आपका फ़ोन अभी आपकी सोच से कहीं ज़्यादा काम कर रहा है। ऐप्स बैकग्राउंड में जाग रहे हैं, चेक-इन कर रहे हैं और कॉन्टेंट रिफ़्रेश कर रहे हैं, चाहे आप उनका इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं। बैकग्राउंड एक्टिविटी ही सबसे आम वजहों में से एक है जिससे Android फ़ोन दिन खत्म होने से पहले ही बैटरी खत्म कर देते हैं, गर्म हो जाते हैं, या उम्मीद से ज़्यादा तेज़ी से डाटा खत्म कर देते हैं।

निजता के उल्लंघन का खतरा भी है, और उसे बैटरी की खपत जितना आसानी से नहीं पकड़ा जा सकता। कुछ ऐप्स बैकग्राउंड एक्सेस का इस्तेमाल करके आपके स्थान की जानकारी इकट्ठा करते हैं, आपके इस्तेमाल के तरीकों पे नज़र रखते हैं, या विज्ञापनदातों के साथ व्यवहार संबंधी डाटा सिंक करते हैं।

अगर आपको अपने डिवाइस के ऐप्स की एक्सेस से आगे निजता को लेकर चिंता है, तो VPN(नई विंडो) का इस्तेमाल करके अपना इंटरनेट ट्रैफिक एन्क्रिप्ट करना फ़ायदेमंद है, ताकि थर्ड पार्टी आपके ऑनलाइन किए गए कामों पे नज़र न रख सकें।

Android पे बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स को रोकने का तरीका

Android आपको बैकग्राउंड एक्टिविटी संभालने के कुछ अलग-अलग तरीके देता है। आप बड़े पैमाने पे काम कर सकते हैं या सिर्फ़ खास चीज़ों पे, इस बात पे निर्भर करता है कि आपको कितना कंट्रोल चाहिए।

तरीका 1: अलग-अलग ऐप्स के लिए बैकग्राउंड एक्टिविटी पर पाबंदी लगाएं

ये सबसे सटीक तरीका है। आप Android को बता सकते हैं कि वो ऐप्स को बैकग्राउंड जॉब चलाने, डाटा सिंक करने और सूचनाएं भेजने से सीमित कर दे।

ध्यान दें: अलग-अलग Android डिवाइस में खाका और नामों में थोड़ा फ़र्क हो सकता है, इसलिए आपके मॉडल के हिसाब से स्टेप्स में थोड़ा अंतर हो सकता है।

  1. सेटिंग > ऐप्स खोलें 
  2. जिस ऐप को पाबंदी लगानी है, उसे चुनें
  3. ऐप बैटरी उपयोग पे टैप करें और बैकग्राउंड उपयोग की अनुमति दें को ऑफ़ कर दें।
  4. ऐप की सेटिंग में ही आप ऐप को डाटा इस्तेमाल करने से भी सीमित कर सकते हैं। मोबाइल डाटा & वाई-फाई में जाएं और बैकग्राउंड डाटा को ऑफ़ कर दें।

किसी भी ऐप के लिए ये दोहराएं जिसे लगातार चलते रहने की ज़रूरत नहीं है। इसमें शॉपिंग ऐप्स, गेम्स, वो सोशल मीडिया ऐप्स जिन्हें आप वैसे भी खुद चेक करते हैं, और वो ऐप्स जो आप शायद ही कभी इस्तेमाल करते हैं, अच्छे उम्मीदवार हैं।

तरीका 2: बैकग्राउंड एक्टिविटी सीमित करने के लिए बैटरी सेवर इस्तेमाल करें

अगर आप एक साथ सभी ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी कम करना चाहते हैं, तो बैटरी सेवर इसका तेज़ तरीका है।

  1. सेटिंग > बैटरी खोलें
  2. बैटरी सेवर पे टैप करें और इसे ऑन कर दें
  3. आप ये भी सेट कर सकते हैं कि जब बैटरी एक तय प्रतिशत से नीचे चली जाए, तो ये अपने-आप एक्टिवेट हो जाए

बैटरी सेवर ऑन होने पे, Android ज़्यादातर बैकग्राउंड एक्टिविटी पर रोक लगा देता है, सिंक की फ़्रीक्वेंसी कम कर देता है, और उन ऐप्स के लिए स्थान एक्सेस सीमित कर सकता है जो अभी इस्तेमाल में नहीं हैं। इसके बदले ये होगा कि कुछ चीज़ें, जैसे ईमेल रीयल टाइम में मिलना, धीमी हो जाएंगी।

तरीका 3: ऐप्स को फ़ोर्स स्टॉप करें

अगर कोई ऐप अभी चल रहा है और आप उसे तुरंत रोकना चाहते हैं:

  1. सेटिंग > ऐप्स खोलें
  2. जिस ऐप को रोकना है, उस पे टैप करें
  3. फ़ोर्स स्टॉप पे टैप करें

जब आप किसी ऐप को फ़ोर्स स्टॉप करते हैं, तो वो बंद रहना चाहिए जब तक आप खुद उसे दोबारा न खोलें। अगर कोई ऐप अपने-आप वापिस शुरु हो जाता रहता है, तो ये चेक करना फ़ायदेमंद हो सकता है कि आपके फ़ोन में मालवेयर तो नहीं आ गया है।

तरीका 4: डेवलपर ऑप्शन मेनू से बैकग्राउंड एक्टिविटी संभालें

चेतावनी: जब तक आप एडवांस्ड उपयोगकर्ता न हों, डेवलपर सेटिंग न बदलें। अगर आप इन प्रोसेस को सीमित करते हैं, तो आपका फ़ोन मल्टीटास्क नहीं कर पाएगा, और सूचना जैसी ज़रूरी खासियतें काम करना बंद कर सकती हैं।

  1. सेटिंग > फ़ोन के बारे में खोलें
  2. बिल्ड नंबर पे सात बार टैप करें, जब तक आपको “आप अब डेवलपर हैं” कहने वाला संदेश न दिख जाए
  3. वापिस सेटिंग में जाएं, जहां आपको अब मेनू में डेवलपर ऑप्शन दिखेगा
  4. नीचे स्क्रॉल करके बैकग्राउंड प्रोसेस लिमिट पे जाएं और एक कम नंबर चुनें, या कोई बैकग्राउंड प्रोसेस नहीं चुनें

Android के उन ऐप्स को अनइंस्टॉल करने का तरीका जिनकी अब आपको ज़रूरत नहीं

किसी ऐप को बैकग्राउंड में चलने से रोकने का सबसे पूरा तरीका है उसे पूरी तरह हटाएं। अगर कोई ऐप है जिसका आप इस्तेमाल नहीं करते, तो उसे रखने का कोई अच्छा कारण नहीं है।

  1. फ़ोन की स्क्रीन पे ऐप के आइकन को दबाकर रखें।
  2. अनइंस्टॉल करें पे टैप करें (या आपके डिवाइस के हिसाब से, इसे स्क्रीन के ऊपर वाले अनइंस्टॉल करें विकल्प पे खींच दें)।
  3. या फिर सेटिंग > ऐप्स में जाएं, ऐप पे टैप करें और अनइंस्टॉल करें चुनें।

प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स (जिन्हें कभी-कभी ब्लोटवेयर कहा जाता है) को आप पूरी तरह अनइंस्टॉल न कर पाएं, लेकिन आमतौर पर आप उन्हें अक्षम करके चलने से रोक सकते हैं। सेटिंग > ऐप्स में जाएं, ऐप ढूंढें और अक्षम करें पे टैप करें।

जब आप कोई ऐप अनइंस्टॉल करते हैं, तो हो सकता है आपसे पूछा जाए कि ऐप का डाटा कैसे हैंडल करना है। अगर आप उसे दोबारा इंस्टॉल करने का प्लैन नहीं बना रहे हैं, तो डाटा मिटा दें चुनना साफ़-सुथरा विकल्प है, क्योंकि इससे वो सारी स्टोर किए हुए जानकारी हट जाती है जो ऐप ने आपके डिवाइस पे लोकली रखी थी।

Android की कुछ निजता आदतें जो बनाने लायक हैं

बैकग्राउंड एक्सेस पर पाबंदी लगाने, बेकार ऐप्स अनइंस्टॉल करने और अनुमतियों को सख़्त करने में कुछ मिनट लगाने से आपका फ़ोन डाटा कलेक्शन के लिए अभेद्य या हैकिंग से सुरक्षित नहीं बन जाएगा। लेकिन इससे आपकी जानकारी के बिना बहने वाले डाटा की मात्रा काफ़ी हद तक कम हो जाएगी। इसे VPN और पासवर्ड मैनेजर के साथ जोड़िए, और आप अपने Android फ़ोन की कार्यक्षमता और सुरक्षा में काफ़ी सुधार कर रहे हैं।

  1. ऐप की अनुमतियों की नियमित रूप से समीक्षा करें 

सेटिंग > निजता > अनुमति मैनेजर में जाकर देखें कि किन ऐप्स को आपके स्थान, माइक्रोफ़ोन, कैमरा, कॉन्टैक्ट्स वगैरह तक एक्सेस है। जो भी ज़रूरत से ज़्यादा लगे, उसे वापस लें। उपयोगकर्ताओं को ट्रैक करने के सबसे बड़े दोषी ऐप्स में वो हैं जो आपका स्थान मांगते हैं, जैसे Uber और Uber Eats, मैप्स और शॉपिंग ऐप्स, और बेशक, सोशल मीडिया ऐप्स।

  1. सार्वजनिक वाई-फाई पे VPN इस्तेमाल करें

जब आप किसी कैफ़े, एयरपोर्ट या होटल के वाई-फाई से कनेक्ट करते हैं, तो आपकी गतिविधि के बारे में कुछ जानकारी उसी नेटवर्क पे मौजूद दूसरों को दिख सकती है। Proton VPN(नई विंडो) आपका कनेक्शन एन्क्रिप्ट करता है ताकि थर्ड पार्टी आपका डाटा इंटरसेप्ट न कर सकें, और आपकी ब्राउज़िंग गतिविधि का कोई लॉग नहीं रखता। घर के नेटवर्क से बाहर होते वक़्त अपने फ़ोन को सुरक्षित रखने के लिए ये सबसे व्यावहारिक टूल्स में से एक है।

  1. हर ऐप और खाते के लिए मज़बूत और अलग-अलग पासवर्ड इस्तेमाल करें

ऐप्स में एक ही पासवर्ड दोहराने का मतलब है कि अगर एक खाता छेड़छाड़ का शिकार हो जाए, तो बाकी भी खतरे में हैं। Proton Pass आपके सारे पासवर्ड एन्क्रिप्ट किए हुए तिजोरे में रखता है और ज़रूरत पड़ने पे उन्हें ऑटोफ़िल कर देता है, ताकि आपको आसानी और सुरक्षा में से एक चुनना न पड़े। ये कमज़ोर या दोहराए गए पासवर्ड भी फ़्लैग करता है, जिससे आसानी से दिख जाता है कि आपको कहां सुधार करना है।

  1. अपना ओएस और ऐप्स अपडेट रखें 

Android सुरक्षा पैच उन ज्ञात कमज़ोरियों को ठीक करते हैं जिनका फ़ायदा दुर्भावनापूर्ण ऐप्स या नेटवर्क हमले उठा सकते हैं। आपकी नेटवर्क पसंद के हिसाब से, वो इंस्टॉल होने के लिए लंबित हो सकते हैं। सेटिंग > सिस्टम > सिस्टम अपडेट को नियमित रूप से चेक करें। ऑपरेटिंग सिस्टम लेवल पे सुरक्षा के बारे में और जानकारी के लिए, Android vs iOS security पे और पढ़ें।

  1. जो भी इंस्टॉल करें, उसके बारे में चुनिंदा रहें

ऐप्स सिर्फ़ ऑफ़िशियल Google प्ले स्टोर से डाउनलोड करें, और इंस्टॉलेशन के वक़्त उनकी मांगी गई अनुमतियों पे ध्यान दें। जो ऐप समझ के हिसाब से ज़रूरत से ज़्यादा एक्सेस मांगता है, वो चेतावनी का संकेत है, और अगर आपको शक है कि आपने पहले ही कुछ मैलिशियस डाउनलोड कर लिया है, तो ये चेक करना फ़ायदेमंद है कि आपके फ़ोन में वायरस तो नहीं है।