिक चरम मामलों में, Pegasus स्पायवेयर(नई विंडो) जैसा सॉफ्टवेयर निगरानी के मकसद से सरकारों को बेचा जा सकता है। इस किस्म का स्पायवेयर डिवाइस के मालिक के कोई काम किए बिना लागू किया जा सकता है, जिससे डिवाइस पे स्टोर किए गए सभी ऐप और डाटा के साथ-साथ कैमरा और माइक्रोफोन तक पूरा एक्सेस मिल जाता है। Forbidden Stories कंसोर्टियम और Amnesty International द्वारा की गई जांच के मुताबिक, Pegasus स्पायवेयर का इस्तेमाल “भारत, मैक्सिको, हंगरी, मोरक्को और फ्रांस जैसे देशों में, दूसरों के साथ-साथ, कम से कम 180 पत्रकारों […] के खिलाफ” किया गया है। इस किस्म का हैक ज़्यादातर प्रमुख या राजनीतिक रूप से संवेदनशील लोगों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए ये आम नहीं है।

सरकारी निगरानी से खुद को बचाने का तरीका:

कैसे जांचें कि आपका फोन हैक हुआ है या नहीं

अपने फोन की बैटरी लाइफ जांचें

अगर आपके फोन की बैटरी अचानक आमतौर से कहीं ज़्यादा तेज़ी से कम होने लगे, तो ये एक बहुत आम संकेत है कि आपका फोन हैक हो गया है। ये आपके फोन पे चल रहे मालवेयर की वजह से होता है, जिससे हैकर्स आपका डाटा इकट्ठा कर सकें और संभव है कि वे दूर से आपके फोन का माइक्रोफोन या कैमरा भी चालू कर सकें।

अपना सिग्नल जांचें

अगर आपका फोन अचानक, बिना किसी वजह, आपके मोबाइल ऑपरेटर से कनेक्ट न हो पा रहा हो, फोन कॉल न कर पा रहा हो, या टेक्स्ट न भेज पा रहा हो, तो हो सकता है कि आप SIM-स्वैपिंग अटैक के शिकार हो गए हों। अगर आप जल्दी काम नहीं लेते, तो हैकर्स आपके फोन की हर चीज़ तक एक्सेस कर पाएंगे और हो सकता है कि आप अपने खातों से बाहर हो जाएं या आपके बैंक खाते से धोखाधड़ी वाले लेन-देन होते देखें। अपने सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करें ताकि पक्का हो जाए कि आपके नेटवर्क में कोई समस्या नहीं है, और अगर नहीं है तो आपको अपने प्रोवाइडर से ये पुष्टि करनी होगी कि आप SIM स्वैप अटैक के शिकार हुए हैं।

अपने फोन में असामान्य व्यवहार की जांच करें

असामान्य व्यवहार में आपका फोन अचानक क्रैश होना या अपने आप वापिस शुरु होना शामिल हो सकता है। आपको ऐसे रैंडम पॉप-अप या विज्ञापन दिख सकते हैं जो पहले कभी नहीं दिखे, और ऐसी अजीब गतिविधि भी हो सकती है जैसे फोन का लोड होने में बहुत वक़्त लगना या बैटरी का अचानक गर्म होना। हो सकता है कि आपको ऐसी सिक्योरिटी अलर्ट मिलें जो पहले कभी नहीं दिखीं और जो हैकर्स ने बनाई हों, या आपको बहुत सारे स्पैम या फिशिंग ईमेल आने शुरू हो जाएं। अगर आपका फोन शक के काबू तरीके से व्यवहार करने लगे, तो हो सकता है कि वो हैक हो गया हो।

अपनी सेटिंग और डाटा इस्तेमाल की जांच करें

अगर आपके फोन की सेटिंग बिना चेतावनी के अचानक बदल जाए, उदाहरण के लिए ऐप के लिए कैमरा और माइक्रोफोन का एक्सेस बदल जाए या आपके खातों का दो-फैक्टर सत्यापन बंद हो जाए, तो हो सकता है कि आपका फोन हैक हो गया हो। अगर आपको नहीं पता कि अपनी ऐप के लिए कौन सी सेटिंग रखनी चाहिए, तो ऑनलाइन काम की ऐप गाइड देखें जो बताती हैं कि आपके फोन की ऐप असल में क्या कर सकती हैं और उन्हें किस चीज़ तक एक्सेस है।

आपको अपने फोन पे डाटा इस्तेमाल में किसी भी असामान्य बढ़ोतरी की जांच भी करनी चाहिए। ये इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके डिवाइस ने आपकी अनुमति के बिना नई ऐप या मालवेयर डाउनलोड कर लिया है, या बड़ी मात्रा में डाटा डाउनलोड किया है।

अपने फोन में ऐसी ऐप की जांच करें जिन्हें आप नहीं पहचानते

अपने फोन की लाइब्रेरी देखें ताकि पक्का हो जाए कि वहां कोई ऐसी ऐप नहीं है जिसे आपने डाउनलोड नहीं किया। अगर आपको कोई ऐप दिखे जिसके बारे में आप पक्के नहीं हैं, तो ऑनलाइन देख लें कि कहीं वो आपके फोन में प्रीइंस्टॉल्ड तो नहीं आई। ये सुनिश्चित करें कि आप अपने फोन की हर ऐप का मकसद जानते हैं, और अगर पक्का नहीं हो सकते, तो आप हार्ड रीसेट करके अपने फोन को फैक्ट्री सेटिंग पे रीस्टोर कर सकते हैं।

अगर आपका फोन हैक हो गया था तो क्या करें

अगर आपको पता है कि आपका फोन हैक हो गया है, तो यहां क्या करना है, इसकी एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड है।

  1. अपनी फोटो, फ़ाइल, और कॉन्टैक्ट का बैकअप लें। अगर आपके डिवाइस पे कोई चीज़ है जिसे आप सेव करना चाहते हैं, तो उसका बैकअप ज़रूर सिक्योर क्लाउड स्टोरेज पे लें।
  2. अपने फोन को फैक्ट्री सेटिंग पे रीसेट करें। इससे सारा मालवेयर और सभी घातक ऐप खत्म हो जाएंगे।
  3. फोन रीसेट करने के बाद अपने ओएस को नए वर्ज़न पे अपडेट करें। फोन अपडेट करने से आप डिवाइस के ओएस की मौजूदा कमज़ोरियों से बचेंगे जिनका फायदा हैकर्स उठा सकते हैं।
  4. ऐप को ऑफिशियल ऐप स्टोर से मैन्युअली डाउनलोड करें। अपनी ऐप रीस्टोर करने के लिए ऑटोमैटिक बैकअप का इस्तेमाल न करें: हो सकता है कि आप दोबारा मालवेयर ऐप डाउनलोड कर लें। इसके बजाय, अपने डिवाइस के ऑफिशियल ऐप स्टोर पे जाएं और किसी भी थर्ड पार्टी ऐप स्टोर पे न जाएं।
  5. अपने पासवर्ड बदलें, और संवेदनशील ऐप पे ध्यान दें, जैसे ऑनलाइन बैंकिंग, ईमेल, और क्लाउड स्टोरेज ऐप।

अपने फोन का हैक होना कैसे रोकें

आपके फोन को आपके लैपटॉप या PC से अलग सिक्योरिटी तरीके की ज़रूरत है: बहुत संभव नहीं कि आपको एंटीवायरस सुरक्षा की ज़रूरत हो, लेकिन ऐप डाउनलोड करते वक़्त और संवेदनशील डाटा शेयर करते वक़्त आपको फिर भी सावधानी रखनी होगी। शुक्र है कि नीचे दिए गए कदम उठाकर आप अपने फोन को सुरक्षित रख सकते हैं।

अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप को नियमित रूप से अपडेट करें: आपके ज़खीरे के सबसे अहम हथियारों में से एक बस इतना है कि आप अपने फोन और उस पे मौजूद हर चीज़ को नियमित रूप से अपडेट करें। हैकर्स डिवाइस के ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप के पुराने वर्ज़न की कमज़ोरियों का फायदा उठाते हैं, इसलिए नियमित अपडेट आपको ये पक्का करने में मदद करते हैं कि आप ज्ञात कमज़ोरियों से खुद को बचा रहे हैं।

सिर्फ ऑफिशियल ऐप डाउनलोड करें: जब आप ऐप ढूंढते हैं, तो पक्का करें कि आप अपने डिवाइस के ऑफिशियल ऐप स्टोर पे जा रहे हैं, जैसे Apple का App Store या Google प्ले स्टोर। बिना नियमन वाले तीसरें-पार्टी ऐप स्टोर हैकर्स को मालवेयर अपलोड करने दे सकते हैं, इसलिए उनका इस्तेमाल करना ठीक नहीं।

VPN का इस्तेमाल करें: VPN आपकी ऑनलाइन गतिविधि को छिपा देगा, जिससे हैकर का आपके फोन को रोक पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। जब आप सिक्योर VPN(नई विंडो) से कनेक्ट होते हैं, तो जासूसी का शिकार होने का खतरा कम हो जाता है, चाहे आप पब्लिक वाई-फाई से कनेक्ट हों। Proton VPN आपकी निजता की सुरक्षा करता है और आप ऑनलाइन क्या करते हैं, उसका कोई लॉग नहीं रखता, यानी आप फोन पे ऑनलाइन क्या करते हैं, वो हैकर्स, विज्ञापनदाताओं, और सरकारों से छिपा रहता है।

अपने लॉगइन प्रमाण कभी न दें: कोई भी कस्टमर सर्विस एजेंट या कंपनी या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि कभी भी आपसे आपके लॉगइन प्रमाण नहीं मांगेगा। अगर आपसे फोन पे, या ईमेल या टेक्स्ट के ज़रिए, आपका ईमेल पता या पासवर्ड मांगा जाए, तो बहुत संभव है कि कोई घोटालेबाज़ आपको निशाना बना रहा है। अगर आपको अपने पासवर्ड किसी परिवार के सदस्य या दोस्त के साथ सुरक्षित रूप से शेयर करने हों, तो ये पासवर्ड मैनेजर से सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है, लेकिन अपने लॉगइन प्रमाण किसी अनजान शख्स को कभी न दें।

पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें: जैसा ऊपर बताया गया, पासवर्ड मैनेजर ज़रूरत पड़ने पर पासवर्ड सुरक्षित रूप से शेयर करने में आपकी मदद करेगा। सही टूल से अपने खातों को सुरक्षित रखना आसान है: Proton Pass आपके पासवर्ड की सुरक्षा करता है और उन्हें एक ही सुरक्षित स्थान पे रखता है ताकि आप ज़रूरत के वक़्त उन्हें एक्सेस कर सकें, बजाय इसके कि वे लिखे हुए नोट या डॉक्यूमेंट जैसी असुरक्षित जगहों पे बिखरे रहें। आपकी बैंकिंग ऐप, सरकारी सर्विस, ऑनलाइन शॉपिंग खाते, और बाकी सब के पासवर्ड आसानी से स्टोर किए जा सकते हैं, ऑटोफिल किए जा सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर परिवार और दोस्तों के साथ सुरक्षित रूप से शेयर भी किए जा सकते हैं।

दो-फैक्टर सत्यापन का इस्तेमाल करें: दो-फैक्टर सत्यापन (2-एफए) एक अतिरिक्त तरीका बनाता है जिससे किसी ऑनलाइन खाते में लॉगइन करते वक़्त आपकी पहचान सत्यापित होती है। पासवर्ड के साथ-साथ, आप बायोमेट्रिक लॉगइन, सिक्योर ऑथेंटिकेटर ऐप से बना एक बार इस्तेमाल होने वाला कोड, या सिक्योरिटी की इस्तेमाल कर सकते हैं। कई तरीके हैं जिनसे आप हैकर के लिए आपके खाते तक एक्सेस पाना मुश्किल बना सकते हैं, और ये फायदेमंद है कि जितने भी खातों के लिए 2-एफए चालू कर सकें, कर लें।

ये सुनिश्चित करें कि आपका फोन भविष्य में भी सुरक्षित रहे

अपने डिवाइस सुरक्षित रखने की बात आए तो सही टूल चुनना आधी जंग है। ऑनलाइन इतनी सारी घातक ऐप और फिशिंग घोटाले होने के बावजूद, आप सुरक्षित कैसे रह सकते हैं? एक सिक्योर VPN(नई विंडो) और पासवर्ड मैनेजर के साथ, आप अपना संवेदनशील डाटा, अपने डिवाइस, और अपनी ऑनलाइन ज़िंदगी सुरक्षित रख सकते हैं, चाहे आपका टेक अनुभव कुछ भी हो। Proton आपकी निजता को सबसे पहले रखता है और आपको ऑनलाइन बुरे लोगों से खुद को बचाने की ताकत देता है।