Amazon के पास आपके बारे में बहुत कुछ जानने के संसाधन हैं: आप क्या खरीदते हैं, क्या देखते हैं, क्या पढ़ते हैं, आप घर पे कब होते हैं, अपने वॉयस असिस्टेंट से क्या पूछते हैं, क्या खाते हैं, और कौन सी वेबसाइटें व ऐप इस्तेमाल करते हैं।
Amazon के इकोसिस्टम का विशाल दायरा ही इसे बाकी कंपनियों से अलग करता है। ऑनलाइन शॉपिंग, स्ट्रीमिंग सेवा और डिवाइस, ई-रीडर, होम सिक्योरिटी कैमरे, स्मार्ट स्पीकर, ग्रॉसरी सर्विसेज़, और मनोरंजन, रिटेल व गेमिंग से जुड़े दूसरे कारोबारों के ज़रिए ये रोज़मर्रा की ज़िंदगी में घुल-मिल चुका है।
अलग-अलग तौर पे इनमें से हर प्रोडक्ट और सर्विस डाटा इकट्ठा करती है ताकि जिस चीज़ के लिए आपने साइनअप किया है, वो आपको दे सकें। लेकिन साथ मिलकर ये आपकी रोज़मर्रा की आदतों की किसी एकदम बारीक तस्वीर को आकार दे देते हैं।
और जितना ज़्यादा आप Amazon इस्तेमाल करते हैं, वो उतनी आसानी से आपके बारे में और भी ज़्यादा जानकारी इकट्ठा कर पाता है।
अच्छी खबर ये है कि Amazon को अपने बारे में कम जानने देने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। कई मामलों में कुछ निजता सेटिंग बदलने से इकट्ठा होने वाले डाटा की मात्रा सीमित हो सकती है। कुछ मामलों में दूसरी सर्विसेज़ या डिवाइस चुनने से आपको इस बात पे ज़्यादा कंट्रोल मिलता है कि आपकी जानकारी कहां स्टोर की जाती है और उसका एक्सेस किसके पास है।
इस गाइड में हम आपको Amazon के इकोसिस्टम से रूबरू कराएंगे और समझाएंगे कि हर सर्विस कौन सा डाटा इकट्ठा करती है, ये क्यों मायने रखता है, और आप कौन से प्रैक्टिकल कदम उठा सकते हैं ताकि आपकी पर्सनल जानकारी का ज़्यादा हिस्सा आपके पास ही रहे।
- Amazon आपकी शॉपिंग आदतों को कैसे ट्रैक करता है
- Ring कैमरे आपका डाटा कैसे इकट्ठा और शेयर करते हैं
- Fire TV और Kindle ये कैसे ट्रैक करते हैं कि आप क्या देखते और पढ़ते हैं
- Alexa आपका वॉयस डाटा कैसे इकट्ठा और इस्तेमाल करती है
- Amazon की वो कंपनियां जिनके बारे में शायद आपको पता नहीं कि वो आपका डाटा इकट्ठा कर रही हैं
- Amazon Web Services (AWS) क्या है, और ये क्यों मायने रखता है?
- सुविधा छोड़े बिना Amazon की ट्रैकिंग कैसे कम करें
Amazon आपकी शॉपिंग आदतों को कैसे ट्रैक करता है
हर साल 15 करोड़ से ज़्यादा अमेरिकी Amazon पे शॉपिंग करते हैं। ये कंपनी लगभग 40% अमेरिकी रिटेल ई-कॉमर्स बिक्री(नई विंडो) के बराबर है, जिससे कंपनी को लाखों शॉपर्स की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का बारीक नज़रिया मिल जाता है।
बेबी प्रोडक्ट्स के ऑर्डर बढ़ते परिवार का संकेत हो सकते हैं। फिटनेस उपकरण और सप्लीमेंट्स हेल्थ गोल्स की तरफ इशारा कर सकते हैं। गार्डनिंग टूल्स, पेट सप्लाई, किचन एप्लायंसेज़, किताबें और इलेक्ट्रॉनिक्स सब मिलकर आपकी दिलचस्पियों और लाइफस्टाइल की प्रोफ़ाइल बनाते हैं।
Amazon Prime एक कदम आगे जाता है। Prime ग्राहकों को अपनी शॉपिंग, स्ट्रीमिंग, पढ़ने और म्यूज़िक की सदस्यताओं को एक ही खाते में केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे Amazon को ये जानने की और जानकारी मिलती है कि आप अपना समय कैसे बिताते हैं। Prime Video पे मूवीज़ देखना, Amazon Music सुनना, या Kindle पे किताबें पढ़ना आपकी ग्राहक प्रोफ़ाइल की तस्वीर बनाता है और ये भी बता सकता है कि आप घर कितना समय रहते हैं या कितनी रेगुलर शॉपिंग करते हैं।
ईमानदारी से कहें तो डाटा इकट्ठा करना ई-कॉमर्स रिटेलर्स में आम बात है। हर ऑनलाइन रिटेलर अपने ग्राहकों के बारे में कुछ जानकारी इकट्ठा करता है। कोई ऑर्डर प्रोसेस करने के लिए कंपनी को आपका नाम, शिपिंग पता, पेमेंट की जानकारी और संपर्क जानकारी चाहिए हो सकती है। वो आपका IP एड्रेस, ब्राउज़र का टाइप, डिवाइस आइडेंटिफ़ायर और वो प्रोडक्ट भी रिकॉर्ड कर सकती है जिन्हें आपने देखा या खरीदा है।
लेकिन निजता के कार्यकर्ताओं ने Amazon के ग्राहक जानकारी हैंडल करने के तरीके को लेकर चिंता जताई है। W(नई विंडो)IRED की एक रिपोर्ट में बताया गया कि Amazon के कुछ कर्मचारियों ने ग्राहकों के ऑर्डर हिस्ट्री का गलत तरीके से एक्सेस लिया था। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि कर्मचारियों का अपने जान-पहचान वालों की खरीदारी देख लेना कोई अनोखी बात नहीं थी।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें
डाटा इकट्ठा होना सीमित करने के लिए Amazon इस्तेमाल करना बंद करने की ज़रूरत नहीं है। अपनी Amazon निजता सेटिंग देखें। (निर्देश नीचे दिए गए हैं।) अगर नहीं चाहते कि आपने जो प्रोडक्ट देखे हैं वो सिफ़ारिशों पे असर डालें, तो ब्राउज़िंग हिस्ट्री अक्षम करें, और जहां उपलब्ध हो वहां रुचि आधारित विज्ञापन से ऑप्ट आउट करें।
- तीसरें-पार्टी वेबसाइटों पे साइनइन करने के लिए “Login with Amazon” इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे Amazon आपकी उस गतिविधि का हिस्सा बन जाता है जो इसके अपने प्लैटफॉर्म के बाहर होती है।

- सोचें कि क्या हर खरीदारी का Amazon से गुज़रना ज़रूरी है। सीधे मैन्युफैक्चरर्स से खरीदना, इंडिपेंडेंट रिटेलर्स का सहारा लेना, या किताबें, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर के सामान के लिए स्पेशलाइज़्ड स्टोर इस्तेमाल करना, आपके डिजिटल फुटप्रिंट को एक ही इकोसिस्टम में केंद्रित करने की बजाय बिखेरने में मदद करता है। चाहे कोई भी रिटेलर पूरी तरह गुमनाम नहीं होता, किसी एक प्लैटफॉर्म पे निर्भरता घटाने से किसी एक कंपनी के लिए आपकी प्रोफ़ाइल बनाना मुश्किल हो जाता है।
एक्सेस हटाने के लिए, अपने खाते में जाएं और उस तीसरें-पार्टी ऐप या साइट के बगल में, जिसे आप अब अपने खाते से कनेक्ट नहीं रखना चाहते, हटाएं पे क्लिक करें।

अपने ब्राउज़िंग हिस्ट्री पेज पे, ऊपर दाएं कोने में सेटिंग आइकॉन पे क्लिक करें ताकि और विकल्प खुलें।

और सेटिंग चुनने पे निजता से जुड़े अतिरिक्त कंट्रोल खुल जाते हैं।

यहां से ब्राउज़िंग हिस्ट्री टॉगल पे क्लिक करके उसे बंद कर दें।

इसके बाद, विज्ञापन निजता और पसंद में “मुझे Amazon के रुचि आधारित विज्ञापन न दिखाएं” चुनें और सबमिट करें पे क्लिक करें।

विज्ञापन डाटा मिटा दें पे क्लिक करने से आपकी पर्सनल जानकारी Amazon के विज्ञापन सिस्टम से हटा दी जाती है।

Ring कैमरे आपका डाटा कैसे इकट्ठा और शेयर करते हैं
वीडियो डोरबेल मार्केट के सबसे लोकप्रिय स्मार्ट होम डिवाइस में से एक बन चुके हैं, और इस बढ़त में Amazon के Ring की बड़ी भूमिका रही है। ये देख पाना कि दरवाज़े पे कौन है, घर से दूर होते वक्त मूवमेंट अलर्ट पाना, और रिकॉर्ड किया गया फुटेज देख पाना काफी काम का और सुविधाजनक हो सकता है।
लेकिन ये खासियतें ऐसे कैमरों पे निर्भर करती हैं जो आपके घर के आस-पास के इलाके की लगातार निगरानी करते हैं और कई मामलों में फुटेज को क्लाउड पे अपलोड करते हैं।
Ring ने अपनी AI-आधारित खासियतें(नई विंडो) बढ़ाई हैं। चेहरे की पहचान जैसे नए टूल और गुम हुए पालतू जानवरों को ढूंढने(नई विंडो) में मदद करने वाली खासियतें मोहल्ले की सुरक्षा को ज़्यादा सहयोगी बनाना चाहती हैं। हालांकि, ये सिस्टम पारंपरिक सिक्योरिटी कैमरों की तुलना में ज़्यादा विज़ुअल डाटा का विश्लेषण और शेयर करके काम करते हैं। इनमें से कुछ खासियतें डिफॉल्ट रूप से सक्षम होती हैं, यानी उपयोगकर्ता ये पूरी तरह समझे बिना कि कौन सी जानकारी इकट्ठी हो रही है और उसका इस्तेमाल कैसे होता है, इनमें हिस्सा ले सकते हैं।
Ring को अपनी सुरक्षा को लेकर भी आलोचना का सामना करना पड़ा है। 2019 में हमलावरों ने असंबंधित डाटा लीक से मिले चुराए गए प्रमाण इस्तेमाल करके हज़ारों Ring खातों का एक्सेस ले लिया और कैमरों की लाइव फीड देख पाए और डिवाइस के इनबिल्ट माइक्रोफ़ोन(नई विंडो) के ज़रिए बात कर(नई विंडो) पाए। इस घटना ने यूनीक पासवर्ड इस्तेमाल करने और दो-फैक्टर सत्यापन सक्षम करने की अहमियत उजागर की।
वारंट के बिना फुटेज पुलिस के साथ शेयर करने के लिए Ring की भी आलोचना हो चुकी है। कंपनी कहती है कि वो कानूनी अनुरोधों और इमरजेंसी की स्थितियों का पालन करती है, लेकिन रिपोर्ट्स ने दिखाया है कि वीडियो फुटेज बिना वारंट या उपयोगकर्ता की साफ अनुमति के पुलिस को दिया गया(नई विंडो) है। निजता के प्रति सचेत उपयोगकर्ताओं के लिए ये एक अहम सवाल खड़ा करता है कि आखिरकार क्लाउड पे स्टोर किए गए रिकॉर्डिंग पे काबू किसके पास है।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें
अगर आपके पास Ring डिवाइस है, तो Search Party और Community Requests जैसी खासियतें, और कोई भी वैकल्पिक मार्केटिंग या एनालिटिक्स शेयरिंग अक्षम कर दें, अगर आप उन्हें इस्तेमाल करने का इरादा नहीं रखते। जहां सहायता उपलब्ध हो वहां शुरु-से-अंत तक एन्क्रिप्शन सक्षम करें ताकि भेजे जाते वक्त रिकॉर्डिंग को बेहतर सुरक्षा मिले, और निजता ज़ोन सेट करें ताकि आपका कैमरा जहां तक हो सके पब्लिक रास्तों या पड़ोस की प्रॉपर्टी को कैप्चर करने से बचे। (निर्देश नीचे देखें।)
अगर आप नया सिक्योरिटी कैमरा खरीद रहे हैं, तो ऐसे डिवाइस देखें जो क्लाउड स्टोरेज की बजाय लोकल स्टोरेज को तरजीह देते हैं। जो कैमरे SD कार्ड या नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) पे सीधे रिकॉर्डिंग की सहायता करते हैं, वो मैन्युफैक्चरर के सर्वर पे आपकी निर्भरता घटा देते हैं। Reolink(नई विंडो) जैसे ब्रांड इसी लोकल-फर्स्ट तरीके पे बने कैमरे पेश करते हैं।
Real-Time Streaming Protocol (RTSP) और Open Network Video Interface Forum (ONVIF) जैसे स्टैंडर्ड के लिए सहायता होने से कैमरों को अपने होम नेटवर्क में जोड़ना भी आसान हो जाता है, बिना सिर्फ किसी कंपनी के अपने क्लाउड सर्विसेज़ पे निर्भर रहने के।
आखिरकार, इंटरनेट से कनेक्ट कोई भी कैमरा पूरी निजता की गारंटी नहीं दे सकता। लेकिन ये समझकर कि आपका फुटेज कहां स्टोर किया जाता है, उसका एक्सेस कौन कर सकता है, और आपने कौन सी खासियतें सक्षम की हैं, आप सुविधा और कंट्रोल के बीच के समझौतों को लेकर ज़्यादा सूझ-बूझ वाले फैसले ले सकते हैं।
Ring ऐप में कंट्रोल सेंटर खोलें और Amazon खाता लिंकिंग पे टैप करें।

दूसरी Amazon सर्विसेज़ के बगल में अनलिंक पे क्लिक करें।

अपने Ring खाते का पासवर्ड दर्ज करें और पुष्टि के लिए खातों को अनलिंक करें पे टैप करें।

एनालिटिक्स शेयरिंग सीमित करने के लिए, Ring ऐप के मेन्यू में निजता जानकारी पे जाएं और कुकी और तीसरें-पार्टी सेवा प्रदाता पे टैप करें।

तीसरें-पार्टी वेब और ऐप एनालिटिक्स कुकी को बंद करने से आप तीसरें-पार्टी एनालिटिक्स ट्रैकिंग से बाहर निकल जाते हैं।

Fire TV और Kindle आपकी देखी और पढ़ी चीज़ों को कैसे ट्रैक करते हैं
जब आप Kindle पे पढ़ते हैं या Fire TV(नई विंडो) के ज़रिए स्ट्रीम करते हैं, तब Amazon भी आपके बारे में जानकारी इकट्ठा करता है।
उदाहरण के लिए, Kindle डिवाइस आपके खरीदे हुए किताबों से भी ज़्यादा रिकॉर्ड करते हैं। आपकी सेटिंग और डिवाइस के इस्तेमाल के तरीके के हिसाब से, Amazon आपकी पढ़ाई की प्रगति, पढ़ने में बिताया गया समय, हाइलाइट किए गए अंश, बनाए गए नोट्स और इनबिल्ट डिक्शनरी में खोजे गए शब्द भी इकट्ठा कर सकता है।
Fire TV को पता होता है कि आप डिवाइस का इस्तेमाल कैसे करते हैं, कौन से ऐप खोलते हैं, क्या कंटेंट देखते हैं और क्या खोजते हैं। ये Automatic Content Recognition (ACR) भी सपोर्ट करता है। ये एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो आपकी देखने की आदतों के सैकड़ों स्क्रीनशॉट लेकर पहचानती है कि आपकी स्क्रीन पे क्या दिखाया जा रहा है, ताकि टार्गेटेड विज्ञापन दिए जा सकें।
चुनौती ये है कि अगर आप अपना स्ट्रीमिंग डिवाइस बदल भी लें, तो भी आपका टीवी इंटरनेट से कनेक्ट होने पे खुद इसी तरह की जानकारी इकट्ठा कर सकता है।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें
अगर निजता आपके लिए प्राथमिकता है, तो शुरुआत अपनी Fire TV की निजता सेटिंग देखने और किसी भी वैकल्पिक डाटा कलेक्शन या रुचि-आधारित विज्ञापन को अक्षम करने से करें। अपना टीवी ऑफलाइन रखकर और इसकी जगह एक अलग स्ट्रीमिंग डिवाइस इस्तेमाल करके भी आप डाटा कलेक्शन कम कर सकते हैं। ट्रैकिंग कम करना चाहें तो Apple TV(नई विंडो) अपने कई प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले कम देखने का डाटा इकट्ठा करता है। इसी तरह, Calibre के साथ जोड़े गए Kobo ई-रीडर एक ऐसा तरीका देते हैं जिससे आप Amazon के इकोसिस्टम पर पूरी तरह निर्भर रहे बिना अपनी डिजिटल लाइब्रेरी बना सकते हैं।
कोई भी कनेक्टेड एंटरटेनमेंट डिवाइस पूरी तरह निजी नहीं होता। हालांकि, ये समझना कि कौन सा डिवाइस आपका डाटा इकट्ठा कर रहा है, शेयर होने वाली जानकारी को काफी कम कर सकता है और साथ ही आप अपनी पसंदीदा किताबें, फिल्में और टीवी शो एन्जॉय करते रह सकते हैं।

Alexa आपका वॉयस डाटा कैसे इकट्ठा और इस्तेमाल करती है
Amazon Echo जैसे स्मार्ट स्पीकर और उनमें बने Amazon Alexa जैसे वर्चुअल असिस्टेंट बिना हाथ उठाए लाइट कंट्रोल करने, म्यूज़िक चलाने, रिमाइंडर सेट करने और सवालों के जवाब देने का आसान ज़रिया बन गए हैं। लेकिन ये ऐसा काम करके चलते हैं जो कई दूसरे डिवाइस नहीं करते: ये आपकी आवाज़ सुनते हैं। Echo डिवाइस सिर्फ़ वेक वर्ड सुनने के बाद चालू होने के लिए बनाए गए हैं, फिर भी ये निजता को लेकर चिंताओं का विषय बन गए हैं।
2018 में एक उल्लेखनीय घटना हुई, जब एक Echo ने एक जोड़े के बीच की निजी बातचीत गलती से उनमें से एक के कॉन्टैक्ट को भेज दी(नई विंडो)। Amazon ने कहा कि गलत समझे गए वॉयस कमांड का एक असंभावित क्रम इसकी वजह था, लेकिन इसने ये याद दिला दिया कि वॉयस असिस्टेंट गलती से मुक्त नहीं होते।
वॉयस रिकॉर्डिंग को हैंडल करने के तरीके को लेकर Amazon पे कड़ी नज़र भी पड़ी, जब रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ कि स्पीच रिकग्निशन सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद के लिए कर्मचारियों ने Alexa इंटरैक्शन के एक सैंपल की समीक्षा की थी। अलग से, अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन ने Amazon पे ये आरोप लगाने पे जुर्माना लगाया कि उसने अभिभावकों के मिटा देने के अनुरोध के बाद भी बच्चों की Alexa वॉयस रिकॉर्डिंग अपने पास रखी। इन घटनाओं ने बड़े सवाल खड़े किए कि वॉयस रिकॉर्डिंग कितने समय तक स्टोर किया जाता है, उन्हें कौन एक्सेस कर सकता है और उनका इस्तेमाल कैसे होता है।
जैसे-जैसे जनरेटिव AI टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए ज़्यादा महत्वपूर्ण होता जा रहा है, वॉयस डाटा की वैल्यू भी बढ़ी है। Amazon ने AI से चलने वाली Alexa की कई नई खासियतें घोषित की हैं जो क्लाउड प्रोसेसिंग पे निर्भर करती हैं, यानी वॉयस रिक्वेस्ट पूरी तरह डिवाइस पे नहीं, बल्कि Amazon के सर्वर पे एनालाइज़ की जाती हैं। निजता को लेकर चिंतित उपयोगकर्ताओं के लिए, ये आसानी के बदले एक और समझौता है।
खुद को कैसे सुरक्षित रखें
Amazon कई कंट्रोल देता है जिनकी मदद से आप अपने खाते से लिंक की गई जानकारी की मात्रा कम कर सकते हैं। आप अपनी वॉयस हिस्ट्री देख और मिटा सकते हैं, चुन सकते हैं कि रिकॉर्डिंग कितने समय तक रखी जाएं, और जहां ये विकल्प उपलब्ध हों, वहां नई Amazon सेवाओं को विकसित करने में मदद के लिए वॉयस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल होने से बाहर निकल सकते हैं।
अगर आप वॉयस कमांड बिल्कुल भी क्लाउड को नहीं भेजना चाहते, तो ऐसे स्मार्ट होम प्लेटफॉर्म पर गौर करना फायदेमंद हो सकता है जो लोकल वॉयस प्रोसेसिंग सपोर्ट करते हैं। Home Assistant Green(नई विंडो) जैसे ओपन-सोर्स समाधान कमांड को लोकल हार्डवेयर पे प्रोसेस कर सकते हैं। हालांकि इन सिस्टम में प्लग-एंड-प्ले स्मार्ट स्पीकर के मुकाबले ज़्यादा टेक्निकल सेटअप की ज़रूरत पड़ती है, लेकिन ये पारदर्शिता और कंट्रोल का वो स्तर देते हैं जो कई कमर्शियल डिवाइस नहीं देते।
आखिरकार, वॉयस असिस्टेंट की आसानी भरोसे पे टिकी है। अगर आप स्मार्ट खासियतों के बदले वॉयस कमांड क्लाउड सर्विस को भेजने से खुश हैं, तो Alexa उपलब्ध सबसे सक्षम असिस्टेंट में से एक है। लेकिन अगर आप अपने घर से निकलने वाले पर्सनल डाटा को छोटा करना चाहते हैं, तो Alexa की निजता सेटिंग देखना या कोई लोकल प्रोसेसिंग वाला विकल्प चुनना आपको इस बात पे ज़्यादा कंट्रोल दिलाने में मदद कर सकता है कि आपका स्मार्ट स्पीकर क्या सुनता है।
Alexa ऐप में, और पे जाएं और Alexa निजता पे टैप करें।

वॉयस हिस्ट्री देखें से आप अपनी वॉयस रिकॉर्डिंग मिटा सकते हैं, जबकि स्मार्ट होम डिवाइस हिस्ट्री देखें आपकी कनेक्टेड डिवाइस की गतिविधि दिखाता है।

आगे स्क्रोल करने पे आपको गतिविधि हिस्ट्री देखें, स्किल अनुमतियां और विज्ञापन पसंद संभालें, और अपना Alexa डाटा संभालें मिलेगा। यहां आपको Alexa क्या इकट्ठा और शेयर करता है, उसे सीमित करने के और तरीके मिलेंगे।

Amazon की ऐसी कंपनियां जिनके बारे में आपको नहीं पता होगा कि वो आपका डाटा इकट्ठा कर रही हैं
अगर आप Amazon पे शॉपिंग करना बंद भी कर दें, तो भी हो सकता है कि आपको पता चले बिना आप Amazon की सेवाएं इस्तेमाल कर रहे हों। कंपनी ने ऐसे कई कारोबार खरीदे हैं जो मनोरंजन, किताबों, गेमिंग, किराना और रिटेल तक फैले हैं। हालांकि हर सेवा का अपना मकसद है, लेकिन कई सेवाएं ऐसी जानकारी भी इकट्ठा करती हैं जो आपकी पूरी Amazon प्रोफ़ाइल का हिस्सा बनती है।
फिल्म प्रेमी IMDb पे जाते होंगे, किताबों के शौकीन अपनी पढ़ने की लिस्ट Goodreads पे ट्रैक करते होंगे, ऑडियोबुक सुनने वाले Audible पे सब्सक्राइब करते होंगे, गेमर्स Twitch से परिचित होने की संभावना है, और खरीदार Whole Foods या Zappos पे नियमित रूप से जाते होंगे। ऊपर से देखने पे ये ब्रांड अलग-अलग चलते हैं, लेकिन परदे के पीछे ये सब Amazon के इकोसिस्टम में ही हैं।
Whole Foods शायद भौतिक दुनिया में Amazon के फैलाव का सबसे साफ़ उदाहरण है। Amazon Prime की छूट को शामिल करने के अलावा, कंपनी ने ऐसी टेक्नोलॉजी के साथ भी प्रयोग किए जो स्टोर में हुई खरीदारी को ग्राहकों की ऑनलाइन पहचान से कनेक्ट करने के लिए बनाई गई थीं। एक उदाहरण था Amazon One, एक हथेली स्कैन करने वाला पेमेंट सिस्टम(नई विंडो) जिससे खरीदार कार्ड या फोन की जगह अपना हाथ स्कैन करके पेमेंट कर सकते थे। हालांकि Amazon ने इस टेक्नोलॉजी को Whole Foods स्टोर से काफी हद तक हटा दिया है, लेकिन इसने दिखाया कि कंपनी भौतिक शॉपिंग को डिजिटल ग्राहक प्रोफ़ाइल से लिंक करने की कितनी चाह रखती है।
Amazon तक पहुंचने वाले अपने डाटा को कैसे कम करें
एक रात में हर सेवा बदलना व्यावहारिक या ज़रूरी नहीं है। इसके बजाय, जिन सेवाओं का इस्तेमाल आप सबसे ज़्यादा करते हैं, उन्हें बदलने पे गौर करें। किताबों को ट्रैक करने के लिए StoryGraph(नई विंडो) Goodreads का एक विकल्प देती है, TMDB(नई विंडो) Amazon पर निर्भर रहे बिना मूवी और टीवी की जानकारी देती है, और ऑडियोबुक सुनने वाले Libro.fm(नई विंडो) जैसी सेवाएं आज़मा सकते हैं या लोकल लाइब्रेरी की मेंबरशिप से Libby के ज़रिए किताबें ले सकते हैं।
किराना और रोज़मर्रा की खरीदारी की बात आए, तो स्थानीय कारोबारों का समर्थन करना एक ही रिटेलर पे आपकी निर्भरता कम कर सकता है। Amazon का इकोसिस्टम कितना व्यापक हो चुका है, ये समझना आपको ऐसे छोटे बदलाव करने में मदद कर सकता है जो एक ही खाते से जुड़ी आपकी डिजिटल ज़िंदगी को काफी कम कर दें।

Amazon Web Services (AWS) क्या है, और ये क्यों मायने रखता है?
ये जानकर आपको हैरानी हो सकती है कि Amazon का सबसे मुनाफ़े वाला कारोबार उसका मार्केटप्लेस या Prime नहीं है। वो है Amazon Web Services (AWS), दुनिया के सबसे बड़े क्लाउड-कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म में से एक।
कई कारोबार AWS का इस्तेमाल वेबसाइट होस्ट करने, डाटा स्टोर करने, एप्लीकेशन चलाने, ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करने और दुनिया भर के लाखों उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन सेवाएं देने के लिए करते हैं।
ये बात 2025 के आखिर में AWS की बड़ी आउटेज(नई विंडो) के दौरान साफ़ दिखी, जिनसे कारोबार, सरकारी एजेंसियां, हेल्थकेयर प्रदाता और मशहूर ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुईं। इतने बड़े क्लाउड प्रोवाइडर को जब परेशानी होती है, तो उसका असर पूरे इंटरनेट पे फैलता है और उपयोगकर्ता बैंकिंग ऐप, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और दूसरी साइटों को एक्सेस नहीं कर पाते।
दिलचस्प बात ये है कि Amazon के रिटेल कारोबार के उलट, AWS डाटा इकट्ठा नहीं करता। बल्कि उसका असर उसकी ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर होने की वजह से आता है। अगर कोई वेबसाइट या सेवा AWS पे होस्ट है, तो Amazon वो कंप्यूटिंग पावर देता है जो उसे ऑनलाइन रखती है। इंटरनेट का बड़ा हिस्सा इसी इंफ्रास्ट्रक्चर पे निर्भर है।
ये स्थिति AWS को उन सेवाओं पे काफी असर देती है जो वो होस्ट करता है। सालों दर सालों, AWS ने अपने प्लेटफॉर्म से ऐसे ग्राहकों को कुछ समय के लिए रोका या हटाया है जिन्होंने सेवा की शर्तों का उल्लंघन किया पाया गया। जहां समर्थक कहते हैं कि इन फैसलों से उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा होती है और प्लेटफॉर्म की ईमानदारी बनी रहती है, वहीं आलोचक बताते हैं कि जब इंटरनेट का बड़ा हिस्सा मुट्ठी भर क्लाउड प्रोवाइडर होस्ट करते हैं, तो इन फैसलों के बहुत दूर तक असर हो सकते हैं।
लेकिन आम उपयोगकर्ताओं के लिए AWS से पूरी तरह बचने का कोई व्यावहारिक तरीका नहीं है। आप ना आसानी से बता सकते हैं कि आपके इस्तेमाल की वेबसाइटें, ऐप या ऑनलाइन सेवाएं Amazon के इंफ्रास्ट्रक्चर पे होस्ट हैं या नहीं, ना ही चुन सकते कि वो कंपनियां किस क्लाउड प्रोवाइडर पे निर्भर हैं।
आप जो कंट्रोल कर सकते हैं, वो है खुद के इस्तेमाल किया गया इंफ्रास्ट्रक्चर। निजता का ध्यान रखने वाले उपयोगकर्ता बड़े क्लाउड प्रोवाइडर पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अपने हार्डवेयर का इस्तेमाल करके क्लाउड स्टोरेज या मीडिया लाइब्रेरी जैसी सेवाएं खुद होस्ट करना पसंद कर सकते हैं। Nextcloud जैसे प्लेटफॉर्म इसे पहले से ज़्यादा आसान बना रहे हैं।
सेल्फ-होस्टिंग सबके लिए नहीं है। इसमें समय, रखरखाव और सीखने की इच्छा चाहिए। लेकिन जो लोग निजता और डिजिटल आज़ादी को अहमियत देते हैं, उनके लिए ये बड़े क्लाउड प्रोवाइडर का एक विकल्प है। कुछ पर्सनल सेवाओं को भी क्लाउड से बाहर ले जाने से बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को सौंपे गए डाटा की मात्रा कम हो सकती है।
आसानी छोड़े बिना Amazon की ट्रैकिंग कैसे कम करें
Amazon के प्रोडक्ट और सेवाएं आपस में मिलकर काम करने के लिए बनाई गई हैं। Amazon.com पे की गई खरीदारी आपके Kindle पे एक सुझाव बन सकती है। Ring कैमरा Alexa के साथ इंटीग्रेट हो सकता है। Prime शॉपिंग, मनोरंजन और किराना को एक ही खाते में कनेक्ट करता है। परदे के पीछे, AWS खुद इंटरनेट के बड़े हिस्से को चलाता है। अकेले-अकेले ये सेवाएं सचमुच काम की हैं। लेकिन साथ मिलकर ये Amazon को आपकी डिजिटल ज़िंदगी की असाधारण रूप से बड़ी तस्वीर दे देती हैं।
बहुत से लोगों के लिए Amazon के घेरे से बाहर निकलना इतना आसान नहीं है। लेकिन निजता कोई सब-या-कुछ-नहीं वाला फैसला नहीं है। आपका हर कदम Amazon के पास मौजूद आपके बारे में जानकारी कम करने में मदद कर सकता है।
सबसे ज़रूरी है सोच-समझकर फैसले लेना। आसानी अक्सर ज़्यादा पर्सनल डाटा शेयर करने की कीमत पे मिलती है, लेकिन इन समझौतों को समझना कंट्रोल आपके हाथ में वापस दे देता है।





