Google की ओर से ऐसी खासियतें लॉन्च करने की खबर के बाद — जिनमें एक AI overview, सुझाए गए जवाब, Help Me Write खासियत और AI इंबॉक्स फिल्टर शामिल हैं — जो डिफॉल्ट रूप से इसके Gemini AI को इंबॉक्स के कॉन्टेंट तक व्यापक एक्सेस देती हैं, कई लोग Gmail में Gemini को अक्षम करने की जल्दी में हैं। इसका तरीका यहां है।
Gmail में Gemini को बंद कैसे करें
- अपने Gmail ऐप में सेटिंग में जाएं।

- अपना Gmail पता चुनें।
- Smart features चेकबॉक्स को हटाएं।
- Google Workspace smart features में जाएं।

- इनके चेकबॉक्स हटाएं:
- Google Workspace में Smart features
- दूसरे Google प्रोडक्ट में Smart features

अगर आपके पास और Gmail खाते हैं, तो हर एक के लिए ये स्टेप दोहराएं। हालांकि, Workspace की सेटिंग आपके पूरे Google Workspace (जिसमें Google Drive शामिल है) पे ग्लोबल रूप से लागू होती है, इसलिए उन्हें आपको सिर्फ एक बार एडजस्ट करना होगा।
Gmail में Gemini को बंद करने से स्पेलचेकिंग जैसी बुनियादी और सालों पुरानी खासियतें भी अक्षम हो जाती हैं, जो AI असिस्टेंट से पहले से मौजूद हैं। ये डिज़ाइन चॉइस ऑप्ट आउट करने से रोकती है और दिखाती है कि AI-प्रोसेस किया गया आपका डाटा Google के लिए कितना कीमती है।
अगर आप इस बात को पूरी तरह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि Google आपका डाटा प्रोसेस करने वाली AI खासियतों को दोबारा चालू न करे या नई खासियतें न लाए, तो Proton Mail, यानी हमारे सुरक्षित ईमेल, पर स्विच करने पे विचार करें।
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Google Gemini को Gmail में क्यों इंटीग्रेट कर रहा है?
Google वादा करता है(नई विंडो) कि Gmail के 3 अरब उपयोगकर्ताओं को एक “पर्सनल, प्रोएक्टिव इंबॉक्स असिस्टेंट” से फायदा होगा। लेकिन ये खासियतें फ्री होने के बावजूद, असली खेल क्या है? गलतफहमी में न रहें, Google ये किसी दया से नहीं कर रहा। आपके इंबॉक्स का कॉन्टेंट कंपनी के लिए कीमती है।
ईमेल पहले एक ज्यादा निजी जगह हुआ करता था, जहां आपके कम्युनिकेशन को बैड एक्टर्स इंटरसेप्ट कर सकते थे, लेकिन ज्यादातर मामलों में आपका डाटा आपका अपना होता था।
आज Google जैसी कंपनियां ईमेल जैसे निजी कम्युनिकेशन तक AI की एक्सेस बढ़ा रही हैं, और इसे प्रोडक्टिविटी और सुविधा के तौर पर पेश कर रही हैं। लेकिन Gemini अपनी शर्तों पे काम करता है, जिससे ये जानना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा डाटा Gmail खुद हैंडल करता है और कौन सा AI सिस्टम प्रोसेस करते हैं।
उदाहरण के लिए, Meta ने इस स्टेप को आगे बढ़ाया है, चैट डाटा और टारगेटेड ऐड्स के लिए Meta AI के साथ हुए अन्य इंटरैक्शन का इस्तेमाल करते हुए, जो दिखाता है कि AI खासियतें पर्सनल डाटा के इस्तेमाल को कितनी जल्दी बदल सकती हैं।
आपको Gemini AI को बंद क्यों करना चाहिए?
हालांकि आप स्मार्ट खासियतें बंद कर सकते हैं, Google चाहता है कि आप उन्हें दोबारा चालू करें। आसान वर्कडे और बढ़ी हुई प्रोडक्टिविटी की आड़ में, Gmail के नए AI इंबॉक्स फिल्टर(नई विंडो) एक सुझाई गई टू-डू लिस्ट देते हैं और उन टॉपिक्स को इकट्ठा करते हैं जिन पर अपडेट होने की ज़रूरत वो मानते हैं कि आपको है।
ये मानकर कि काम पे करेस्पॉन्डेंस की मात्रा और टॉपिक बदलने के साथ चलना मुश्किल है, कंपनी मानती है कि वो आपको आपकी निजता और सुरक्षा को सुविधा के लिए ट्रेड करने पे ललचा सकती है। लेकिन Google और इसके AI असिस्टेंट से बचने के बहुत सारे कारण हैं।
आप गारंटी नहीं दे सकते कि Google आपके डाटा का क्या करेगा
हालांकि Google दावा करता है कि वो आपका डाटा अपने मॉडल को ट्रेन करने के लिए इस्तेमाल नहीं करेगा, कंपनी ने पहले कभी भरोसेमंद साबित नहीं होना दिखाया है। कई प्राइवेसी-वॉशिंग कैंपेन में Google ने ये दावा करने की कोशिश की कि आपके पास निजता सेटिंग पर नियंत्रण है और आप उन खासियतों को ऑप्ट आउट कर सकते हैं जिनमें आपकी दिलचस्पी नहीं है; हालांकि, Google ये भी जानता है कि हममें से 95% लोग अपने फोन और कंप्यूटर पर डिफॉल्ट सेटिंग(नई विंडो) नहीं बदलते। 2024 में, Google की पैरेंट कंपनी Alphabet पर टैक्स चोरी, मोनोपॉली जैसी प्रैक्टिस, रेगुलेटर्स के निर्देशों का पालन न करने, और अपनी डिजिटल विज्ञापन सर्विस को गैरकानूनी तौर पर तरजीह देने के लिए करीब $2.9 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। Google पर भरोसा नहीं किया जा सकता कि वो ऐसा करेगा जो करने का वादा नहीं करता, इसीलिए हम आपके इंबॉक्स के कॉन्टेंट के लिए Gemini पर भरोसा करने की सिफारिश नहीं करते।
Google आपका डाटा इस्तेमाल करके आपको ऐड्स दिखाता है
Google आपके बारे में जितना ज्यादा डाटा इकट्ठा करेगा, उतने ज्यादा टारगेटेड ऐड्स वो आपको दिखा सकता है। ये बेकसूर लग सकता है, क्योंकि आप बस ऐड्स पे क्लिक न करने का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन आपको इस बात की फिक्र होनी चाहिए कि Google आपके बारे में इतना कुछ जानना चाहता है। विज्ञापनदाता और तीसरें-पार्टी Google के साथ मिलकर, आपके Google सर्विसेज इस्तेमाल करने पे बनी एक डिटेल्ड प्रोफाइल के आधार पर ऐड्स टारगेट करते हैं। इसमें आपका स्थान, डिवाइस, सर्च हिस्ट्री, और आपका पता, उम्र और लिंग जैसी पर्सनल जानकारी शामिल हो सकती है, और संभवतः आपके ईमेल भी। आप पर्सनलाइज़्ड ऐड्स बंद कर सकते हैं(नई विंडो), लेकिन जब आप उसके ऐप्स इस्तेमाल करते हैं तो Google को देखने से नहीं रोक सकते।
आपका डाटा Google से आगे शेयर किया जा सकता है
अगर आप Gmail के अंदर या बाहर Gemini का इस्तेमाल करते हैं, तो आपका डाटा तीसरें-पार्टी सर्विसेज के साथ शेयर किया जा सकता है। ऐड-ऑन और एक्सटेंशन Gemini को दूसरी सर्विसेज से कनेक्ट कर सकते हैं, जैसे WhatsApp और Spotify, जिससे वो कंपनियां आपका डाटा अपनी निजता नीति के तहत प्रोसेस कर सकती हैं। जब आप अपने डाटा पर नियंत्रण खो देते हैं, तो ये समझना काफी मुश्किल हो जाता है कि उसका इस्तेमाल किसके लिए हो रहा होगा।
जानें कि अपनी Google निजता सेटिंग कैसे लॉक करें।
ऐसी AI इस्तेमाल करें जो आपको अपने डाटा पर नियंत्रण दे
AI-संचालित असिस्टेंट और चैटबॉट के इस्तेमाल के इतनी तेजी से बढ़ने का एक कारण है: ये काफी मददगार हो सकते हैं। आधुनिक काम और जिंदगी की मांगों को संभालना मुश्किल हो सकता है, और सही टूल्स सब फर्क डाल देते हैं। लेकिन Google, Microsoft, और OpenAI जैसी Big Tech आपके डाटा को बिज़नेस एसेट की तरह ट्रीट करती हैं। और AI टूल्स आपकी पर्सनल लाइफ, आपकी वर्क लाइफ, आपकी सेहत, और आपके फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स के बारे में डाटा हासिल करने का खास तौर पर असरदार तरीका है, वो जानकारी जिसे एनालाइज़, पैकेज, और मुनाफे में बदला जा सकता है।
अगर आप Google की ईमेल सर्विस इस्तेमाल करते हैं और इस बात की फिक्र करते हैं कि AI आपके संदेशों के कॉन्टेंट का क्या इस्तेमाल कर सकती है, तो Gmail में Gemini को बंद करने से शुरुआत करें। और अगर आप deGoogle करने के लिए तैयार हैं, तो Proton के शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्ट किए गए ऐप्स के सूट पर स्विच करने पे विचार करें, जो आपके डाटा की निजता की रक्षा के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, न कि उसका फायदा उठाने के लिए।
Proton Mail के साथ, जब आप दूसरे Proton उपयोगकर्ताओं को संदेश भेजते हैं, तो ईमेल शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्ट होते हैं, और जब आप Proton से बाहर के लोगों को, जैसे Gmail उपयोगकर्ताओं को, लिखते हैं, तो आप ईमेल को पासवर्ड-प्रोटेक्ट कर सकते हैं। दोनों ही सूरत में, Proton आपके संदेशों के कॉन्टेंट को एक्सेस नहीं कर सकता।
अगर आपको ईमेल दोबारा लिखने या उसे बेहतर करने में मदद चाहिए, तो Proton Scribe (Proton Mail का एक ऑप्ट-इन ऐड-ऑन) AI-संचालित राइटिंग असिस्टेंस देता है जो कभी भी आपके डाटा पर ट्रेन नहीं होता। बड़े टास्क के लिए, आप Lumo, हमारा निजी AI असिस्टेंट(नई विंडो) इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपकी बातचीत के लॉग रखे बिना या आपकी पर्सनल जानकारी को ट्रेनिंग मटेरियल बनाए बिना आपकी मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है।
जब Big Tech आपको ऐसे AI टूल्स ऑफर करके, जो आपका इस्तेमाल करते हैं, आपके डाटा और आपकी निजता को नए सिरे से हाईजैक करने की कोशिश करती रहती है, तब उन्हें ठुकराने का विकल्प आपके पास है।






