अगर आपका फोन असामान्य तरीके से बर्ताव कर रहा है, जैसे अचानक डाटा इस्तेमाल में उछाल या बैटरी तेज़ी से खत्म होना, तो उसमें वायरस होने की संभावना है। यहां आपके फोन के इंफेक्ट होने के कुछ खास संकेत, उसे साफ करने के उपाय, और भविष्य में आपके फोन को सुरक्षित रखने के तरीके दिए गए हैं।

फोन वायरस क्या है?

फोन वायरस एक तरह का सॉफ्टवेयर होता है जो आपके फोन की फ़ाइलों, ऐप्स और डाटा में फैलने के लिए बनाया जाता है। जब कोई उपयोगकर्ता इंफेक्टेड फ़ाइल खोलता है, तो वायरस होस्ट को इंफेक्ट कर सकता है और खुद की कॉपियां बनाने लगता है, वैसे ही जैसे कोई बायोलॉजिकल वायरस होस्ट के संपर्क में आने वाले दूसरे लोगों को इंफेक्ट करता है।

बहुत से लोग “वायरस” और “मालवेयर” शब्दों का इस्तेमाल एक-दूसरे की जगह करते हैं, लेकिन वायरस मालवेयर(नई विंडो) की एक किस्म है। मालवेयर उस सॉफ्टवेयर के लिए सामान्य शब्द है जो डाटा चुराता है, उसमें गड़बड़ी करता है या उसे मिटा देता है, और इसमें रैंसमवेयर और स्पायवेयर जैसी चीज़ें भी शामिल हैं।

आपके फोन में वायरस होने के संकेत

कई लक्षण हो सकते हैं जो बताते हैं कि आपके फोन में वायरस है।

असामान्य परफॉर्मेंस समस्याएं

  • बैटरी तेज़ी से खत्म होना: इस्तेमाल की आदतों में कोई बदलाव न होते हुए भी आपकी बैटरी लाइफ अचानक कम हो गई है। 
  • ज़्यादा गर्म होना: गेम्स या वीडियो स्ट्रीम जैसे ज़्यादा एनर्जी खपत करने वाले ऐप इस्तेमाल न करते वक्त भी आपका फोन छूने पे गर्म लगता है। 
  • सुस्त परफॉर्मेंस: ऐप खुलने में बहुत समय लेते हैं, होम स्क्रीन जम जाती है, या स्क्रॉल या टाइप करते वक्त आपका फोन काफी लैग करता है।

मालवेयर अक्सर छिपी हुई बैकग्राउंड प्रोसेस में चलता है, जिससे आपकी बैटरी खत्म होती है और डिवाइस सुस्त हो जाता है। अगर प्रोसेसर-इंटेंसिव काम करते वक्त छोड़कर आपका फोन सुस्त या गर्म लगता है, तो ये बड़े खतरे की घंटी है।

अजीब डाटा या बिलिंग एक्टिविटी

  • डाटा इस्तेमाल में उछाल: सेलुलर या वाई-फाई डाटा की खपत में अस्पष्ट अचानक बढ़ोतरी होती है। 
  • अनजाने चार्ज: आपके फोन बिल में वो प्रीमियम एसएमएस संदेश दिखाए देते हैं जो आपने नहीं भेजें, अनचाही सदस्यताएं, या अनजाने अंतरराष्ट्रीय नंबरों पे की गई कॉल। 

मालवेयर अक्सर डाटा को रिमोट सर्वरों पे भेजता है या आपके डिवाइस को बॉटनेट में जोड़ देता है; बॉटनेट इंटरनेट-कनेक्टेड ऐसे डिवाइसों का ग्रुप है जिन्हें हैक कर लिया गया है और जिन्हें कोई तीसरी पार्टी कंट्रोल कर रही है, अक्सर DDoS हमलों(नई विंडो) को अंजाम देने के लिए।

टोल फ्रॉड(नई विंडो) एक तरह का मालवेयर है जो ज़्यादातर Android सिस्टम को निशाना बनाता है। उपयोगकर्ताओं को चुपचाप प्रीमियम-रेट एसएमएस या टेलीफोन सर्विसेज में सब्सक्राइब कर दिया जाता है, जिससे उनकी जानकारी या मंज़ूरी के बिना चार्ज जमा होते रहते हैं।

पॉप-अप और विज्ञापन

  • अनचाहे विज्ञापन: आपके होम स्क्रीन पे, ऐप्स के अंदर जहां उन्हें होना ही नहीं चाहिए, या ब्राउज़र बंद होने पे भी विज्ञापन पॉप होते हैं। 

ये विज्ञापन अक्सर ऐडवेयर कहलाते हैं और आपके डिवाइस को सुस्त कर सकते हैं। ऐडवेयर अक्सर “फ्री” सॉफ्टवेयर के साथ अपने-आप डाउनलोड हो जाता है।

  • फर्ज़ी सुरक्षा अलर्ट: आपको पॉप-अप और अलर्ट दिखाए देते हैं जो दावा करते हैं कि आपका फोन इंफेक्ट है और आपको कोई “क्लीनर” ऐप डाउनलोड करने पर उकसाते हैं। 

ये अलर्ट लगभग हमेशा ऐसे स्कैम होते हैं जिनका मकसद और मालवेयर इंस्टॉल करना होता है।

ऐप बर्ताव में असामान्यताएं

  • अनजाने ऐप: आपको ऐसे ऐप डिवाइस पे इंस्टॉल मिलते हैं जिन्हें डाउनलोड करने की याद नहीं।
  • ऐप बार-बार क्रैश होना: वाजिब ऐप अचानक क्रैश या फ्रीज़ होने लगते हैं।
  • असामान्य अनुमतियां: ऐप वो अनुमतियां मांग रहे हैं जिनकी ज़रूरत नहीं है, जैसे कॉन्टैक्ट्स, कैमरा, या माइक्रोफोन तक एक्सेस। 

ये अनियमितताएं बता सकती हैं कि कोई दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर वाजिब ऐप का रूप धारण किए हुए है, सिस्टम रिसोर्स हड़प रहा है, या आपके निजी डाटा तक एक्सेस करने की कोशिश कर रहा है।

नेटवर्क और कनेक्टिविटी समस्याएं

  • इंटरनेट की धीमी स्पीड: अच्छी WiFi पे भी आपका कनेक्शन आम तौर पे से धीमा लगता है। 
  • बिना वजह रीबूट: आपका फोन बिना आपके बताए खुद ही वापिस शुरु हो जाता है।

छिपे हुए मालवेयर प्रोसेस अक्सर चोरी किया गया डाटा भेजने या बॉटनेट में जुड़ने के लिए आपकी बैंडविड्थ खा जाती हैं, जिससे धीमापन और सिस्टम में बेचैनी पैदा होती है जो अचानक वापिस शुरु होने को ट्रिगर करती है।

ये ध्यान में रखने वाली बात है कि इनमें से कई समस्याएं वायरस की बजाय पुराने हो चुके हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर बग, या बस बैकग्राउंड में बहुत ज़्यादा ऐप चलने की वजह से भी हो सकती हैं। वजह चाहे कोई भी हो, असली समस्या सुलझाने के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं।

कैसे जांचें कि आपके फोन में वायरस है या नहीं

Android फोन वायरस जांच

Google Play Protect(नई विंडो) Android डिवाइसों पे वायरस और मालवेयर के खिलाफ आपकी पहली सुरक्षा कतार है। Play Protect लगातार बैकग्राउंड में चलता रहता है और कई तरह के स्कैन अपने-आप करता है:

  • ऐप इंस्टॉलेशन स्कैन: हर बार जब आप Google प्ले स्टोर से कोई ऐप इंस्टॉल करते हैं।
  • समय-समय पे डिवाइस स्कैन: सभी इंस्टॉल किए गए ऐप को नियमित तौर पे (अक्सर रोज़ या साप्ताहिक) अपने-आप जांचता है।
  • वेब सुरक्षा: Chrome के ज़रिए आपके खोले गए वेबसाइटों को ज्ञात खतरों के लिए स्कैन करता है।
  • नुकसानदेह ऐप हटाना: पकड़े गए मालवेयर को अपने-आप अनइंस्टॉल कर सकता है।

जब तक Play Protect सक्षम है, जो ज़्यादातर डिवाइसों पे डिफॉल्ट रूप से सक्षम होता है, अपने-आप स्कैन होते रहते हैं।

मैनुअल Play Protect स्कैन

इन चरणों को फॉलो करके आप कभी भी मैनुअल स्कैन ट्रिगर कर सकते हैं:

1. Google प्ले स्टोर ऐप खोलें।

2. अपने प्रोफ़ाइल आइकन पे टैप करें।

3. Play Protect चुनें।

4. तुरंत जांच चलाने के लिए Scan पे टैप करें।

Manual Play Protect scan on an Android phone

ये तब काम का है जब आपने हाल में प्ले स्टोर के बाहर से कोई ऐप इंस्टॉल किया हो (जिसे साइडलोडिंग कहते हैं) या शक होने वाले बर्ताव का सामना कर रहे हों।

Play Protect मददगार होते हुए भी गलती-न-करने वाला नहीं है। क्योंकि ये पूरा एंटीवायरस टूल नहीं है, नए मालवेयर वेरिएंट को पहचानने में इसे दिक्कत हो सकती है। कुछ मामलों में ये गलत नकारात्मक नतीजे भी दे सकता है।

ऐप अनुमतियां देखें

Permission Manager का इस्तेमाल करके देखें कि किन ऐप को आपकी जानकारी तक एक्सेस है।

1. सेटिंगसुरक्षा और निजताअधिक निजता सेटिंगअनुमति मैनेजर पे जाएं।

2. उन सभी ऐप का एक्सेस वापस लें जिन्हें उसकी ज़रूरत नहीं।

तीसरें-पार्टी एंटीवायरस ऐप इस्तेमाल करें

आप एंटीवायरस और एंटी-मालवेयर ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। बस ये ध्यान रखें कि ऐप सिर्फ भरोसेमंद वेंडरों से ही डाउनलोड करें। अधिक जानकारी के लिए नीचे देखें: क्या आपको अतिरिक्त एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करना चाहिए?

iPhone वायरस जांच

iOS के डिज़ाइन की वजह से, पूरे फ़ाइल सिस्टम को मालवेयर के लिए स्कैन करने वाले पारंपरिक एंटीवायरस ऐप App Store पे मौजूद नहीं हैं (और Apple वैसे भी उन्हें ऐसे काम करने की इजाज़त नहीं देता)। इसकी जगह, iOS का आर्किटेक्चर आपको फोन वायरस से इस तरह बचाता है:

  • ऐप सैंडबॉक्स्ड होते हैं: iPhone पे हर ऐप अपने अलग सैंडबॉक्स में चलता है। एक ऐप दूसरे ऐप की फ़ाइलों, डाटा या कोड तक एक्सेस नहीं कर सकता।
  • ऐप की समीक्षा होती है: Apple App Store में पहुंचने से पहले हर ऐप की मैनुअल समीक्षा करता है। बुरे किरदार कभी-कभी फिसल भी जाते हैं, लेकिन ये बेहद दुर्लभ है।
  • ऐप साइडलोड नहीं किए जा सकते: EU के बाहर(नई विंडो), आप ऐप सिर्फ App Store से इंस्टॉल कर सकते हैं, जिससे इंफेक्शन का खतरा काफी कम हो जाता है (जब तक आपने अपना फोन जेलब्रोक न किया हो)।

मैनुअल डायग्नोसिस और सफाई करने के लिए ये कदम आज़माएं:

सेफ्टी चेक करें (iOS 16 या इससे बाद वाले iPhone पे)

Safety Check का इस्तेमाल करके देखें कि कौन से लोग और ऐप आपकी जानकारी और डिवाइसों तक एक्सेस करते हैं।

1. सेटिंगनिजता और सुरक्षाSafety Check शेयरिंग और एक्सेस संभालें पे जाएं।

2. अपनी जानकारी तक एक्सेस रीसेट करने या संभालने के लिए चरणों को फॉलो करें।

Perform a safety check on iOS

Safari डाटा हटाएं

जो मालवेयर लगता है, वो अक्सर आपके Safari कैश में फंसा “बस” ऐडवेयर या ब्राउज़र रीडायरेक्ट होता है।

1. सेटिंग ऐप Safari पे जाएं।

2. नीचे स्क्रॉल करें और इतिहास मिटा दें और वेबसाइट डाटा पे टैप करें।

ये कुकी और कैश्ड स्क्रिप्ट हटा देता है जो पॉप-अप की वजह हो सकती हैं।

Clear history and website data on iOS

संरचना प्रोफ़ाइल देखें

मालवेयर कभी-कभी सेटिंग बदलवाने या ट्रैफिक रीडायरेक्ट करने के लिए संरचना प्रोफ़ाइल इंस्टॉल कर देता है।

1. सेटिंग General VPN और डिवाइस मैनेजमेंट पे जाएं।

2. यहां से:

  1. अगर आपको कोई प्रोफ़ाइल नहीं दिखती, तो आपके डिवाइस पे कोई डिवाइस मैनेजमेंट प्रोफ़ाइल इंस्टॉल नहीं है।
  2. अगर आपको अनजानी प्रोफ़ाइल दिखती हैं, तो प्रोफ़ाइल चुनें, प्रोफ़ाइल मिटा दें पे टैप करें और निर्देशों को फॉलो करें, फिर अपना डिवाइस वापिस शुरु करें। 

फैक्ट्री रीसेट करें

अगर आपको अब भी वायरस का शक है, तो आप अपने फोन को फैक्ट्री सेटिंग पे रीस्टोर कर सकते हैं(नई विंडो)। इससे आपका फोन पूरी तरह मिट जाएगा और आप उसे दोबारा नए फोन की तरह सेटअप कर सकेंगे।

चेतावनी: रीसेट करने से पहले, ये सुनिश्चित करने के लिए कि आपने अपना फोन सही तरीके से बैकअप किया है, Apple के सुझाए कदमों को फॉलो करें(नई विंडो)

क्या आपको अतिरिक्त एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करना चाहिए?

चाहे आपके पास Android हो या iOS डिवाइस, फोन वायरस को रोकने के लिए अच्छी सुरक्षा आदतें आम तौर पे काफी होती हैं। लेकिन आप अतिरिक्त एंटीवायरस सॉफ्टवेयर पर गौर कर सकते हैं अगर आप:

  • बार-बार ऐप साइडलोड करते हैं (Android डिवाइस)
  • गैर-भरोसेमंद स्रोतों से फ़ाइलें डाउनलोड करते हैं
  • अपने फोन पे संवेदनशील वित्तीय या बिज़नेस डाटा हैंडल करते हैं
  • अतिरिक्त मन की शांति चाहते हैं

लोकप्रिय विकल्पों में Bitdefender, Malwarebytes, Norton और Kaspersky शामिल हैं।

अगर आपके पास Android डिवाइस है, तो ये ऐप फ़ाइलों को सक्रिय रूप से स्कैन कर सकते हैं, ऐप बर्ताव पर निगरानी रख सकते हैं, और रीयल-टाइम में दुर्भावनापूर्ण डाउनलोड ब्लॉक कर सकते हैं।

लेकिन अगर आप iPhone उपयोगकर्ता हैं, तो ये ऐप पारंपरिक मायनों में वायरस के लिए स्कैन नहीं करते। इसकी जगह, ये ज़्यादातर वेब सुरक्षा (फिशिंग साइटों को ब्लॉक करना), WiFi सुरक्षा और पहचान चोरी की निगरानी पे ध्यान देते हैं, इसलिए iPhone उपयोगकर्ता दूसरे सुरक्षा उपाय चुनना पसंद कर सकते हैं।

अपने फोन को वायरस से कैसे बचाएं

फोन सुरक्षा को सबसे बड़ा करने के लिए लेयर्ड तरीका चाहिए। अपने फोन के बिल्ट-इन सुरक्षा उपायों को पासवर्ड मैनेजर और VPN के साथ जोड़ने से फिशिंग, क्रेडेंशियल चोरी और नेटवर्क निगरानी के खिलाफ मज़बूत बचाव पैदा होता है।

अपने-आप अपडेट सेटअप करें

अपने-आप सॉफ्टवेयर अपडेट सुनिश्चित करते हैं कि Apple और Google गंभीर कमज़ोरियों को तेज़ी से पैच कर सकें।

iPhone सॉफ्टवेयर अपडेट

1. सेटिंगGeneralSoftware Update चुनें।

2. Automatic Updates चालू करें।

सॉफ्टवेयर अपडेट के बीच अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए आप Background Security Improvements भी चालू कर सकते हैं।

1. सेटिंगनिजता और सुरक्षाBackground Security Improvements चुनें।

2. Automatically Install चालू करें।

Android सॉफ्टवेयर अपडेट

1. सेटिंगSystemSystem Update पे जाएं और अपने-आप अपडेट सक्षम करें।

2. Install Unknown Apps अक्षम करें (जब तक बेहद ज़रूरी न हो, ये सेटिंग सभी ऐप के लिए बंद रखें)।

पासवर्ड मैनेजर इंस्टॉल करें

पासवर्ड मैनेजर हर खाते के लिए यूनीक, जटिल पासवर्ड बनाता और स्टोर करता है, जिससे लीक की सबसे बड़ी वजह, यानी पासवर्ड का दोबारा इस्तेमाल, खत्म हो जाती है। ये वाजिब साइटों पे ही क्रेडेंशियल ऑटोफिल करके क्रेडेंशियल स्टफिंग और फिशिंग से भी बचाता है।

Proton Pass आपके लॉगइन को ज़ीरो-नॉलेज, शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन से बचाता है और बिल्ट-इन 2-एफए ऑथेंटिकेटर कोड, आपकी पहचान छिपाने के लिए अनलिमिटेड hide-my-email नकली-नाम, और डार्क वेब मॉनिटरिंग, जो आपके प्रमाण लीक होने पे अलर्ट करती है, के साथ और आगे जाता है।

VPN इस्तेमाल करें

VPN आपके इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता है और उसे ISPs(नई विंडो) और दूसरी तीसरी पार्टियों से बचाता है। ये आपका IP पता भी छिपा देता है ताकि वेबसाइटें और ट्रैकर आपको पहचान या प्रोफ़ाइल न कर सकें।

Proton VPN ओपन-सोर्स और स्वतंत्र रूप से ऑडिट किया हुआ है, और इसकी लॉग-नहीं नीति Swiss निजता कानून द्वारा समर्थित है। अगर आपके पास Plus प्लैन है, तो हमारा NetShield Ad-blocker(नई विंडो) DNS फ़िल्टरिंग सॉल्यूशन ऐडवेयर और मालवेयर डोमेन से कनेक्शन ब्लॉक कर सकता है

वाजिब रहें

अगर आप Android पे हैं, तो सिर्फ Google प्ले स्टोर या F-droid(नई विंडो) जैसे भरोसेमंद ऐप स्टोर में उपलब्ध ऐप ही इस्तेमाल करें। अगर आपको सचमुच कोई ऐप साइडलोड करना हो, तो APK सिर्फ डेवलपर की आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें और जहां तक संभव हो वेरिफाई करें। अगर आप iPhone पे हैं, तो अपना फोन जेलब्रेक न करें। इससे आप वायरस और दूसरे मालवेयर के शिकार हो सकते हैं, और Apple प्रोडक्ट की वो कई सुरक्षाएं खत्म हो जाती हैं जो वरना मिलती हैं।