संगठनों के लिए SOC अनुपालन पेचीदा और समय लेने वाला हो सकता है। अगर अभी इसकी पड़ताल की जा रही है, तो हमने एक विस्तृत गाइड तैयार की है, जिससे इसके ज़रूरी पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी। इस गाइड में हम बताते हैं कि SOC 1 और SOC 2 में क्या अंतर है, किस स्थिति में एक की ज़रूरत दूसरे से ज़्यादा होती है, SOC ऑडिट कैसे काम करते हैं, और क्या SOC 3 पर विचार करना चाहिए।

SOC 1 vs SOC 2 vs SOC 3

Type I और Type II SOC रिपोर्ट में क्या अंतर है?

SOC 1 क्या है, किसे इसकी ज़रूरत है और क्यों?

SOC 2 क्या है, किसे इसकी ज़रूरत है और क्यों?

SOC 3 क्या है, किसे इसकी ज़रूरत है और क्यों?

किन कंपनियों को कई SOC रिपोर्ट की ज़रूरत होती है?

SOC ऑडिट कैसे काम करते हैं? समय, खर्च और संसाधन

SOC ऑडिट पर कितना खर्च आता है?

SOC ऑडिट पूरा करने में Proton कैसे मदद कर सकता है

SOC ऑडिट के लिए टिप्स

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SOC 1 vs SOC 2 vs SOC 3

SOC रिपोर्ट सुनने में एक ही तरह की रिपोर्ट के अलग-अलग स्तर लग सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। ये असल में तीन अलग-अलग रिपोर्ट हैं, जो तीन अलग-अलग दर्शकों के लिए बनाई गई हैं। इसलिए इनकी तुलना करते समय सवाल यह नहीं है कि कौन-सी बेहतर है, बल्कि यह कि कौन-सी आपकी ज़रूरतों के लिए ज़्यादा सही है।

  • SOC 1 उन कंपनियों के लिए है जिनकी सेवाएं किसी ग्राहक की वित्तीय रिपोर्टिंग से जुड़ी होती हैं, जैसे पेरोल प्रोसेसर, क्लेम एडमिन या फंड एडमिन।
  • SOC 2 उन कंपनियों के लिए है जो ग्राहकों का डेटा संभालती हैं, जैसे SaaS, क्लाउड और टेक्नोलॉजी विक्रेता।
  • SOC 3 SOC 2 रिपोर्ट का सार्वजनिक सारांश है। इसमें भी वही आधारभूत मानदंड होते हैं, लेकिन संवेदनशील तकनीकी जानकारी के बिना, इसलिए इसे खुलकर शेयर किया जा सकता है।

SOC ऑडिट क्यों कराएं?

ग्राहकों को इस बात का सबूत चाहिए होता है कि उनका डेटा आपकी कंपनी को भरोसे के साथ सौंपा जा सकता है, लेकिन हर विक्रेता का अलग-अलग ऑडिट करना सभी के लिए धीमा और महंगा हो सकता है। इस रिपोर्ट के असली पाठक आपके संगठन के ग्राहक हैं।

अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ CPA (AICPA) द्वारा तैयार SOC ऑडिट किसी कंपनी को यह मौका देता है कि वह यह प्रक्रिया एक बार किसी स्वतंत्र CPA फर्म के साथ पूरी करे और फिर तैयार रिपोर्ट किसी संभावित ग्राहक को सौंप दे — हर नए मौके पर सुरक्षा से जुड़ी नई प्रश्नावली भरने के बजाय। फाइनेंस और हेल्थकेयर जैसे नियमों से बंधे या सुरक्षा को लेकर सतर्क उद्योगों में, SOC रिपोर्ट अक्सर यह तय करती है कि आपकी कंपनी विक्रेता की शॉर्टलिस्ट में जगह बना पाती है या नहीं।

SOC ऑडिट कंपनियों को यह भी आगे बढ़ाता है कि वे असल सुरक्षा नियंत्रण लागू करें, जैसे एक्सेस मैनेजमेंट, निगरानी और घटना पर प्रतिक्रिया। तो भले ही यह रिपोर्ट ग्राहकों की खरीद टीमों को संतुष्ट करने के लिए बनती है, इसके पीछे की प्रक्रिया आपकी सुरक्षा प्रैक्टिस मज़बूत करती है, चाहे रिपोर्ट कौन पढ़ रहा हो। चूंकि SOC रिपोर्ट कंपनी की प्रक्रियाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत जानकारी सामने लाती हैं, इसलिए आमतौर पर कंपनियां रिपोर्ट शेयर करने से पहले ग्राहकों से NDA साइन कराती हैं।

SOC 1 vs SOC 2 vs SOC 3 की तुलना तालिका

SOC 1SOC 2SOC 3
फोकसवित्तीय रिपोर्टिंग पर आंतरिक नियंत्रणसुरक्षा, उपलब्धता, प्रोसेसिंग की सही स्थिति, गोपनीयता और प्राइवेसीSOC 2 जैसे ही मानदंड, लेकिन सारांश के रूप में
लागू मानकSSAE 18 (AT-C 320)SSAE 18 (AT-C 105/205)SSAE 18 (AT-C 105/205)
आम दर्शकऑडिटर, नियामक और ग्राहक की फाइनेंस/अकाउंटिंग टीमेंग्राहकों की सुरक्षा, IT और खरीद टीमेंआम जनता / संभावित ग्राहक
रिपोर्ट का वितरणसीमित: NDA के तहत चुनिंदा स्टेकहोल्डर के साथ शेयर की जाती हैसीमित: NDA के तहत चुनिंदा स्टेकहोल्डर के साथ शेयर की जाती हैसार्वजनिक: इसे खुलकर पोस्ट या शेयर किया जा सकता है
उदाहरण कंपनियांपेरोल प्रोवाइडर, क्लेम प्रोसेसर, फंड एडमिनSaaS प्लेटफ़ॉर्म, क्लाउड प्रोवाइडर, डेटा सेंटरवे कंपनियां जिनके पास SOC 2 है और जो शेयर करने लायक वर्शन चाहती हैं
उपलब्ध रिपोर्ट के प्रकारType I और Type IIType I और Type IIलागू नहीं

Type I और Type II SOC रिपोर्ट में क्या अंतर है?

SOC 1 और SOC 2 ऑडिट के लिए दो तरह की रिपोर्ट उपलब्ध हैं, और यहीं से तुलना ज़्यादा काम की बनती है।

  • Type I ऑडिट किसी कंपनी के दस्तावेज़ों, नीतियों और सिस्टम डिज़ाइन की जांच करता है और आंकता है कि ये नियंत्रण डेटा की सुरक्षा के लिए ठीक से बनाए गए हैं या नहीं। यह नहीं जांचता कि ये सुरक्षा उपाय समय के साथ असल में काम करते हैं या नहीं, बस इतना कन्फर्म करता है कि वे मौजूद हैं और सही दिखते हैं।
  • एक Type II ऑडिट में दस्तावेज़ों, नीतियों और सिस्टम डिज़ाइन की जांच की जाती है, फिर 3 से 12 महीनों की अवधि में उनके संचालन की लगातार निगरानी होती है। ऑडिटर पुष्टि करता है कि कंट्रोल न सिर्फ़ अच्छी तरह डिज़ाइन किए गए हैं, बल्कि उनका असरदार तरीक़े से पालन भी होता है; कंपनी लॉग रखती है, बैकअप बनाती है, एक्सेस की निगरानी करती है और वादे के मुताबिक़ घटनाओं को हैंडल करती है।

ग्राहक और पार्टनर आमतौर पर Type II ऑडिट पर ज़्यादा भरोसा करते हैं, क्योंकि यह लगातार चलने वाली, असल दुनिया की सुरक्षा परफ़ॉर्मेंस दिखाता है। SOC 1 और SOC 2 के उलट, जो सिर्फ़ अलग-अलग ऑडियंस की ज़रूरतें पूरी करते हैं, Type II ऑडिट को Type I से ज़्यादा मज़बूत माना जा सकता है।

SOC 1 क्या है, किसे इसकी ज़रूरत है और क्यों?

SOC 1 उन कंपनियों के लिए एक कंप्लायंस और ऑडिटिंग फ़्रेमवर्क है जिनकी सेवाएं अपने ग्राहकों की वित्तीय रिपोर्टिंग को प्रभावित करती हैं। SOC 1 ग्राहकों के बाहरी ऑडिटर की ज़रूरतें पूरी करता है और यह भरोसा दिलाता है कि किसी सेवा संगठन के कंट्रोल उसके ग्राहकों की बहियों में गड़बड़ियां नहीं लाएंगे।

किस तरह की कंपनियों को SOC 1 अटेस्टेशन से फ़ायदा होता है?

SOC 1 उन कंपनियों के लिए सबसे भरोसेमंद अटेस्टेशन है जो दूसरों की ओर से वित्तीय लेन-देन या डेटा हैंडल करती हैं। इसमें पेरोल प्रोसेसर, पेमेंट प्रोसेसर, फ़ंड एडमिनिस्ट्रेटर, क्लेम प्रोसेसर और लोन सर्विसिंग प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं। SOC 1 बड़े क्लाइंट्स के साथ नए कॉन्ट्रैक्ट खोल सकता है, सालाना ऑडिट के दौरान रुकावटें कम कर सकता है, और भरोसेमंद, अच्छी तरह कंट्रोल किए गए वित्तीय प्रोसेस के लिए कंपनी की साख मज़बूत कर सकता है — जो अक्सर यह तय करता है कि वित्तीय रूप से संवेदनशील काम के लिए आपकी कंपनी पर विचार भी किया जाएगा या नहीं।

SOC 2 क्या है, किसे इसकी ज़रूरत है और क्यों?

SOC 2 उन कंपनियों के लिए एक कंप्लायंस और ऑडिटिंग फ़्रेमवर्क है जो ग्राहक डेटा हैंडल करती हैं। SOC 2 ऑडिट एक रिपोर्ट तैयार करता है जिसमें दर्ज होता है कि कंपनी के कंट्रोल AICPA के Trust Services Criteria के सामने कैसे टिकते हैं — जिसमें सुरक्षा, उपलब्धता, प्रोसेसिंग की सटीकता, गोपनीयता और प्राइवेसी शामिल हैं — साथ ही एक स्वतंत्र ऑडिटर की राय कि ये कंट्रोल ठीक से डिज़ाइन किए गए हैं या नहीं। SOC 2 उन कंपनियों के लिए ज़रूरी अटेस्टेशन है जिन्हें अमेरिकी ग्राहकों और पार्टनर के सामने अपने सुरक्षा कंट्रोल की असरदारी साबित करनी होती है।

किस तरह की कंपनियों को SOC 2 अटेस्टेशन से फ़ायदा होता है?

टेक्नोलॉजी आधारित सेवाएं देने वाली कंपनियों को SOC 2 सर्टिफिकेशन से सबसे ज़्यादा फ़ायदा होगा। इसमें सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस (SaaS), क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा एनालिटिक्स प्लेटफ़ॉर्म, फ़िनटेक सॉल्यूशंस और हेल्थ-टेक एप्लीकेशन शामिल हैं। चूंकि डेटा लीक आम होते जा रहे हैं, ग्राहकों को भरोसा चाहिए कि कोई कंपनी उस डेटा और सिस्टम की सुरक्षा कर सकती है जो वे उसके भरोसे छोड़ रहे हैं। SOC 2 यही भरोसा देता है, जो आगे चलकर बड़े कॉरपोरेशन के साथ नए कॉन्ट्रैक्ट खोल सकता है, वेंडर-रिस्क असेसमेंट आसान बना सकता है और मज़बूत डेटा सुरक्षा के लिए कंपनी की साख बढ़ा सकता है।

Proton के SOC 2 Type II ऑडिट के बारे में पढ़ें

SOC 3 क्या है, किसे इसकी ज़रूरत है और क्यों?

SOC 3 उसी ऑडिट प्रोसेस से निकलता है जो SOC 2 के लिए होता है, बस इसका मकसद अलग है। SOC 3 रिपोर्ट उसी जानकारी का हाई-लेवल सारांश होती है, जिसमें वह बारीक और ख़ास जानकारी नहीं होती जिसके लिए NDA ज़रूरी होता है, इसलिए इसे अक्सर SOC 2 रिपोर्ट के सार्वजनिक सारांश के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

किस तरह की कंपनियों को SOC 3 अटेस्टेशन से फ़ायदा होता है?

SOC 2 ऑडिट प्रोसेस से गुज़रे बिना SOC 3 हासिल करना संभव नहीं है, लेकिन जिन कंपनियों का SOC 2 के लिए असेसमेंट पहले से हो रहा है और जो उस जानकारी का इस्तेमाल मार्केटिंग कैंपेन या सेल्स डेक में करना चाहती हैं, उन्हें SOC 3 रिपोर्ट बनवाने से फ़ायदा हो सकता है।

किन कंपनियों को एक से ज़्यादा SOC रिपोर्ट की ज़रूरत होती है?

SOC 1 और SOC 2 में से चुनना अक्सर इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सी रिपोर्ट आपके ग्राहकों की ज़रूरतों के लिहाज़ से सही है। हालांकि, कुछ कंपनियों को एक से ज़्यादा SOC रिपोर्ट की ज़रूरत सचमुच होती है। उदाहरण के लिए, पेमेंट प्रोसेस करने वाली और संवेदनशील ग्राहक डेटा स्टोर करने वाली एक फ़िनटेक कंपनी को SOC 1 (क्योंकि यह ग्राहकों की वित्तीय रिपोर्टिंग से जुड़ती है) और SOC 2 (क्योंकि यह ग्राहक डेटा हैंडल करती है) दोनों की ज़रूरत पड़ सकती है।

SOC ऑडिट का कॉम्बिनेशन कंपनी का प्रकार
SOC 1 + SOC 2जो कंपनियां वित्तीय रिपोर्टिंग और अहम ग्राहक डेटा दोनों हैंडल करती हैं
SOC 1 + SOC 3 लागू नहीं — SOC 2 के बिना SOC 3 हासिल करना संभव नहीं है
SOC 2 + SOC 3जो कंपनियां अहम ग्राहक डेटा हैंडल करती हैं और अपने SOC 2 अटेस्टेशन को सार्वजनिक कॉन्टेंट में दिखाना चाहती हैं
SOC 1 + SOC 2 + SOC 3जो कंपनियां वित्तीय रिपोर्टिंग और अहम ग्राहक डेटा दोनों हैंडल करती हैं और अपने SOC 2 अटेस्टेशन को सार्वजनिक कॉन्टेंट में दिखाना चाहती हैं

SOC ऑडिट कैसे काम करते हैं? टाइमलाइन, ऑडिट के चरण और रिन्युअल

कई ऐसे फ़ैक्टर हैं जो तय करते हैं कि SOC ऑडिट कितना महंगा और कितना वक़्त लेने वाला होगा। SOC 1 या SOC 2 कंप्लायंस की योजना बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें।

SOC टाइमलाइन

SOCटाइमलाइन
SOC 1 Type I~ 2–4 महीने
SOC 1 Type IIकुल ~ 6–12 महीने, ऑब्ज़र्वेशन विंडो आमतौर पर 6–12 महीने
SOC 2 Type Iकुल ~ 3–6 महीने
SOC 2 Type IIकुल ~ 6–15 महीने, ऑब्ज़र्वेशन विंडो आमतौर पर 3–12 महीने

SOC ऑडिट के चरण

SOC ऑडिट में कई चरण होते हैं जो हफ़्तों या महीनों में पूरे होते हैं। हर चरण कैसा दिखता है, यह रहा:

1. तैयारी (हफ़्ते 1–4)

किसी भी टेस्टिंग से पहले यह तय किया जाता है कि कौन-से सिस्टम दायरे में आते हैं और AICPA के Trust Services Criteria में से कौन-से लागू होते हैं। SOC 2 के लिए इसका मतलब आमतौर पर सुरक्षा को अनिवार्य मानदंड मानना होता है, साथ ही ग्राहक की ज़रूरतों के हिसाब से उपलब्धता, प्रोसेसिंग की सटीकता, गोपनीयता और प्राइवेसी का कोई भी कॉम्बिनेशन। साथ ही उन कंट्रोल की सूची भी बनाई जाती है जो पहले से मौजूद हैं, जैसे एक्सेस नीतियां, एन्क्रिप्शन स्टैंडर्ड, बैकअप प्रोसीजर और इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्लान। यहां मकसद यह है कि आगे कोई अनचाहा सरप्राइज़ न हो।

2. डॉक्युमेंटेशन (हफ़्ते 4–8)

यह सबूत जुटाए जाते हैं कि कंट्रोल मौजूद हैं और ठीक से डिज़ाइन किए गए हैं। इसमें लिखित नीतियां, सिस्टम आर्किटेक्चर डायग्राम, रोल-बेस्ड एक्सेस मैट्रिक्स, वेंडर रिस्क असेसमेंट और ट्रेनिंग रिकॉर्ड शामिल हैं। ऑडिटर इन सामग्रियों की समीक्षा करता है ताकि यह पक्का हो कि वे सभी ज़रूरी शर्तें पूरी करती हैं और ग्राहकों की उचित अपेक्षाओं से मेल खाती हैं।

3. ऑडिट (हफ़्ते 8–12)

Type I रिपोर्ट के लिए ऑडिटर किसी एक समय-बिंदु के आसपास फ़ील्डवर्क करता है। वह प्रमुख कर्मचारियों का इंटरव्यू लेता है, कंट्रोल के सबूतों के सैंपल जांचता है और पुष्टि करता है कि डॉक्युमेंटेशन हकीकत दिखाता है। इस चरण में वह कन्फर्म करता है कि कंट्रोल सही तरीक़े से डिज़ाइन किए गए हैं।

4. ऑब्ज़र्वेशन (महीने 3–15)

Type II में एक ऑब्ज़र्वेशन विंडो जुड़ती है जिसमें ऑडिटर लगातार कंट्रोल की निगरानी करता है। इस दौरान वह इन चीज़ों की जांच करता है:

  • एक्सेस लॉग: किसे परमिशन मिली, एक्सेस कब वापस लिया गया, और विशेषाधिकार प्राप्त खातों की समय-समय पर समीक्षा हुई या नहीं
  • चेंज मैनेजमेंट रिकॉर्ड: कोड डिप्लॉयमेंट कैसे अप्रूव और ट्रैक किए गए
  • इंसिडेंट हैंडलिंग: आपकी डॉक्युमेंटेड प्रक्रिया के मुताबिक सुरक्षा ईवेंट का पता लगाया गया, उन्हें एस्केलेट किया गया और सुलझाया गया या नहीं
  • बैकअप और निगरानी: इस बात का सबूत कि सिस्टम की वाकई निगरानी हो रही है और वादे के मुताबिक रीस्टोर किया जा रहा है

ऑब्ज़र्वेशन पीरियड के अंत में, ऑडिटर यह राय देता है कि पूरे समय के दौरान आपके कंट्रोल्स कितने अच्छे तरीके से काम करते रहे।

SOC रिन्युअल

अपना SOC अटेस्टेशन रिन्यू करना आम तौर पर पहले ऑडिट से तेज़ होना चाहिए। चूंकि आपका स्कोप, कंट्रोल्स और सिस्टम बाउंड्रीज़ पहले से तय हैं, ऑडिटर शुरू से शुरू करने के बजाय एक ज्ञात बेसलाइन पर आगे बढ़ता है, और कई रिन्युअल शुरुआती ऑडिट से सस्ते और तेज़ दोनों होते हैं। रिपोर्ट आम तौर पर 12 महीने के लिए वैध होती हैं, इसलिए ज़्यादातर कंपनियां हर साल रिन्यू करती हैं और कवरेज में किसी भी तरह के अंतर से बचने के लिए अक्सर मौजूदा ऑब्ज़र्वेशन पीरियड खत्म होने के तुरंत बाद अगला शुरू कर देती हैं।

SOC ऑडिट की लागत कितनी होती है?

किसी CPA से कोटेशन लिए बिना SOC ऑडिट की लागत तय करना लगभग असंभव है, क्योंकि यह USD 5,000 जितनी कम से लेकर USD 150,000 से भी ज़्यादा तक हो सकती है। लागत कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिनमें आपके संगठन का साइज़, आपके संगठन की तैयारी, इस प्रक्रिया में लगाए जा सकने वाले संसाधन, और चुने जा रहे ऑडिट का प्रकार शामिल हैं। Type I ऑडिट आम तौर पर कम महंगे होते हैं, क्योंकि इनमें कम समय लगता है।

Proton कैसे SOC ऑडिट पूरा करने में मदद कर सकता है

Proton के पास ISO 27001 सर्टिफिकेशन और SOC 2 Type II अटेस्टेशन दोनों हैं, जिससे Proton प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने वाली कंपनियों के लिए अपनी अक्रेडिटेशन लेना आसान हो सकता है। एक सुरक्षित, एन्क्रिप्ट किया हुआ Workspace इस्तेमाल करने पर एक ऐसी सिद्ध सुरक्षा बेसलाइन मिलती है जो SOC 2 Type II के पीछे के कड़े ऑडिट को पहले ही पूरा करती है। इससे कंप्लायंस साबित करने में लगने वाला प्रयास कम हो सकता है और ऑडिट का समय छोटा हो सकता है।

SOC ऑडिट के लिए टिप्स

  • ऑडिट शुरू होने से पहले जितनी हो सके उतनी तैयारी करें। तैयारी की कमी अक्सर प्रक्रिया को धीमा कर सकती है और लागत बढ़ा सकती है।
  • फील्डवर्क शुरू होने से पहले अपनी सिस्टम बाउंड्रीज़ तय करें। दायरे में असल में क्या है, इसमें स्पष्टता की कमी देरी की सबसे आम वजहों में से एक है।
  • अपना Type II ऑब्ज़र्वेशन विंडो इस आधार पर चुनें कि रिपोर्ट किसे चाहिए, न कि सिर्फ इस पर कि वह कितनी जल्दी चाहिए। तीन महीने का विंडो रिपोर्ट जल्दी दिला देता है, लेकिन कई ग्राहक छह महीने से एक साल तक के सबूत की अपेक्षा करते हैं और इससे कम पर आपत्ति जता सकते हैं।
  • शुरुआत में ही कंट्रोल ओनर्स साफ-साफ तय करें। सबूत, अप्रूवल या इंटरव्यू के लिए संगठन में सही व्यक्ति को ढूंढने में सबसे ज़्यादा देरी हो सकती है।
  • रिन्युअल की योजना बनाएं और सबूत जुटाने को ऑडिट से पहले की भागदौड़ के बजाय एक लगातार आदत बनाएं। जो संगठन अपने सामान्य कामकाज में लगातार निगरानी शामिल करते हैं, उनके रिन्युअल अक्सर उन संगठनों से तेज़ और सस्ते होते हैं जो हर साइकल को एक बार का प्रोजेक्ट मानते हैं।

SOC 1 और SOC 2 ऑडिट से जुड़े सवाल-जवाब

SOC 1 और SOC 2 क्या हैं?

SOC 1 और SOC 2 दोनों AICPA द्वारा विकसित ऑडिट फ्रेमवर्क हैं, लेकिन इनके मकसद अलग-अलग हैं। SOC 1 वित्तीय रिपोर्टिंग पर आंतरिक कंट्रोल्स पर केंद्रित है। यह ऐसी कंपनियों के लिए बनाया गया है जिनकी सेवाएं उनके ग्राहकों के वित्तीय स्टेटमेंट को प्रभावित करती हैं, जैसे पेरोल प्रोसेसर या फंड एडमिनिस्ट्रेटर। SOC 2 सुरक्षा, उपलब्धता, प्रोसेसिंग इंटीग्रिटी, गोपनीयता और प्राइवेसी पर केंद्रित है। यह उन टेक्नोलॉजी और क्लाउड सेवा प्रोवाइडर्स के लिए बनाया गया है जो ग्राहक डेटा हैंडल करते हैं।

क्या SOC 2 से पहले SOC 1 की ज़रूरत होती है?

नहीं, SOC ऑडिट क्रम में नहीं होते, ये बस अलग-अलग हैं, इसलिए SOC 2 करने से पहले SOC 1 पूरा करना ज़रूरी नहीं है। SOC 1 उन बिज़नेस के लिए है जो वित्तीय रिपोर्टिंग करते हैं, जबकि SOC 2 किसी कंपनी की सुरक्षा, प्राइवेसी और प्रोसेसिंग इंटीग्रिटी का ऑडिट करता है।

SOC 2 ऑडिट में कितना समय लगता है?

SOC 2 ऑडिट पूरा होने में तीन महीने से लेकर एक साल से भी ज़्यादा समय लग सकता है। यह इस पर निर्भर करता है कि Type I या Type II ऑडिट किया जा रहा है, आपके संगठन का साइज़ और जटिलता क्या है, और आपकी टीम कितनी तैयार है।

SOC 1 या SOC 2 ऑडिट की लागत कितनी होती है?

SOC ऑडिट की लागत USD 5000 से USD 150,000 के बीच हो सकती है, यह ऑडिट के प्रकार, आपके संगठन के साइज़ और आपके सिस्टम की जटिलता पर निर्भर करता है।

क्या SOC 2 एक सर्टिफिकेशन है?

नहीं, SOC 2 सर्टिफिकेशन नहीं, अटेस्टेशन है। हालांकि SOC 1 और 2 ऑडिट के साथ ये शब्द एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल होते हैं, अटेस्टेशन एक तरह की रेटिंग जैसा होता है, जबकि सर्टिफिकेशन पास/फेल होता है।

SOC 2 को कितनी बार दोहराना पड़ता है?

तकनीकी रूप से SOC ऑडिट एक्सपायर नहीं होता, जब तक सिस्टम में कोई बदलाव न हो, लेकिन इंडस्ट्री स्टैंडर्ड है कि इन्हें हर 6-12 महीने में रिन्यू किया जाए। कई कंपनियां सालाना रिन्युअल प्रक्रिया सेटअप करती हैं, लेकिन यह इस पर निर्भर करेगा कि Type I या Type II ऑडिट किया जा रहा है, और अगर Type II है, तो ऑब्ज़र्वेशन पीरियड कितना लंबा है।

क्या SOC 2 के बिना SOC 3 मिल सकता है?

नहीं, SOC 3 उसी ऑडिट प्रक्रिया से निकलता है जिससे SOC 2। SOC 3, SOC 2 का एक वैकल्पिक ऐड-ऑन है, अलग प्रक्रिया नहीं।