कई लोग पर्सनलाइज़्ड विज्ञापनों को खतरा नहीं मानते। ज़रूर, ये थोड़े अजीब होते हैं, लेकिन ये सिर्फ विज्ञापन हैं — या तो आपकी दिलचस्पी होती है या आप उन्हें इग्नोर कर देते हैं।
लेकिन टारगेटेड विज्ञापन ने हाल में खतरनाक मोड़ ले लिया है, और जनता को इसकी ज़्यादा जानकारी नहीं थी। Reuters द्वारा हासिल किए गए(नई विंडो) Meta के लीक हुए दस्तावेज़ों ने दिखाया कि Facebook सिस्टमैटिक तौर पे स्कैम और प्रतिबंधित या अवैध प्रोडक्ट्स के विज्ञापन प्रकाशित कर रहा है। और ये सिर्फ कुछ मामले भी नहीं हैं। Meta का अनुमान है कि उसकी सोशल मीडिया साइटें उपयोगकर्ताओं को हर दिन 15 अरब स्कैम विज्ञापन दिखा रही हैं।
कंपनी इन्हें रोकने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं कर रही। इसके उल्टा, Meta इन्हें चलाकर अरबों कमा रहा है। स्कैम विज्ञापन इसकी कुल सालाना आमदनी का करीब 10% हिस्सा हैं, यानी $16 अरब जितना।
Meta पे स्कैम के बारे में हमें क्या पता है
Meta अपने उपयोगकर्ताओं की विस्तृत प्रोफाइल बनाता है ताकि उन्हें पर्सनलाइज़्ड विज्ञापनों से टारगेट किया जा सके। फिर वो ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल करके विज्ञापनदाताओं को अपने प्लैटफॉर्म पे सही ऑडियंस खोजने में मदद करता है। लेकिन लगता है कि कंपनी लोगों को धोखे से बचाने के लिए विज्ञापनदाताओं की जांच-पड़ताल में काफी नहीं कर रही। इनमें घोटालेबाज़ ई-कॉमर्स और निवेश योजनाओं, संदिग्ध क्रिप्टो निवेश, अवैध ऑनलाइन कैसीनो और प्रतिबंधित मेडिकल प्रोडक्ट्स के विज्ञापन शामिल हैं।
आंतरिक प्रेज़ेंटेशन, रिपोर्ट, समीक्षाओं और मेमो का एक दस्तावेज़-समूह, जिसकी समीक्षा Reuters ने की, दिखाएं कि Meta स्कैम विज्ञापनों से मुनाफा कमा रहा है। जांच में ये पाया गया:
- Meta का अनुमान है कि हर दिन उपयोगकर्ताओं को 15 अरब “उच्च जोखिम” वाले स्कैम विज्ञापन दिखाए जाते हैं, जिन्हें संभावित धोखाधड़ी के तौर पे फ्लैग किया गया है। विज्ञापन रिपोर्टिंग सिस्टम इन विज्ञापनों को फिल्टर नहीं करता। बल्कि वो इन्हें ज़्यादा पैसे लेकर हतोत्साहित करने की कोशिश करता है, जिसकी वजह से बुरे लोगों से असाधारण कमाई होती है।
- Meta जिन लोगों ने पहले स्कैम विज्ञापनों पे क्लिक किया है, उन्हें और स्कैम विज्ञापनों से टारगेट करता है। लोगों की “रुचियों” पे आधारित विज्ञापन सिस्टम के घातक चक्रों में ये एक है।
- Meta हर साल स्कैम विज्ञापनों की इस कैटेगरी से करीब 7 अरब डॉलर की वार्षिक आमदनी कमाता है।
- Meta के कर्मचारियों ने आंतरिक तौर पे माना कि स्कैम विज्ञापन चलाने की वजह से शायद उन पे जुर्माना लगेगा, और उन्हें 1 अरब डॉलर तक के जुर्माने की आशंका है। लेकिन ये रकम स्कैम से होने वाली कमाई से काफी कम है।
Reuters ने जो तस्वीर पेश की है, वो साफ तौर पे एक ऐसे संगठन को दिखाएं कि वो लोगों की सुरक्षा समेत किसी भी कीमत पे मुनाफा कमाने को प्रतिबद्ध है। इन दस्तावेज़ों से जो मुख्य कहानी सामने आती है, वो ये है कि Meta ने ऑटोमैटिक स्कैम डिटेक्शन में निवेश नहीं किया, उपयोगकर्ताओं की स्कैम रिपोर्ट इग्नोर की, और बड़े “scammy” विज्ञापनदाताओं को प्रतिबंधित होने से पहले 500 से ज़्यादा स्ट्राइक जमा करने दिया।
शुक्र है कि आप Meta पे पर्सनलाइज़्ड विज्ञापन बंद कर सकते हैं, और हम ऐसा करने की सिफारिश करते हैं।
टारगेटेड विज्ञापन ऑनलाइन निजता को खराब करते हैं
Meta ही एकमात्र गैर-ज़िम्मेदार विज्ञापन प्लैटफॉर्म नहीं है। अपराधी Google(नई विंडो) पे फिशिंग विज्ञापनों का इस्तेमाल उन व्यक्तियों और व्यवसायों के प्रमाण चुराने के लिए करते हैं जो Google Ads के ज़रिए ही विज्ञापन देते हैं। नकली पैसे, क्लोन किए गए बैंक कार्ड और फर्ज़ी AirPods के विज्ञापन TikTok(नई विंडो) पे पाए गए हैं।
Big Tech के लिए स्कैम से मुनाफा कमाने का इंसेंटिव, ऐसा करने के जोखिम से ज़्यादा है। नियामकीय Big Tech के खिलाफ जुर्माने उनकी सालाना टर्नओवर का नगण्य प्रतिशत ही होते हैं।
लेकिन समस्या सिर्फ स्कैम विज्ञापनों की नहीं है। कानूनी चीज़ों और सेवाओं के पर्सनलाइज़्ड विज्ञापन भी उपभोक्ताओं के लिए खतरा हैं। टारगेटेड विज्ञापन कुकी का इस्तेमाल करके इंटरनेट पे आपकी हर गतिविधि को ट्रैक करते हैं। कुकी आपका नाम, आपका पता, आपका स्थान, जिस डिवाइस से आप ब्राउज़ कर रहे हैं, आपकी ब्राउज़िंग हिस्ट्री और भी बहुत कुछ इकट्ठा कर सकती हैं। भले ही आप अपने ब्राउज़र पे कुकी ब्लॉक कर दें, Google और Meta फिर भी आपको ट्रैक कर सकते हैं। वे विज्ञापनदाताओं और डेटा ब्रोकर के फायदे के लिए आपकी निजता का उल्लंघन करते हैं, और आपकी ऐसी प्रोफाइल बनाते हैं जिसका इस्तेमाल आपके ही खिलाफ हेरफेर और मुनाफे के लिए होता है।
इस रुझान को बदलने के लिए Proton जैसी कंपनियों द्वारा बनाए गए वैकल्पिक और नैतिक तौर पे बने टूल ज़रूरी हैं। हम सब जिस भविष्य की चाहत रखते हैं, वो वह है जहां हम एक-दूसरे पे भरोसा कर सकें और इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल कर सकें, बिना कॉर्पोरेट निगरानी और हैकर्स के खतरे के। अपने पर्सनल डाटा का नियंत्रण वापस लेना अल्पकाल में आपके लिए स्कैम वाले विज्ञापन रोकेगा, लेकिन ये दुनिया में भी सच्चा बदलाव लाता है। आपके डाटा के बिना, आप Big Tech की आप पे जासूसी करने की प्रेरणा हटा देते हैं, क्योंकि वे आपसे पैसे नहीं कमा सकते।
टारगेटेड विज्ञापनों से खुद को कैसे बचाएं
टारगेटेड विज्ञापन अपरिहार्य नहीं हैं। खुद को बचाने और मार्केटर्स तथा व्यवसायों को अपने बारे में जानकारी देना सीमित करने के लिए आप कई कदम उठा सकते हैं:
- हर उस प्लैटफॉर्म पे टारगेटेड विज्ञापन बंद करें जिसका आप इस्तेमाल करते हैं। आप सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के साथ-साथ न्यूज़ साइटों, सर्च इंजन और ऑनलाइन शॉपिंग प्लैटफॉर्म पे भी टारगेटेड विज्ञापन बंद कर सकते हैं, इसलिए जिन ऐप और साइटों को आप नियमित रूप से देखते हैं, उनकी निजता सेटिंग से खुद को परिचित करें और ये कैसे काम करते हैं इसके बारे में और जानें।
- अपने डिवाइस पे टारगेटेड विज्ञापन बंद करें। Windows, iOS और Android डिवाइस सब में निजता सेटिंग मौजूद हैं, जिन्हें आप विज्ञापन ट्रैकिंग को सीमित करने के लिए कॉन्फ़िगर कर सकते हैं।
- अपना IP पता और ब्राउज़िंग हिस्ट्री छिपा दें इसके लिए एक सुरक्षित VPN(नई विंडो) का इस्तेमाल करें, जिससे डेटा ब्रोकर और साइबर अपराधी आपकी प्रोफाइल नहीं बना पाएंगे। DNS फ़िल्टरिंग का इस्तेमाल करने वाले एड-ब्लॉकर(नई विंडो) से आप अपनी ब्राउज़िंग हिस्ट्री को मार्केटर्स से बचा सकते हैं।
- ऑनलाइन खाता बनाते समय hide-my-email नकली-नाम का इस्तेमाल करें, ताकि आपका प्राइवेट ईमेल छिपा रहे और आप स्पैम तथा फिशिंग स्कैम से सुरक्षित रहें।
याद रखें, अगर कोई सेवा मुफ्त है, तो आप ही प्रोडक्ट हैं। ऑनलाइन शेयर करने के लिए कहा जाने वाले डाटा से अवगत रहना और उसे सीमित करना, स्कैम और टारगेटेड विज्ञापनों से खुद को बचाने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। एक बेहतर इंटरनेट बनाने के लिए ज़रूरी है कि इतने सारे Big Tech प्लैटफॉर्म में बनी निगरानी का विरोध किया जाए। अपना कीमती डाटा सुरक्षित और निजी रखें।






