अमेरिका के विधायक एक नया कानून पेश करने पे विचार कर रहे हैं, जो ऐप स्टोर के उपयोगकर्ताओं की उम्र जांचने और माता-पिता की सहमति संभालने के तरीके को बदल देगा। App Store Accountability Act के मुताबिक, बड़े ऐप स्टोर को उपयोगकर्ताओं की उम्र की श्रेणी जांचनी होगी और नाबालिगों के ऐप डाउनलोड करने या इन-ऐप खरीदारी करने से पहले माता-पिता की मंज़ूरी लेनी होगी।

समर्थकों का कहना है कि इस मसौदे से माता-पिता को अपने बच्चों के इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप्स को बेहतर तरह समझने और उन पे कंट्रोल रखने में मदद मिलेगी। आलोचकों का तर्क है कि यह कंपनियों को संवेदनशील निजी जानकारी इकट्ठा करके सेव करने के लिए मजबूर करके नई निजता और सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।

App Store Accountability Act क्या करेगा

App Store Accountability Act (H.R. 3149)(नई विंडो) मई 2025 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रतिनिधि जॉन जेम्स (R-MI) और गस बिलिरैकिस (R-FL) ने पेश किया था। इस विधेयक का मकसद माता-पिता को ऐप्स के बारे में साफ जानकारी देकर और नाबालिगों के लिए माता-पिता की सहमति जरूरी करके बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखना है।

यह प्रस्ताव अमेरिका में पचास लाख से ज्यादा उपयोगकर्ताओं वाले बड़े ऐप स्टोर प्रदाताओं पर लागू होगा।

अगर यह कानून लागू होता है, तो ऐप स्टोर को ये करने होंगे:

  • खाता बनते वक्त उम्र की जानकारी मांगना और उपयोगकर्ता की उम्र की श्रेणी जांचना।
  • उपयोगकर्ताओं को उम्र की श्रेणियों में रखना, जिनमें 13 से कम, 13–15, 16–17 और वयस्क शामिल हैं।
  • नाबालिगों को ऐप डाउनलोड करने या खरीदारी करने से पहले सत्यापित माता-पिता के खाते से लिंक करना।
  • नाबालिगों के ऐप्स तक एक्सेस करने या इन-ऐप खरीदारी करने से पहले सत्यापित माता-पिता की सहमति लेना।
  • ऐप डेवलपर के साथ उम्र-श्रेणी के सिग्नल शेयर करना, ताकि ऐप्स तय कर सकें कि कोई उपयोगकर्ता नाबालिग है या नहीं, और माता-पिता की सहमति मिली है या नहीं।

विधेयक ये भी जरूरी करेगा कि ऐप डेवलपर, ऐप स्टोर को सूचित करें अगर उनके ऐप्स में कोई बड़ा बदलाव हो, जैसे डाटा इकट्ठा करने की नई प्रथाएं या मुनाफा कमाने की खासियतें। अगर वो बदलाव नाबालिगों को प्रभावित करते हैं, तो ऐप स्टोर को खाते से लिंक माता-पिता को सूचित करना होगा और माता-पिता की दोबारा सहमति लेनी होगी।

इस कानून को लागू करने का काम फेडरल ट्रेड कमीशन करेगा, और राज्यों के अटॉर्नी जनरल भी उन कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं जो इसका पालन नहीं करतीं।

उम्र की जांच कैसे काम करेगी

प्रस्तावित कानून के मुताबिक, ऐप स्टोर खाता बनाते वक्त उपयोगकर्ता उम्र की जानकारी देंगे। फिर ऐप स्टोर उस जानकारी को किसी ऐसे व्यावसायिक रूप से उपलब्ध उम्र-सत्यापन तरीके(नई विंडो) से जांचेंगे, जो यथोचित रूप से सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया हो।

अगर किसी उपयोगकर्ता की पहचान नाबालिग के तौर पर होती है, तो खाता किसी सत्यापित माता-पिता खाते से कनेक्ट होना जरूरी है। इसके बाद बच्चों के ऐप डाउनलोड करने या खरीदारी करने से पहले माता-पिता को सत्यापित माता-पिता की सहमति(नई विंडो) देनी होगी।

ऐप स्टोर ऐप डेवलपर को उम्र-श्रेणी का सिग्नल भेजेंगे, जिससे पता चलेगा कि उपयोगकर्ता बच्चा, किशोर, या वयस्क है, और माता-पिता की सहमति मिली है या नहीं।

राज्य के कानून और टेक्सास का App Store Accountability Act

यूटा, टेक्सास, लुइसियाना और अलाबामा समेत कई राज्यों ने ऐप स्टोर उम्र-सत्यापन के ऐसे ही कानून पारित किए हैं।

इनमें से कुछ कानूनों को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उदाहरण के लिए, एक फेडरल अदालत ने टेक्सास के उस कानून का प्रवर्तन रोक दिया(नई विंडो) था, जिसके तहत ऐप स्टोर को(नई विंडो) ऐप-स्टोर लेवल पे सभी उपयोगकर्ताओं की उम्र जांचनी होगी। जज ने इस शर्त की तुलना किसी किताबों की दुकान को हर ग्राहक का ID चेक करने के लिए मजबूर करने से की थी, ताकि उसे अंदर आने की इजाजत मिल सके।

App Store Accountability Act को लेकर निजता और सुरक्षा की चिंताएं

हालांकि कई नीति-निर्माता बच्चों के लिए ऑनलाइन मजबूत सुरक्षा के पक्ष में हैं, आलोचकों ने App Store Accountability Act में अपनाए गए तरीके को लेकर निजता की चिंताएं जताई हैं(नई विंडो)

एक चिंता ये है कि सभी उपयोगकर्ताओं, वयस्कों समेत, को अपनी उम्र जांचवानी होगी, भले ही वो सिर्फ ऐसे ऐप्स डाउनलोड करना चाहते हों जिन पे उम्र की पाबंदी नहीं है। इसके लिए उपयोगकर्ताओं को सरकारी ID या बायोमेट्रिक डाटा जैसी पहचान बताने वाली जानकारी देनी पड़ सकती है।

कुछ निजता समर्थक ये भी चेतावनी देते हैं कि केंद्रीकृत उम्र-सत्यापन सिस्टम से ऐसे नए डाटाबेस बन सकते हैं जिनमें संवेदनशील निजी जानकारी होगी, और वो हैकर्स या डाटा लीक का निशाना बन सकते हैं।

कुछ लोगों का तर्क है कि इस सिस्टम को बायपास करना आसान हो सकता है, क्योंकि उपयोगकर्ता ऐप स्टोर से ऐप्स डाउनलोड करने की जगह वेब ब्राउज़र के जरिए कई ऑनलाइन सेवाओं को एक्सेस कर सकते हैं।

आगे क्या होगा

विधेयक हाल ही में House Energy and Commerce Committee(नई विंडो) से आगे बढ़ा है। अगला कदम पूरी प्रतिनिधि सभा में वोट होगा।

हालांकि, कानून बनने से पहले विधेयक के सामने अभी रुकावटें हैं, जिनमें सीनेट में संभावित बदलाव और निजता, सुरक्षा, और बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के सबसे असरदार तरीकों को लेकर चल रही बहसें शामिल हैं।