अपना प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप करने से आपका ईमेल इन्फ्रास्ट्रक्चर आपके नियंत्रण में आ जाता है।

ये निजता के लिहाज़ से बहुत फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे Gmail और Microsoft Outlook जैसे बड़े ईमेल सेवा प्रदाताओं की ज़रूरत खत्म हो जाती है, जो आपका डाटा एक्सेस करके उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन दूसरी तरफ, अगर आप अपना ईमेल सर्वर सही तरीके से सेटअप और मेंटेन नहीं करते, तो सिक्योरिटी या डिलीवरेबिलिटी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा रहता है।

बड़ी टेक कंपनियों का इस्तेमाल करने या अपना ईमेल सर्वर बनाने के अलावा भी एक तीसरा विकल्प है: निजता पर फोकस करने वाले ईमेल प्रदाता को चुनें। Proton Mail शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन के ज़रिए आपकी निजता को बनाए रखता है, साथ ही लेटेस्ट तकनीक लागू करके आपके ईमेल को भरोसेमंद, तेज़ और हमलों से सुरक्षित रखता है।

इस आर्टिकल के आखिर में हम अपना ईमेल सर्वर होस्ट करने के कुछ विकल्पों के बारे में बात करेंगे। लेकिन अगर आप खुद सब कुछ करने का रास्ता चुनते हैं, तो ये आर्टिकल सर्वर सेटअप करने के स्टेप्स बताता है, जिससे आपको इसमें शामिल सब कुछ जानने को मिलता है।

प्राइवेट ईमेल सर्वर क्या है?
फायदे
नुकसान
पर्सनल ईमेल सर्वर कैसे सेटअप करें
पर्सनल ईमेल सर्वर सेटअप करने के विकल्प
Proton Mail आपको बेहतर निजता और भरोसेमंद सेवा कैसे देता है
अपेंडिक्स: ईमेल सिस्टम की तुलना

प्राइवेट ईमेल सर्वर क्या है?

प्राइवेट ईमेल सर्वर कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का एक सिस्टम होता है, जिसे कोई इंसान खुद ईमेल भेजने, पाने और स्टोर करने के लिए चलाता है। “प्राइवेट ईमेल सर्वर” में “प्राइवेट” का सीधा मतलब ये है कि ये आपकी मिल्कियत है। ईमेल सर्वर का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर आप किसी भी टेक स्टोर से खरीद सकते हैं। आगे के सेक्शन में हम सर्वर स्पेस किराए पे लेने के विकल्प के बारे में बात करेंगे।

अगर ये सिर्फ आपके पर्सनल इस्तेमाल के लिए है, तो आपके ईमेल सर्वर के लिए थोड़ी सी RAM और 20 जीबी स्टोरेज काफी है। इसका मतलब है कि अगर आप ज़्यादा एडवांस्ड हार्डवेयर पे पैसा खर्च नहीं करना चाहते, तो एक अलग लैपटॉप भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप करने के फायदे

अपना प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप करने के कई फायदे हैं।

  • सबसे बड़ा फायदा ये है कि इससे आप Gmail और Microsoft Outlook जैसे बड़े ईमेल सेवा प्रदाताओं को बायपास कर जाते हैं। इसका मतलब है कि आपका ईमेल डाटा विज्ञापन टार्गेटिंग, AI को ट्रेन करने या Big Tech कंपनियों के किसी भी अन्य इस्तेमाल से सुरक्षित रहता है, जिन्हें वे आगे चलकर आज़माना चाहें। साथ ही, आपके ईमेल डाटा को सरकारी एजेंसियों या किसी भी अन्य थर्ड पार्टी को देने का खतरा भी खत्म हो जाता है।
  • Big Tech से अपना डाटा बचाने के अलावा भी दूसरे फायदे हैं। अपना प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप करने से आप उस नेटवर्क को कसकर कंट्रोल और सीमित कर सकते हैं जिससे सर्वर कनेक्ट रहता है, जिससे हमलों का दायरा छोटा हो जाता है।
  • आप पूरे डिवाइस को भी एन्क्रिप्ट कर सकते हैं, ताकि कोई उसे जबरन अपने कब्ज़े में ले ले तो आपका डाटा सुरक्षित रहे।

प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप करने के नुकसान

अपना प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप करने के काफी गंभीर नुकसान भी हैं।

  • पहली बात, इसके लिए कुछ हद तक तकनीकी जानकारी ज़रूरी है। अगर आप पहले से सर्वर कॉन्फ़िगर करना और उन्हें सुरक्षित रखना नहीं जानते, तो आपको विश्वसनीय सोर्स से सीखने में काफी समय लगाना पड़ेगा। इंटरनेट पे कई हाउ-टू साइटें हैं जो या तो आपका भला नहीं चाहतीं या सीधे-सीधे गलत जानकारी देती हैं।
  • दूसरी बात, अपना सिक्योर मेल सर्वर सेटअप करने के लिए लगन और लगातार मेहनत चाहिए। आपको लेटेस्ट खतरों, सिक्योरिटी एडवाइजरी और उपलब्ध पैच के बारे में अपडेट रहना होगा। साथ ही, अपने सर्वर पे नज़र रखनी होगी ताकि हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की कोई समस्या डाटा लॉस या 100% से कम अपटाइम ना कर दे।
  • तीसरी बात, अगर आपका सर्वर खराब हो जाए या उसकी मरम्मत की ज़रूरत पड़े, तो आप अपने ईमेल का एक्सेस कुछ समय के लिए या शायद हमेशा के लिए खो सकते हैं। सिर्फ एक सर्वर पे निर्भर रहने से हालांकि हमलों का दायरा छोटा हो जाता है, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर फेल होने की संभावना और उसका असर दोनों बढ़ जाते हैं। अगर आपके पास बैकअप सर्वर भी है, तो भी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।
  • चौथी बात, ईमेल डिलीवरेबिलिटी आपके ISP के अपटाइम और उनसे आपके नेटवर्क कनेक्शन पे निर्भर करेगी। बुरे तूफान की वजह से एक हफ्ते के लिए इंटरनेट चला गया? ऐसी स्थिति में लगभग तय है कि कुछ ईमेल हमेशा के लिए खो जाएंगे। कई ISPs स्पैम रोकने के लिए रेजिडेंशियल ग्राहकों के लिए पोर्ट 25 पे आउटगोइंग ट्रैफिक ब्लॉक कर देते हैं। इसी पोर्ट से SMTP के ज़रिए आउटगोइंग ईमेल भेजे जाते हैं, और इसके बिना आप रेजिडेंशियल ईमेल सर्वर होस्ट ही नहीं कर सकते।
  • पांचवीं बात, अगर आप सब लोगों से ईमेल पाना चाहते हैं, तो आपको पूरे इंटरनेट को अपने मेल सर्वर से पोर्ट 25 (डिफॉल्ट SMTP पोर्ट) पे कनेक्ट होने की अनुमति देनी होगी। इससे आपके सर्वर के साथ-साथ आपके पूरे होम नेटवर्क के लिए कई सिक्योरिटी जोखिम पैदा हो जाते हैं। अपने फोन से मोबाइल ईमेल एक्सेस सक्षम करने के लिए भी बाहरी दुनिया की तरफ और पोर्ट खोलने पड़ेंगे। अगर आप फायरवॉल के बारे में ज़्यादा नहीं जानते, तो इससे आपके होम नेटवर्क और उससे जुड़े हर डिवाइस की सिक्योरिटी पे गंभीर छेड़छाड़ हो सकती है।
  • छठी बात, ईमेल डिलीवरेबिलिटी के लिए IP और डोमेन, दोनों की रेपुटेशन मायने रखती है। खास तौर पे IP रेपुटेशन कम ईमेल वॉल्यूम और पहले से मालूम रेजिडेंशियल IP रेंज के साथ बनाना मुश्किल होता है। आपके ज़्यादातर आउटगोइंग ईमेल, कम से कम शुरुआत में, स्पैम में चले जाएंगे या सीधे रिजेक्ट हो जाएंगे।
  • और आखिर में, अपने घर में प्राइवेट ईमेल सर्वर रखना शायद उसके लिए सबसे सुरक्षित फिजिकल स्थान ना हो। चूंकि आपका उस पे फिजिकल लेवल पे ज़्यादा कंट्रोल होता है, लेकिन उसे घर में रखने से नए खतरे भी पैदा होते हैं, जिनमें चोरी, आग, बाढ़, जिज्ञासु पालतू जानवर और शरारती बच्चे शामिल हैं।

पर्सनल ईमेल सर्वर कैसे सेटअप करें

नीचे अपना ईमेल सर्वर होस्ट करने के मुख्य स्टेप्स दिए गए हैं। प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले आपको हर स्टेप का एक विस्तृत प्लैन बनाना चाहिए।

हार्डवेयर खरीदें

जब आप हार्डवेयर खरीदने के बारे में सोचना शुरू करें, तो सबसे पहले आपको कुछ जानकारी इकट्ठा करनी होगी, जिसमें ये शामिल है:

  • इस्तेमाल का मकसद: आपको कितने लोग आपका ईमेल सर्वर इस्तेमाल करेंगे, और क्या आप इसे आगे बढ़ाने का प्लैन रखते हैं?
  • ज़रूरी उपलब्धता: क्या आपको एक सर्वर चाहिए या एक से ज़्यादा? क्या आपको एक पावर सप्लाई चाहिए या कई?
  • होस्टिंग की ज़रूरतें: आपको किस तरह का सर्वर चाहिए? कितने अपलिंक उपलब्ध होंगे और किस स्पीड पे? कौन सा और कितने नेटवर्क कार्ड चाहिए?
  • बजट: अपना हार्डवेयर रखने का मतलब रिप्लेसमेंट और मरम्मत की संभावना भी है। अगर आपको नया हार्डवेयर चाहिए, तो ईमेल के लंबे डाउनटाइम को भी ध्यान में रखना पड़ सकता है। उपकरण बदलने में हर बार सैकड़ों या हज़ारों डॉलर खर्च हो सकते हैं।

ध्यान रखें कि आपका हार्डवेयर आपके ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ कंपैटिबल होना चाहिए। ज़्यादातर ईमेल सर्वर Linux पे चलते हैं, और इनमें से कम संख्या Windows पे चलती है।

अनब्लॉक SMTP पोर्ट के साथ स्टैटिक IP पता लें

अपने ईमेल सर्वर के लिए आप सामान्य रेजिडेंशियल IP पता इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस तरह के पते आम तौर पे दूसरे ईमेल सर्वर के लिए ब्लैकलिस्टेड होते हैं, ताकि संक्रमित होम कंप्यूटर से निकलने वाले वायरस से बचने के लिए एक तरह का फायरवॉल बना रहे।

अपने इंटरनेट सेवा प्रदाता से संपर्क करें और ऐसा प्लैन खरीदें जिसमें स्टैटिक, पब्लिक IP पता मिले जो ब्लैकलिस्टेड ना हो। पक्का करें कि IP पते के साथ SMTP पोर्ट अनब्लॉक हों, क्योंकि ईमेल सर्वर चलाने के लिए आपको यही पोर्ट चाहिए।

डोमेन खरीदें और सेटअप करें

किसी ऐसी साइट पे जाएं जो डोमेन बेचती है और अपनी पसंद का डोमेन चुनें। आपका कस्टम ईमेल डोमेन ही आपके ईमेल पते के आखिर में दिखता है, जब तक आप प्रॉक्सी इस्तेमाल ना करें, इसलिए इसे सोच-समझकर चुनें। आपका ईमेल पता कुछ ऐसा दिखेगा: namaste@aapkadomain.in

डोमेन खरीदने के बाद, अगर आप नहीं चाहते कि आपका पर्सनल डाटा पब्लिक रजिस्टर डेटाबेस पे उपलब्ध हो, तो आप निजता सुरक्षा सेवा इस्तेमाल कर सकते हैं। ज़्यादातर डोमेन बेचने वाली साइटें ये सेवा देती हैं। वे आपकी जानकारी की जगह प्रॉक्सी के रूप में पब्लिक रजिस्ट्रार में अपनी जानकारी डाल देंगी।

इसके बाद आपको DNS सेवा सक्रिय करनी होगी। ज़्यादातर डोमेन बेचने वाली साइटें DNS सेवा भी देती हैं, लेकिन आप इसे किसी अलग प्रदाता के ज़रिए सेटअप कर सकते हैं, ताकि एक हैक से आपका डोमेन और DNS दोनों एक साथ ठप ना हो जाएं। DNS प्रदाता मिलने के बाद, अपने डोमेन के लिए DNS फील्ड भरें: A, MX, और TXT रिकॉर्ड। (आपके PTR रिकॉर्ड आपके IP पते से जुड़े होते हैं और उन्हें कहीं और से संभाला जा सकता है।) ईमेल स्पूफिंग से बचने के लिए TXT रिकॉर्ड फील्ड में SPF, DKIM, और DMARC रिकॉर्ड जोड़ना ना भूलें।

TLS सर्टिफिकेट प्राप्त करें

TLS सर्टिफिकेट ही वो चीज़ है जिससे इंटरनेट पे ट्रांसफर होते वक़्त आप अपने ईमेल को एन्क्रिप्ट कर सकते हैं। ये सर्टिफिकेट खुद से साइन नहीं किया जा सकता। अगर किया, तो दूसरे ईमेल सर्वर आपके सर्वर से आने वाले ईमेल रिजेक्ट कर देंगे। आपको Let’s Encrypt जैसे किसी Certificate Authority से वैध TLS सर्टिफिकेट लेना होगा और ये भी देखते रहना होगा कि वो समय के साथ वैध बना रहे।

ईमेल सर्वर सॉफ्टवेयर चुनें

अब जब नेटवर्क की बुनियादी चीज़ें सेटअप हो गई हैं, तो समय है उस ईमेल सर्वर सॉफ्टवेयर को चुनने का, जिसे आप इस्तेमाल करना चाहते हैं।

ईमेल सर्वर सॉफ्टवेयर की आम तौर पे तीन भूमिकाएं होती हैं: Mail User Agent (MUA), Mail Delivery Agent (MDA), और Mail Transfer Agent (MTA)। कुछ सॉफ्टवेयर पैकेज तीनों भूमिकाओं को हैंडल करते हैं, कुछ अलग-अलग भूमिकाओं के कुछ हिस्सों को कवर करते हैं, और कुछ किसी एक भूमिका में शामिल कुछ सेवाएं ही देते हैं। अपनी ज़रूरत के हिसाब से आप अपने ईमेल सर्वर सॉफ्टवेयर को मिला-जुलाकर अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं।

मेल यूज़र एजेंट (MUA)

मेल यूज़र एजेंट वो सॉफ्टवेयर है जो ईमेल के लिए यूज़र इंटरफ़ेस देता है। इसे ईमेल क्लाइंट या ईमेल रीडर भी कहा जाता है। जैसे Thunderbird, Airmail, और Outlook। मेल यूज़र एजेंट डिवाइस-आधारित एप्लीकेशन और/या वेब-आधारित एप्लीकेशन हो सकता है।

आप जो सॉफ्टवेयर चुनें, उसे अपनी ज़रूरतों के हिसाब से कॉन्फ़िगर करना होगा। निजता और सिक्योरिटी की संरचना पे खास ध्यान दें, साथ ही MUA की कंपैटिबिलिटी से जुड़ी ज़रूरतों पे भी।

मेल डिलीवरी एजेंट (MDA)

मेल डिलीवरी एजेंट, या मैसेज डिलीवरी एजेंट, वो है जो ईमेल संदेश को लोकल इंबॉक्स तक पहुंचाता है। आम तौर पे आप इसे ईमेल लाने के लिए POP प्रोटोकॉल या IMAP प्रोटोकॉल इस्तेमाल करने के लिए कॉन्फ़िगर कर सकते हैं। IMAP ज़्यादातर पसंद किया जाता है, क्योंकि इससे एक ही मेलबॉक्स को कई डिवाइस से संभाला और व्यवस्थित किया जा सकता है।

अगर आपके प्राइवेट ईमेल सर्वर का स्टोरेज बहुत सीमित है, तो आप POP चुन सकते हैं, क्योंकि इसमें ईमेल सर्वर पे स्टोर होने की जगह यूज़र के डिवाइस पे MUA में स्टोर किया जाता है, इसलिए ये कम जगह लेता है।

मेल डिलीवरी एजेंट की भूमिका निभाने वाले सॉफ्टवेयर के उदाहरणों में Dovecot, Qpopper, Courier और Cyrus IMAP शामिल हैं।

मेल ट्रांसफर एजेंट (MTA)

मेल ट्रांसफर एजेंट, SMTP (Simple Mail Transfer Protocol) के ज़रिए ईमेल भेजता है। अपने SMTP पैरामीटर कॉन्फिगर करते समय, अपने बैनर को सीमित करने पे विचार करें ताकि आपके सिस्टम या पहचान की जानकारी प्रसारित न हो।

अपना MTA सेटअप करते समय, ये सुनिश्चित करें कि DNS में DKIM, SPF और DMARC रिकॉर्ड सही तरीके से कॉन्फिगर किए गए हों और DKIM के लिए संबंधित कीज़ आपके MTA में सही तरीके से इंस्टॉल की गई हों। हो सकता है कि आपको अपनी DNS सेटिंग में वापस जाकर TXT फील्ड को अपने सॉफ्टवेयर के DKIM, SPF और DMARC फंक्शन से बने डाटा से अपडेट करना पड़े। ये इस बात के लिए ज़रूरी है कि आपके आउटगोइंग ईमेल प्राप्तकर्ता प्रोग्राम द्वारा स्पैम के रूप में अस्वीकार न हों।

इनकमिंग मेल के लिए, आपको अपनी MTA संरचना को इस तरह सेट करना होगा कि वो भेजने वालों के DKIM, SPF और DMARC चेक करे, या इनकमिंग मेल को रैंक देने के लिए थ्रेशोल्ड सेट करे।

मेल ट्रांसफर एजेंट की भूमिका निभाने वाले सॉफ्टवेयर के उदाहरणों में Postfix और Exim शामिल हैं।

स्पैम फिल्टर और वायरस प्रोटेक्शन इंस्टॉल करें

अगर आपके ईमेल सर्वर सॉफ्टवेयर में से किसी में स्पैम फिल्टर या वायरस प्रोटेक्शन नहीं आया है, तो आपको वो अपने ईमेल सर्वर में जोड़ने होंगे।

स्पैम फिल्टर के उदाहरणों में SpamAssassin या Rspamd जैसे प्रोग्राम शामिल हैं।

वायरस प्रोटेक्शन प्रोग्राम के एक उदाहरण के लिए, आप ClamAV देख सकते हैं।

प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप करने के विकल्प

अगर ऊपर बताया गया तरीका आपके लिए बहुत मुश्किल लगता है, तो पर्सनल ईमेल सर्वर सेटअप करने के कुछ विकल्प भी हैं जिनके लिए बहुत कम तकनीकी जानकारी और निवेश चाहिए।

होस्टिंग प्रोवाइडर से किराए पे लेना

आप होस्टिंग प्रोवाइडर से प्राइवेट ईमेल सर्वर किराए पे ले सकते हैं। इसका मतलब ये नहीं है कि आप हार्डवेयर किराए पे लेकर घर ले आएं। आप सर्वर के इस्तेमाल को किराए पे लेते हैं, जो अक्सर सर्वरों की कतारों से भरे गोदाम में रखा होता है। अगर हो सके, हालांकि अक्सर आपको इतनी पारदर्शिता नहीं दी जाती, तो ये सुनिश्चित करें कि आपने ऐसा होस्टिंग प्रोवाइडर चुना है जिसके गोदाम में मज़बूत फिजिकल सिक्योरिटी हो और वो ऐसे देश में हो जहां निजता के कानून अच्छे हों।

ईमेल सर्वर किराए पे लेने का फायदा ये है कि इससे आपका कुछ काम कम हो सकता है। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि सर्वर प्रोवाइडर के पास पहले से ही बिज़नेस-लेवल का IP पता और अनब्लॉक किए गए पोर्ट आपके ईमेल सर्वर के लिए तैयार हों।

अगर आप फुल-सर्विस होस्टिंग प्रोवाइडर से किराए पे ले रहे हैं, तो वो पूरा सेटअप और मेंटेनेंस आपके लिए हर मामले में कर सकते हैं।

इस सब का एक नुकसान ये है कि आपका कुछ कंट्रोल खत्म हो जाता है। उदाहरण के लिए, अगर आपके ईमेल सर्वर के IP पते में कोई समस्या आती है, तो आप उसे इंटरनेट सेवा प्रदाता से हल नहीं करा पाएंगे; सिर्फ वो सर्वर प्रोवाइडर ही ये कर सकता है जिसके पास ISP खाता है।

लेकिन सबसे बड़ा नुकसान ये है कि ज़्यादातर होस्टिंग प्रोवाइडर आपके ईमेल का शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन नहीं देते। मकान मालिक की तरह, होस्टिंग प्रोवाइडर आपको ताला देता है, लेकिन उसके पास चाबी की एक कॉपी रहती है। इससे वही नुकसान होता है जो Big Tech ईमेल सेवा प्रोवाइडर के इस्तेमाल में होता है।

सेफ ईमेल प्रोवाइडर का इस्तेमाल करना

अगर आप सारी तकनीकी इंप्लीमेंटेशन एक्सपर्ट्स के हवाले करना चाहते हैं और साथ ही अपना ईमेल डाटा हर वक्त सर्वर पे एन्क्रिप्टेड रखना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा विकल्प शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्टेड ईमेल प्रोवाइडर है। कुछ प्रतिष्ठित विकल्प मौजूद हैं, जिनमें Tuta (पहले Tutanota) और Proton Mail शामिल है, दुनिया का सबसे बड़ा एन्क्रिप्टेड ईमेल प्रोवाइडर जिसके 10 करोड़ से ज़्यादा खाते हैं।

शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन में, आपके ईमेल आपके ही डिवाइस पे, किसी भी चीज़ के ईमेल सर्वर पे अपलोड होने से पहले, आपके प्राप्तकर्ता की सार्वजनिक चाबी के इस्तेमाल से सुरक्षित हो जाते हैं। इसका मतलब है कि किसी और को, आपके प्राप्तकर्ता के अलावा, किसी भी वक्त आपके डाटा तक एक्सेस नहीं होता, आपके ईमेल प्रोवाइडर को भी नहीं। भले ही डाटा लीक हो जाए या सरकार कानूनी रूप से प्रोवाइडर को डाटा सौंपने के लिए मजबूर करे, उन्हें सिर्फ क्रिप्टोटेक्स्ट दिखेगा जिसे वो समझ नहीं पाएंगे।

Proton Mail कैसे आपको बेहतर निजता और भरोसेमंद सेवा देता है

Proton Mail दुनिया का सबसे बड़ा एन्क्रिप्टेड ईमेल प्रोवाइडर है। जब हमने 2014 में Proton Mail लॉन्च किया, तो हमारा मकसद उन कई समस्याओं को हल करना था जिन्हें ईमेल सेल्फ होस्टिंग हल करने की कोशिश करती है: डाटा का स्वामित्व, निजता और Big Tech की निगरानी से आज़ादी।

खास तौर पे, Proton Mail फायदों का एक यूनीक मेल ऑफर करता है जो आपको सेल्फ होस्टिंग या किसी और ईमेल प्रोवाइडर के इस्तेमाल से नहीं मिल सकता:

  • शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन — जैसा कि ऊपर बताया गया, Proton Mail आपका डाटा हमारे सर्वर पे भेजने से पहले आपके डिवाइस पे ही एन्क्रिप्ट कर देता है, इसलिए हम आपके संदेश या अटैचमेंट नहीं देख सकते।
  • ज़ीरो-एक्सेस एन्क्रिप्शन — जब कोई आपको किसी नॉन-प्राइवेट ईमेल सर्वर, जैसे Gmail, से ईमेल भेजता है, तो हम संदेश को तुरंत आपकी सार्वजनिक चाबी के इस्तेमाल से एन्क्रिप्ट कर देते हैं, ताकि सिर्फ आप ही उसे डीक्रिप्ट कर सकें। ज़ीरो-एक्सेस एन्क्रिप्शन के बारे में और जानें।
  • स्विस निजताProton स्विट्ज़रलैंड में स्थित है, इसलिए आपका डाटा दुनिया के कुछ सबसे मज़बूत निजता कानूनों से सुरक्षित है। हम US या EU के कानूनी अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
  • भरोसेमंद सेवा — हमारी सर्विस लेवल अग्रीमेंट (SLA) 99.95% अपटाइम की गारंटी देती है, जो उपलब्ध सबसे अच्छे में से है। साथ ही, हम आपकी फ़ाइलों के कई बैकअप भौगोलिक रूप से अलग-अलग डाटा सेंटर में बनाते हैं, ताकि प्राकृतिक आपदा भी हो जाए तो आपका कोई डाटा न खोए।
  • ग्राहक सहायता — Proton Mail कम्युनिटी के सदस्य के तौर पे आपको सिर्फ गारंटीड अपटाइम ही नहीं मिलता, बल्कि हमारी अवॉर्ड-विनिंग सहायता टीम भी मिलती है जो आपकी किसी भी समस्या में मदद कर सकती है। अपना ईमेल सर्वर होस्ट करने की सबसे बड़ी कमियों में से एक मेंटेनेंस है; Proton Mail के साथ, हमारी टीम आपके लिए सब कुछ संभालती है।
  • एडवांस्ड सिक्योरिटी — Proton Mail आपके इंबॉक्स की सुरक्षा के लिए सुरक्षा की कई परतें इस्तेमाल करता है, जो आपके खाते की सुरक्षा से शुरू होकर हमारे स्वामित्व और संचालन वाले सर्वरों की फिजिकल सिक्योरिटी तक जाती हैं। आपका Proton खाता हैकर्स से बचाव के लिए कई टूल्स के साथ आता है, और हमने एलिप्टिक कर्व क्रिप्टोग्राफी जैसी अत्याधुनिक एन्क्रिप्शन तकनीकें लागू की हैं। Proton Mail सिक्योरिटी के बारे में और जानें।(नई विंडो)
  • पारदर्शिता — कई Big Tech ईमेल प्रोवाइडर के उलट, हमारा पूरा कोड ओपन सोर्स है(नई विंडो) और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स द्वारा स्वतंत्र रूप से ऑडिट किया गया है। वैज्ञानिक होने के नाते, हम पारदर्शिता और पीयर रिव्यू में यकीन रखते हैं।

आखिर में, Proton कम्युनिटी-सपोर्टेड है। हम विज्ञापनों से नहीं, बल्कि सदस्यताओं से पैसे कमाते हैं, इसलिए हमारा एकमात्र फर्ज़ आपका डाटा सुरक्षित रखना और आपको हाई-क्वालिटी सेवा देना है। 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों ने Proton खाते बनाए हैं, इसलिए हमने अपनी सेवाओं का विस्तार कैलेंडर, क्लाउड स्टोरेज, VPN और पासवर्ड मैनेजर तक किया है — ये सब हमारे उस मकसद का हिस्सा है कि ऐसा इंटरनेट बनाया जाए जहां निजता डिफॉल्ट हो।

साइनअप करना और ये सभी सेवाएं इस्तेमाल करना फ्री है, और इसमें सिर्फ कुछ सेकेंड लगते हैं। शुरू करने के लिए फ्री ईमेल खाता बनाएं।

परिशिष्ट: ईमेल सिस्टम की तुलना

नीचे तीन डायग्राम हैं जो अलग-अलग ईमेल सिस्टम में डाटा को हैंडल करने का तरीका दिखाते हैं। पहला दिखाता है कि Big Tech कंपनियां आपके डाटा तक कितनी आसानी से एक्सेस कर सकती हैं। दूसरा Proton Mail की इंप्लीमेंटेशन दिखाता है, जो ईमेल संदेशों को सर्वर पे भेजने से पहले लोकल तौर पे एन्क्रिप्ट करता है। और तीसरा एक आम प्राइवेट ईमेल सर्वर सेटअप दिखाता है, जो सिक्योरिटी की कीमत पे निजता बनाए रखता है, क्योंकि ईमेल डिफॉल्ट रूप से शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्टेड नहीं होते।

Big Techप्राइवेट ईमेल सर्वरहोस्टिंग प्रोवाइडर से किराए पे लेनाProton Mail
आपके डाटा को AI, टारगेटेड विज्ञापनों और अन्य डाटा हार्वेस्टिंग से बचाता हैनहींहांहांहां
शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन इस्तेमाल करता हैनहींनहींनहींहां
अपटाइम की गारंटी के लिए व्यापक सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर रखता हैहांनहींनहींहां
हार्डवेयर शामिल है और इस्तेमाल के लिए तैयार हैहांनहींहांहां
सॉफ्टवेयर को अपडेट रखता है, जिसमें सिक्योरिटी अपडेट शामिल हैंहांनहींशायदहां
आपको डोमेन खरीदना और उसका सेटअप करना होगानहींहांहांनहीं*
नॉन-रेजिडेंशियल IP पता और खुले पोर्ट शामिल हैंहांनहींहांहां
इस्तेमाल करने के लिए फ्रीहांनहींनहींहां

*Proton Mail कस्टम ईमेल डोमेन के लिए सहायता देता है