ऑटोमेटेड लाइसेंस-प्लेट रीडर (ALPR) सिस्टम अमेरिका भर की सड़कों पे आम नज़ारा बन चुके हैं। ये पार्किंग नियमों का पालन कराना, स्पीड ट्रैप की पुष्टि, चोरी हुई गाड़ियों की पहचान, Amber Alerts का जवाब देना, और भी कई कामीज काम कर सकते हैं।
निजता कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा चिंता का विषय रहे लाइसेंस प्लेट रीडर कैमरा सिस्टम की नई पीढ़ी, जिसे Flock Safety जैसी कंपनियां बाज़ार में ला रही हैं, खास तौर पे चिंता पैदा कर रही है। Motorola Solutions जैसे पारंपरिक लाइसेंस-प्लेट रीडर के उलट, ये नए सिस्टम AI-संचालित भी हैं और एक केंद्रीकृत डेटाबेस से कनेक्ट किए गए भी हैं, जिन तक स्थानीय और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां बहुत कम निगरानी के साथ एक्सेस कर सकती हैं।
पुलिस के किसी खास अपराध से जुड़े नंबर प्लेट खोजने की बजाय, ये AI-संचालित सिस्टम लाखों नंबर प्लेट देख कर कैमरे में कैद हर गाड़ी के व्यवहार का विश्लेषण कर सकते हैं। इस जानकारी से, ये \”संदिग्ध\” यात्रा पैटर्न(नई विंडो) पहचान सकते हैं, जैसे ऐसे ड्राइविंग पैटर्न जो नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं(नई विंडो)।
लोगों को नियमित तौर पे संदिग्ध के रूप में पहचाना जा रहा है और बिना पुष्टि वाले सबूतों के आधार पे उनकी गाड़ी रोकी जा रही है, जो अमेरिकी संवैधानिक कानून के विशेषज्ञों के मुताबिक चौथे संशोधन की ज़रूरी \”probable cause\” (संभावित कारण) मानकों पे खरा नहीं उतरता। ये केंद्रीकृत और दिन-ब-दिन फैलते AI-संचालित ALPR सिस्टम एक बड़े जाल-निगरानी सिस्टम के रूप में अमेरिका में सबकी निजता और आज़ादी के लिए सीधा खतरा पैदा करते हैं।
एक देशव्यापी निगरानी नेटवर्क
अकेले Flock Safety 40,000 से ज़्यादा LPR कैमरा सिस्टम लागू कर चुका है(नई विंडो) (काफी संभव है कि कई गैर-कानूनी तौर पे(नई विंडो)), और 49 राज्यों के 4,000 से ज़्यादा शहरों में 5(नई विंडो),000+ कानून प्रवर्तन एजेंसियों(नई विंडो) द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाता है।
अमेरिका में रजिस्टर्ड गाड़ियों की संख्या 30 करोड़ से कम है, लेकिन Flock हर महीने 2 अरब से ज़्यादा नंबर प्लेट स्कैन(नई विंडो) प्रोसेस करता है, जिससे स्थान ट्रैकिंग का विस्तृत रिकॉर्ड बनता है। ये स्कैन एक केंद्रीकृत डेटाबेस पे भेजे जाते हैं, जहां पूरे देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियां ड्राइवरों के नंबर प्लेट नंबर, स्थान और दिशा, और रिकॉर्डिंग के समय बिना किसी वारंट के देख सकती हैं। दिसंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच 3,900 एजेंसियों(नई विंडो) ने Flock नेटवर्क के ज़रिए करीब 12 अरब खोजें लॉग कीं।
लेकिन ये सिर्फ सीधी टारगेटेड खोजों की बात नहीं है। उन अरबों बिना टारगेट वाले नंबर प्लेट स्कैन का विश्लेषण उन्नत AI सॉफ्टवेयर करता है और उन्हें गाड़ी की दूसरी जानकारी, जैसे ब्रांड, गाड़ी और मॉडल नंबर (लेकिन फेशियल स्कैन नहीं), के साथ मिला कर यूनीक \”फिंगरप्रिंट(नई विंडो)\” बनाए जाते हैं, जो आपकी गाड़ी की यात्राओं को सटीक तौर पे ट्रैक कर सकते हैं। इसका मतलब है कि देखने का इरादा रखने वाला कोई भी शख्स आपकी रोज़मर्रा की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी आसानी से हासिल कर सकता है।
और अगर AI सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम आपकी गाड़ी से जुड़ी गतिविधि को किसी भी तरह संदिग्ध मान ले, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियां उस जानकारी का इस्तेमाल आपकी गाड़ी को रोकने और खोजने के लिए तेज़ी से कर रही हैं, अक्सर चौथे संशोधन की गैर-वाजिब खोज और ज़ब्ती पर पाबंदी को टालने के लिए झूठे सबूतों का हवाला देते हुए।
कोई निगरानी या जवाबदेही नहीं
Flock और इसी तरह की कंपनियां स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए निजी ठेकेदार के रूप में काम करती हैं, जिन पर संघीय अधिकारियों की तुलना में पारदर्शिता और कानून की ज़रूरतें कहीं ढीली होती हैं। निजी ग्राहक होने के नाते, स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों को अपराध से लड़ने के \”स्मार्ट तरीके\” के रूप में दूसरे स्थानीय प्रवर्तन ग्राहकों के साथ सहयोग के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाता है(नई विंडो)।
Flock जिस आरामदायक आकस्मिक सहयोग के माहौल को पूरी तरह बढ़ावा देता है, वही अधिकारियों के लिए स्थानीय निजता नियमों को टालना(नई विंडो) भी आसान बनाता है और उन नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही को बुरी तरह कम कर देता है।
अधिकारी इसके अलावा खोज के कारणों को जान-बूझ कर गलत तरीके से पेश कर के Flock खोजों पर लगी कानूनी पाबंदियों से नियमित तौर पे बच निकलते हैं। उदाहरण के लिए, टेक्सास के एक शेरिफ दफ्तर ने 83,000 से ज़्यादा Flock कैमरों का डेटा खोजा ताकि एक ऐसी महिला को ट्रैक किया जा सके(नई विंडो) जिस पर शक था कि उसने खुद गर्भपात किया, जो बाद में गलत निकला। इस खोज को वाजिब ठिकराने के लिए उन्होंने दावा किया कि वे \”एक लापता व्यक्ति\” की खोज कर रहे थे और यह \”उसकी सुरक्षे का मामला था\”।
स्थानीय अधिकारियों को पता है कि यह लाइसेंस प्लेट रीडर कैमरा डेटा कितना संवेदनशील हो सकता है, इसे एक हालिया अदालती मामले(नई विंडो) से खूब साफ साबित होता है, जिसमें वॉशिंगटन शहर ने Flock कैमरों की तस्वीरों तक सार्वजनिक एक्सेस रोकने के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी, लेकिन उसे हार मिली।
सबूत ये भी दिखाते हैं कि स्थानीय पुलिस FBI और ICE(नई विंडो) जैसे संघीय अधिकारियों के साथ यह जानकारी गैर-औपचारिक तौर पे शेयर करने में खुशी-खुशी हाथ बटाती है, जिससे इन एजेंसियों को अपनी कानूनी और संवैधानिक ज़िम्मेदारियों से बच निकलने का रास्ता मिल जाता है।
ALPR AI प्रोफाइलिंग के सबूत
हालांकि पूरे देश की पुलिस गाड़ियां रोकने की शुरुआत करने के लिए ऐसे AI-जनित ALPR संकेतों का इस्तेमाल करने से अस्वीकार करती है (अक्सर चौथे संशोधन की \”probable cause\” ज़रूरत को टालने के लिए झूठे सबूतों का हवाला देते हुए), फिर भी इसके रूटीन प्रक्रिया बनने के सबूत लगातार बढ़ रहे हैं:
संघीय बॉर्डर पैट्रोल के प्रेडिक्टिव प्रोग्राम ने ऐसी गाड़ियों को फ्लैग किया जिन्हें रोका गया और खोजा गया
एक AP जांच(नई विंडो) में बताया गया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के बॉर्डर पैट्रोल द्वारा चलाए जा रहे एक \”प्रेडिक्टिव इंटेलिजेंस\” प्रोग्राम की वजह से लोगों को रोका गया, खोजा गया और कुछ मामलों में गिरफ्तार किया गया।
स्थानीय पुलिस विभाग ALPR अलर्ट पाते हैं और गाड़ियां रोकते हैं
CBS News(नई विंडो) ने कई ऐसे मामले दर्ज किए जिनमें गलत पढ़े गए अक्षरों या डेटाबेस के गलत मिलान की वजह से LPR कैमरे के मिलान ने गलती से पुलिस की गाड़ी रोकने की कार्रवाई ट्रिगर कर दी, जिसके नतीजे के रूप में बेकसूर ड्राइवरों को बंदूक की नोक पे रोका गया।
Flock के ALPR लॉग इमिग्रेशन और विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी खोजें दिखाते हैं
Flock Safety के खोज लॉग के विश्लेषणों में इमिग्रेशन प्रवर्तन(नई विंडो) और विरोध प्रदर्शनों और एक्टिविस्ट गतिविधि(नई विंडो) से जुड़ी दर्जनों खोजें दिखती हैं।
जांचकर्ता ऑटोमेटेड जानकारी हासिल करने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं
एक अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) की रिपोर्ट(नई विंडो) बताती है कि कानून प्रवर्तन निगरानी में AI का इस्तेमाल कैसे होता है और ऑटोमेटेड सिस्टमों में भेदभाव से सावधान रहने की चेतावनी देती है। रिपोर्ट खास तौर पे ALPR का ज़िक्र जांचों में इस्तेमाल होने वाली ऑटोमेटेड जानकारी हासिल करने के तेज़ी से आम तरीके के रूप में करती है।
निजता के लिए एक नई चेतावनी
तमाम नई तकनीकों की तरह AI भी दो-धारी तलवार है। इंसानियत की सबसे उलझी हुई समस्याओं में से कई को सुलझाने की इसकी क्षमता बहुत बड़ी है, लेकिन नुकसान पहुंचाने की क्षमता भी उतनी ही। अपने प्रभावशाली उपन्यास 1984 में उस टेलीस्क्रीन का ज़िक्र करते हुए, जिसने बिग ब्रदर को हर घर के सबसे निजी कोनों तक एक्सेस दिया था, जॉर्ज ऑरवेल ने लिखा:
\”थॉट पुलिस किसी व्यक्ति की वायर में कितनी बार या किस सिस्टम पे जुड़ती थी, यह अंदाज़े की बात थी। यहां तक कि यह भी मुमकिन था कि वो हर वक्त सबको देख रहे हों। लेकिन किसी भी सूरत में वो जब चाहें आपकी वायर से जुड़ सकते थे। आपको इस धारणा में जीना पड़ता था, और आदत बन कर फितरत बन चुकी थी, कि आपकी बनाई हर आवाज़ सुनी जा रही थी और, अंधेरे को छोड़, हर हरकत की सख्त निगरानी हो रही थी\”।
AI और हर जगह मौजूद हमेशा-चालू निगरानी सिस्टमों, जो हमारी हर हरकत को ट्रैक कर सकते हैं, का संयोजन ऑरवेल की सबसे डिस्टोपियन कल्पनाओं से भी कहीं आगे निकल चुका है। यह ताज़ा खबर कि Flock, Ring के साथ पार्टनरशिप कर रहा है(नई विंडो), दुनिया की सबसे लोकप्रिय स्मार्ट डोरबेल बनाने वाली कंपनी, दिखाती है कि ट्रैकिंग का यह रूप अब कितना व्यापक और घुसपैठिया है।
Proton की नींव 2013 में Edward Snowden के उन खुलासों के जवाब में रखी गई थी, जिनमें बताया गया था कि अमेरिका और उसके 5-Eyes साझेदारों(नई विंडो) का जासूसी जाल, जो अमेरिकी नागरिकों समेत लगभग हर किसी पर नज़र रखता था, किस हद तक फैला है। लेकिन मास निगरानी के लिए सार्वजनिक सहमति पर खुली बहस की चेतावनी बनने की बजाय, दुनिया भर की सरकारों (अमेरिका की सरकार समेत) ने तब से इस प्रथा को और बढ़ाया है।
Flock जैसे घुसपैठिया AI-आधारित ALPR सिस्टमों का निजी मालिकाना होना सरकारी एजेंसियों के लिए उनके दुरुपयोग में कोई रुकावट नहीं है। इसके उलट, यह दूरी वाला रिश्ता उन्हें ऐसी कानूनी और संवैधानिक सुरक्षा को टालने में सक्षम करता है जो खास तौर पे आम नागरिकों को सरकारी अति-दखल से बचाने के लिए बनाई गई थी।






